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Faridabad News: मंदिरों के सामने थम रही वाहनों की रफ्तार
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सेक्टर-आठ, हाईवे बाटा मोड़ से लेकर एनआईटी-एक और सूरजकुंड रोड तक श्रद्धालुओं के वाहनों से लग रहा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। कई प्रमुख मंदिर ऐसे स्थानों पर हैं, जहां पहले से ही सड़क की चौड़ाई सीमित है। ऐसे में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन सड़क किनारे खड़े होते ही यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है और वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है।
शहर के सेक्टर-आठ स्थित हनुमान मंदिर, हाईवे बाटा मोड़ के पास मंदिर, एनआईटी-एक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर और काली माता मंदिर के आसपास अक्सर वाहनों की भीड़ देखने को मिलती है। इन स्थानों पर मंदिर के बाहर वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालु सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़क का एक हिस्सा पार्किंग में बदल जाता है और बाकी हिस्से से ही वाहनों की आवाजाही होती है। सूरजकुंड रोड स्थित सिद्धदाता आश्रम में रविवार और विशेष आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में कार और दोपहिया वाहन पहुंचने से सूरजकुंड रोड पर यातायात दबाव बढ़ जाता है। रविवार को भी यहां काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाहनों की भीड़ और सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। इसी तरह बल्लभगढ़ स्थित शनिदेव मंदिर के आसपास भी विशेष दिनों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
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अजरौंदा के पास भी बनी रहती है समस्या
दिल्ली-आगरा हाईवे पर अजरौंदा पुल के पास माखन मिश्री मंदिर के आसपास भी आए दिन वाहनों का दबाव बना रहता है। हाईवे जैसा व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां सड़क किनारे वाहन खड़े होने से समस्या और बढ़ जाती है। मंदिरों में विशेष आयोजन होने पर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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न मंदिर समितियों की व्यवस्था, न ट्रैफिक पुलिस की तैनाती
मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए न तो नियमित रूप से सेवादार तैनात किए जाते हैं और न ही सभी प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी रहती है। मंदिर प्रबंधन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने की व्यवस्था की जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, विशेष अवसरों पर ट्रैफिक पुलिस की अस्थायी तैनाती और पार्किंग के लिए अलग स्थान चिन्हित करने की जरूरत है। इससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं होगी और आम वाहन चालकों की रफ्तार भी प्रभावित नहीं होगी।
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क्या कहते हैं लोग
सेक्टर-आठ हनुमान मंदिर के आस-पास मंगलवार को जाम के हालात बन जाते हैं। यहां ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। वाहनों के खड़े होने से समस्या ज्यादा गहरा जाती है। - कविता, सेक्टर-सात
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ट्रैफिक थाना और अजरौंदा के पास दो मंदिर हैं। दोनों के पास श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण ट्रैफिक रेंगने लगता है। किसी विशेष मौके पर ज्यादा दिक्कत होती है। - जगदेव मुदगिल, ग्रेटर फरीदाबाद
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। कई प्रमुख मंदिर ऐसे स्थानों पर हैं, जहां पहले से ही सड़क की चौड़ाई सीमित है। ऐसे में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन सड़क किनारे खड़े होते ही यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है और वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है।
शहर के सेक्टर-आठ स्थित हनुमान मंदिर, हाईवे बाटा मोड़ के पास मंदिर, एनआईटी-एक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर और काली माता मंदिर के आसपास अक्सर वाहनों की भीड़ देखने को मिलती है। इन स्थानों पर मंदिर के बाहर वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालु सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़क का एक हिस्सा पार्किंग में बदल जाता है और बाकी हिस्से से ही वाहनों की आवाजाही होती है। सूरजकुंड रोड स्थित सिद्धदाता आश्रम में रविवार और विशेष आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में कार और दोपहिया वाहन पहुंचने से सूरजकुंड रोड पर यातायात दबाव बढ़ जाता है। रविवार को भी यहां काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाहनों की भीड़ और सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। इसी तरह बल्लभगढ़ स्थित शनिदेव मंदिर के आसपास भी विशेष दिनों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
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अजरौंदा के पास भी बनी रहती है समस्या
दिल्ली-आगरा हाईवे पर अजरौंदा पुल के पास माखन मिश्री मंदिर के आसपास भी आए दिन वाहनों का दबाव बना रहता है। हाईवे जैसा व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां सड़क किनारे वाहन खड़े होने से समस्या और बढ़ जाती है। मंदिरों में विशेष आयोजन होने पर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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न मंदिर समितियों की व्यवस्था, न ट्रैफिक पुलिस की तैनाती
मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए न तो नियमित रूप से सेवादार तैनात किए जाते हैं और न ही सभी प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी रहती है। मंदिर प्रबंधन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने की व्यवस्था की जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, विशेष अवसरों पर ट्रैफिक पुलिस की अस्थायी तैनाती और पार्किंग के लिए अलग स्थान चिन्हित करने की जरूरत है। इससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं होगी और आम वाहन चालकों की रफ्तार भी प्रभावित नहीं होगी।
क्या कहते हैं लोग
सेक्टर-आठ हनुमान मंदिर के आस-पास मंगलवार को जाम के हालात बन जाते हैं। यहां ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। वाहनों के खड़े होने से समस्या ज्यादा गहरा जाती है। - कविता, सेक्टर-सात
ट्रैफिक थाना और अजरौंदा के पास दो मंदिर हैं। दोनों के पास श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण ट्रैफिक रेंगने लगता है। किसी विशेष मौके पर ज्यादा दिक्कत होती है। - जगदेव मुदगिल, ग्रेटर फरीदाबाद