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Faridabad News: दूषित पानी में तैर रही सब्जियां, डबुआ मंडी में जलभराव से परेशानी
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डबुआ मंडी में गंदे पानी में तैर रही सब्जियां। स्त्रोत- संवाद
मंडी की गंदगी से व्यापार पर हो रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश के बाद डबुआ सब्जी मंडी में जलभराव -कीचड़ ने दुकानदारों, व्यापारियों और खरीदारों की परेशानी बढ़ा दी है। मंडी परिसर में चारों तरफ दूषित पानी जमा होने से जगह-जगह कीचड़, गंदगी और दुर्गंध का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आ रही हैं। इससे मंडी में आने वाले लोगों को संक्रमण और बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
आढ़तियों के अनुसार, बारिश होते ही मंडी में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक मंडी परिसर में पानी जमा रहता है। जलभराव के साथ कूड़ा-कचरा भी पानी में मिल जाता है। यही गंदा पानी सब्जियों तक पहुंच रहा है। कई जगह सब्जियों की बोरियां और क्रेट भी गंदे पानी के बीच रखे जाने को मजबूर हैं। इन सब्जियों को खाने वाले लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मंडी में आने वाले ग्राहकों को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे फिसलने का खतरा बना रहता है। वहीं, दुर्गंध के कारण व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी है। आढ़तियों का कहना है कि जलभराव का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बारिश के बाद मंडी में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे बिक्री करीब 30 प्रतिशत तक घट गई है। आढ़तियों के अनुसार, गंदे पानी के कारण सब्जियों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है और नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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क्या कहते है आढ़ती-
बारिश के बाद पूरी मंडी में पानी भर जाता है। दूषित पानी के बीच सब्जियां रखने से उनका कारोबार प्रभावित होता है और ग्राहक भी कम आ रहे हैं। इससे आमदनी भी कम हो गई हैै। - अनिल, आढ़ती
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जलभराव के कारण बिक्री करीब 30 प्रतिशत तक घट गई है। दुर्गंध और गंदगी से भी परेशानी बनी हुई है। शिकायत के बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है । - सोनू, आढ़ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश के बाद डबुआ सब्जी मंडी में जलभराव -कीचड़ ने दुकानदारों, व्यापारियों और खरीदारों की परेशानी बढ़ा दी है। मंडी परिसर में चारों तरफ दूषित पानी जमा होने से जगह-जगह कीचड़, गंदगी और दुर्गंध का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आ रही हैं। इससे मंडी में आने वाले लोगों को संक्रमण और बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
आढ़तियों के अनुसार, बारिश होते ही मंडी में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक मंडी परिसर में पानी जमा रहता है। जलभराव के साथ कूड़ा-कचरा भी पानी में मिल जाता है। यही गंदा पानी सब्जियों तक पहुंच रहा है। कई जगह सब्जियों की बोरियां और क्रेट भी गंदे पानी के बीच रखे जाने को मजबूर हैं। इन सब्जियों को खाने वाले लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मंडी में आने वाले ग्राहकों को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे फिसलने का खतरा बना रहता है। वहीं, दुर्गंध के कारण व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी है। आढ़तियों का कहना है कि जलभराव का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बारिश के बाद मंडी में कीचड़ और जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे बिक्री करीब 30 प्रतिशत तक घट गई है। आढ़तियों के अनुसार, गंदे पानी के कारण सब्जियों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है और नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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क्या कहते है आढ़ती-
बारिश के बाद पूरी मंडी में पानी भर जाता है। दूषित पानी के बीच सब्जियां रखने से उनका कारोबार प्रभावित होता है और ग्राहक भी कम आ रहे हैं। इससे आमदनी भी कम हो गई हैै। - अनिल, आढ़ती
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जलभराव के कारण बिक्री करीब 30 प्रतिशत तक घट गई है। दुर्गंध और गंदगी से भी परेशानी बनी हुई है। शिकायत के बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है । - सोनू, आढ़ती