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Faridabad News: महिला स्वयं सहायता समूहों को डेयरी से मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी ग्रामीण आय
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जिले में नाबार्ड और एनआरएलएम से जुड़े हैं सैकड़ों समूह, साझा डेयरी योजना से मिल सकता है लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए डेयरी कारोबार रोजगार और आय का नया जरिया बन सकता है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए साझा डेयरी योजना के तहत विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पंचायती जमीन पर समूहों के लिए डेयरी शेड उपलब्ध कराने और पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा देने की योजना है। इससे जिले के नचौली, मुजैड़ी, मंझावली समेत अन्य गांवों में सक्रिय महिला समूहों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिले में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और नाबार्ड के माध्यम से सैकड़ों स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। अकेले नाबार्ड की ओर से नहर पार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में करीब 125 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। वहीं, एनआरएलएम के तहत भी जिले में महिला समूहों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार की नई योजना से इन समूहों को डेयरी कारोबार शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
पैक्स के माध्यम से डेयरी शुरू करने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि पैक्स के माध्यम से महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साझा डेयरी योजना के तहत समूहों को पशुपालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार मिलने के साथ परिवार की आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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दूध उत्पादकों की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी
सरकार ने दूध उत्पादकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की घोषणा की है। सर्दियों में मिलने वाली तीन रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर पांच रुपये और गर्मियों में पांच रुपये से बढ़ाकर सात रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन करीब पांच लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है।
700 वीटा बूथ खुले, 558 और खोलने की तैयारी
प्रदेश में 700 नए वीटा बूथ खोले जा चुके हैं। जल्द ही 318 और बूथ खोले जाएंगे, जबकि 240 बूथ खोलने की प्रक्रिया जारी है। इससे दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार रेवाड़ी के बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट स्थापित कर रही है। इसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर करने की योजना है। इसके अलावा जल्द ही आइसक्रीम का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए डेयरी कारोबार रोजगार और आय का नया जरिया बन सकता है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए साझा डेयरी योजना के तहत विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पंचायती जमीन पर समूहों के लिए डेयरी शेड उपलब्ध कराने और पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा देने की योजना है। इससे जिले के नचौली, मुजैड़ी, मंझावली समेत अन्य गांवों में सक्रिय महिला समूहों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिले में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और नाबार्ड के माध्यम से सैकड़ों स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। अकेले नाबार्ड की ओर से नहर पार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में करीब 125 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। वहीं, एनआरएलएम के तहत भी जिले में महिला समूहों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार की नई योजना से इन समूहों को डेयरी कारोबार शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
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पैक्स के माध्यम से डेयरी शुरू करने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि पैक्स के माध्यम से महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साझा डेयरी योजना के तहत समूहों को पशुपालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार मिलने के साथ परिवार की आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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दूध उत्पादकों की प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी
सरकार ने दूध उत्पादकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की घोषणा की है। सर्दियों में मिलने वाली तीन रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर पांच रुपये और गर्मियों में पांच रुपये से बढ़ाकर सात रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन करीब पांच लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है।
700 वीटा बूथ खुले, 558 और खोलने की तैयारी
प्रदेश में 700 नए वीटा बूथ खोले जा चुके हैं। जल्द ही 318 और बूथ खोले जाएंगे, जबकि 240 बूथ खोलने की प्रक्रिया जारी है। इससे दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार रेवाड़ी के बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट स्थापित कर रही है। इसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर करने की योजना है। इसके अलावा जल्द ही आइसक्रीम का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा।