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Faridabad News: बेटे ने शराब लाने से मना किया तो पड़ोसियों ने पिता को पीटा, मौत
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डबुआ थाना एरिया में तीन अक्तूबर को हुआ था झगड़ा, लाठी-डंडों से पीटने का आरोपी
परिजनों का आरोप पुलिस ने मामले में बरती लापरवाही, उचित धाराओं में नहीं दर्ज की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ थाना एरिया में बेटे ने शराब लाने से इंकार किया तो पड़ोसियों ने उसके पिता को लाठी-डंडों से पीट दिया। गंभीर हालत में उनको पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको ईएसआई अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त लक्ष्मण (56) के रूप में हुई है। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। परिवार ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामले में पुलिस ने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज नहीं की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण परिवार के साथ नेहरू काॅलोनी में रहते थे। इनके परिवार में दो बेटे नितिन, दीपक के अलावा अन्य सदस्य हैं। लक्ष्मण एक निजी स्कूल के बस चालक थे। बृहस्पतिवार शाम के समय इनका बेटा नितिन घर के पास टैंकर से पानी भरने जा रहा था। इस बीच उनके पड़ोसी अर्जुन ने नितिन से शराब लाने के लिए कहा। मना करने पर आरोपी उसको पीटने लगा। शोर सुनकर नितिन की बहन सुमन और पिता लक्ष्मण वहां पहुंच गए। उन्होंने नितिन को पीटने से मना किया। इस दौरान दूसरी ओर से अर्जुन के पिता सागर, दोस्त गोलू, राजू और अजय मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने लक्ष्मण और नितिन को पीटना शुरू कर दिया। हमले में लक्ष्मण बुरी तरह जख्मी हो गए। गंभीर हालत में उनको बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको दिल्ली रेफर किया गया। परिजन दिल्ली ले जाने के बजाए उनको ईएसआई अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार का आरोप है कि मारपीट के बाद पुलिस ने साधारण धाराओं में मामला दर्ज किया था। अब उनकी मौत के बाद पुलिस हत्या की धारा नहीं जोड़ रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया है। हमले के बाद से आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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तीन अक्तूबर की रात से पिता ईएसआई अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन पुलिस ने उनके पिता के बयान दर्ज नहीं किए, न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की, जिसके चलते आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि घटना की जानकारी पुलिस को तीन अक्तूबर को ही दी थी।
-दीपक, मृतक का बेटा
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परिजनों का आरोप पुलिस ने मामले में बरती लापरवाही, उचित धाराओं में नहीं दर्ज की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ थाना एरिया में बेटे ने शराब लाने से इंकार किया तो पड़ोसियों ने उसके पिता को लाठी-डंडों से पीट दिया। गंभीर हालत में उनको पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको ईएसआई अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त लक्ष्मण (56) के रूप में हुई है। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। परिवार ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामले में पुलिस ने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज नहीं की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण परिवार के साथ नेहरू काॅलोनी में रहते थे। इनके परिवार में दो बेटे नितिन, दीपक के अलावा अन्य सदस्य हैं। लक्ष्मण एक निजी स्कूल के बस चालक थे। बृहस्पतिवार शाम के समय इनका बेटा नितिन घर के पास टैंकर से पानी भरने जा रहा था। इस बीच उनके पड़ोसी अर्जुन ने नितिन से शराब लाने के लिए कहा। मना करने पर आरोपी उसको पीटने लगा। शोर सुनकर नितिन की बहन सुमन और पिता लक्ष्मण वहां पहुंच गए। उन्होंने नितिन को पीटने से मना किया। इस दौरान दूसरी ओर से अर्जुन के पिता सागर, दोस्त गोलू, राजू और अजय मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने लक्ष्मण और नितिन को पीटना शुरू कर दिया। हमले में लक्ष्मण बुरी तरह जख्मी हो गए। गंभीर हालत में उनको बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनको दिल्ली रेफर किया गया। परिजन दिल्ली ले जाने के बजाए उनको ईएसआई अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
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सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार का आरोप है कि मारपीट के बाद पुलिस ने साधारण धाराओं में मामला दर्ज किया था। अब उनकी मौत के बाद पुलिस हत्या की धारा नहीं जोड़ रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया है। हमले के बाद से आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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तीन अक्तूबर की रात से पिता ईएसआई अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन पुलिस ने उनके पिता के बयान दर्ज नहीं किए, न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की, जिसके चलते आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि घटना की जानकारी पुलिस को तीन अक्तूबर को ही दी थी।
-दीपक, मृतक का बेटा