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विजिलेंस की टीम ने सब इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते पकड़ा
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Vigilance team caught Sub Inspector taking bribe
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फरीदाबाद। विजलेंस की टीम ने सेंट्रल थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर उनका दोस्त बनकर टीम थाने पर पहुंची थी।
तिगांव निवासी अधिवक्ता नरेंद्र नागर ने बताया कि 17 जनवरी को सेंट्रल थाना क्षेत्र में उनके साथ लूट और मारपीट की घटना हुई थी।
वारदात की शिकायत पर सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू किया था। आरोप है कि मामले के चालान की फोटो कॉपी कराने, किसी और को रिश्वत देने और चालान अदालत में पेश करने के नाम पर सब इंस्पेक्टर जयचंद ने उनसे 1000 रुपये की मांग की थी। अधिवक्ता ने बताया कि विरोध करते हुए उन्होंने सब इंस्पेक्टर को समझाने की काफी कोशिश की थी। लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना विजिलेंस के अधिकारियों को दी। थाने में अधिवक्ता ने टीम का परिचय अपने दोस्त के रूप में दिया। उसके बाद एक हजार रुपये सब इंस्पेक्टर को दे दिए। नोटों पर निशान लगे हुए थे। जयचंद ने जैसे ही रुपये अपने हाथ में लिए मौके पर खड़ी टीम ने सब इंस्पेक्टर को पकड़ लिया।
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तिगांव निवासी अधिवक्ता नरेंद्र नागर ने बताया कि 17 जनवरी को सेंट्रल थाना क्षेत्र में उनके साथ लूट और मारपीट की घटना हुई थी।
वारदात की शिकायत पर सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू किया था। आरोप है कि मामले के चालान की फोटो कॉपी कराने, किसी और को रिश्वत देने और चालान अदालत में पेश करने के नाम पर सब इंस्पेक्टर जयचंद ने उनसे 1000 रुपये की मांग की थी। अधिवक्ता ने बताया कि विरोध करते हुए उन्होंने सब इंस्पेक्टर को समझाने की काफी कोशिश की थी। लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना विजिलेंस के अधिकारियों को दी। थाने में अधिवक्ता ने टीम का परिचय अपने दोस्त के रूप में दिया। उसके बाद एक हजार रुपये सब इंस्पेक्टर को दे दिए। नोटों पर निशान लगे हुए थे। जयचंद ने जैसे ही रुपये अपने हाथ में लिए मौके पर खड़ी टीम ने सब इंस्पेक्टर को पकड़ लिया।
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