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Faridabad News: यह कैसी व्यवस्था, बाहर से खरीदनी पड़ती हैं ज्यादातर दवाएं

Thu, 06 Nov 2025 11:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:58 PM IST
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What kind of system is this, most of the medicines have to be purchased from outside.
डबुआ कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति बदहाल, न डॉक्टर न दवा, मरीज परेशान
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के तमाम दावों के बीच डबुआ कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति बदहाल नजर आई। गुरुवार को चिकित्सा प्रभारी डॉ. जतिंदर मौके पर मौजूद नहीं थे। केंद्र की सारी सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) हड़ताल पर थीं। इलाज के लिए आई महिलाएं और मरीज केंद्र की अव्यवस्था से खासे परेशान दिखे।


इलाज और दवा वितरण को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। महिलाओं ने कहा कि डॉक्टर के न होने से उन्हें कई बार बिना जांच कराए ही लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि केंद्र पर सीमित दवाएं ही उपलब्ध होती हैं। मरीजों ने बताया कि यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। केंद्र में लगा वाटर कूलर काफी दिनों से खराब पड़ा है। वहीं शौचालय की हालत अत्यंत खराब है। हालांकि केंद्र परिसर में स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है।
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नहीं मिलती सही जानकारी
अपनी बहू का इलाज कराने आई उर्मिला शर्मा ने बताया कि यहां पर किसी चीज की सही जानकारी नहीं मिलती। स्टाफ टालमटोल करता है। उन्होंने कहा कि यहां शौचालय की हालत खराब है। यहां सैकड़ों महिलाएं प्रतिदिन इलाज के लिए आती हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कई बार यूरिन जांच के लिए सेंपल देने के लिए मजबूरन महिलाओं को ना चाहते हुए शौचालय में जाना पड़ता है। डबुआ कॉलोनी की रहने वाली माया देवी अपनी गर्भवती बहू की रूटीन जांच के लिए केंद्र पर आईं थी। यहां पर कर्मचारी सही चीज के बारे में जानकारी नहीं देते। इधर से उधर दौड़ाते हैं। यहां पूरी दवा भी नहीं मिल पाती।
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कई मरीजों को नहीं मिली एक भी दवा
वहीं डबुआ कॉलोनी की ही रहने वाली बिमला देवी ने बताया कि वह जितनी बार यहां आती हैं, शायद ही कभी पूरी दवा मिली है। प्रीति ने बताया कि उन्हें एक भी दवा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वह यहां 10 दिन पहले भी आईं थीं तब भी एक भी दवा नहीं मिली थी। वहीं डबुआ कॉलोनी की रवीना को भी एक भी दवा नहीं मिल पाई। सात महीने की गर्भवती सोनिया को आयरन और कैल्शियम की दवा नहीं मिली। उन्होंने बताया कि यहां पर दवाई को लेकर अनिश्चितता रहती है। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन से काफी नाराज है। निवासियों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि डबुआ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नियमित रूप से डॉक्टर की तैनाती, स्वच्छता व्यवस्था में सुधार और जरूरी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।


समय पर दवाइयों की आपूर्ति करते रहते हैं
डॉक्टर को हमने मीटिंग के लिए बुलाया था। रही बात दवाइयों की तो स्टॉक खत्म होता रहता है और हम समय पर दवाइयों की आपूर्ति करते रहते हैं। ऐसा नहीं है कि हमेशा ही कोई दवाई उपलब्ध न हो। जो दवाई खत्म होगी और पोर्टल पर चढ़ी होगी, उसका नॉन-अवेलबिलिटी सर्टिफिकेट (एनएसी) जनरेट हो जाता है। इसके बाद हेडक्वार्टर से दवाइयां भेज दी जाती हैं। डबुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर के रिनोवेशन का काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई है। यह लंबे समय से अटका पड़ा था हालांकि हमने काम शुरू करा दिया है और यह जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद प्रसाधन की सेवा भी सुचारू हो जाएगी। - डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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