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Faridabad News: जिले में विकसित होगा शहरी वन, स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे लोग
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तापमान कम होगा और लोगों को सैर, योग और प्रकृति से जुड़ने का मिलेगा मौका
बाईपास रोड के साथ 10 एकड़ में विकसित किया जाएगा शहरी वन
सालाना 20 से 25 लाख लीटर वर्षा जल यहां जमीन में समाहित होगा
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। हवा को स्वच्छ और शहर को हरा भरा बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। बाईपास रोड के साथ मास्टर रोड की ग्रीन बेल्ट में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में शहरी वन विकसित किया जाएगा। यह वन क्षेत्र न केवल पर्यावरण सुधार का साधन बनेगा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
इस शहरी वन में बड़ी संख्या में छायादार और ऑक्सीजन उत्सर्जक पौधे लगाए जाएंगे। इनमें नीम, पीपल, अर्जुन, कचनार, गुलमोहर जैसी देशी प्रजातियों के पौधे प्रमुख होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पौधे वायु में मौजूद जहरीले कणों को सोखने और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस ग्रीन बेल्ट से आसपास के रिहायशी इलाकों में धूल और धुएं का असर घटेगा। यहां रहने वाले बच्चे, बुजुर्ग और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। इसके अलावा गर्मियों में तापमान नियंत्रित करने में भी हरियाली बड़ी मददगार होगी। माना जा रहा है कि इस वन क्षेत्र के विकसित होने से कम से कम 3 से 4 डिग्री तक स्थानीय तापमान में कमी महसूस होगी।
वन्य जीवों के लिए भी बनेंगे आश्रय स्थल
परियोजना का एक बड़ा उद्देश्य शहर के लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। अधिकारियों ने बताया कि यह वन क्षेत्र केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां प्रकृति पथ बनाए जाएंगे, ताकि लोग सुबह-शाम सैर कर सकें। बच्चों के लिए ओपन एयर क्लासरूम, पक्षी अवलोकन क्षेत्र और वन्य जीवों के लिए छोटे आश्रय स्थल भी बनाए जाएंगे। इससे स्कूली बच्चों को प्रकृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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एचएसवीपी बनाएगा मॉडल ग्रीन जोन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का लक्ष्य इस क्षेत्र को फरीदाबाद का मॉडल ग्रीन जोन बनाना है, जहां नागरिक पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों में हिस्सा ले सकें। भविष्य में यहां योग व मेडिटेशन सत्र आयोजित करने की भी योजना है। इससे शहरी जीवन की भागदौड़ में मानसिक स्वास्थ्य को भी राहत मिलेगी।
स्वच्छ हवा के साथ बढ़ेगा भूजल स्तर
पर्यावरणविदों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में ऐसे वन विकसित करना समय की मांग है। लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और कंक्रीट के जंगलों के बीच हरियाली का यह प्रयास न केवल हवा को स्वच्छ करेगा, बल्कि भूजल रिचार्ज में भी योगदान देगा। अनुमान है कि सालाना 20 से 25 लाख लीटर वर्षा जल यहां जमीन में समाहित होगा।
कुछ महीनों में पौधरोपण का काम हो जाएगा
अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ महीनों में पौधरोपण का काम पूरा कर लिया जाएगा। मानसून के दौरान पौधों की जड़ें मजबूत होने पर उन्हें नियमित देखरेख के लिए समर्पित टीम नियुक्त की जाएगी। एक वर्ष तक पौधों का रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि हर पौधा सुरक्षित और विकसित हो सके। विभाग के अनुसार, निजी एजेंसी की मदद लेकर वन क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी को भी मिलेगा लाभ
लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह है। उनका मानना है कि शहरी वन के रूप में यह ग्रीन बेल्ट आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरा भरा वातावरण सुनिश्चित करेगी। एक बार शहरी वन विकसित होने के बाद लंबे समय तक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। लोगों ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। जानकारों का कहना है कि यह कदम पर्यावरण के लिहाज से काफी प्रभावी साबित होगा।
फरीदाबाद के विकास के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी के साथ हरित क्षेत्र को भी विकसित किया जा रहा है।
-एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एचएसवीपी, संदीप दहिया
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बाईपास रोड के साथ 10 एकड़ में विकसित किया जाएगा शहरी वन
सालाना 20 से 25 लाख लीटर वर्षा जल यहां जमीन में समाहित होगा
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। हवा को स्वच्छ और शहर को हरा भरा बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। बाईपास रोड के साथ मास्टर रोड की ग्रीन बेल्ट में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में शहरी वन विकसित किया जाएगा। यह वन क्षेत्र न केवल पर्यावरण सुधार का साधन बनेगा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
इस शहरी वन में बड़ी संख्या में छायादार और ऑक्सीजन उत्सर्जक पौधे लगाए जाएंगे। इनमें नीम, पीपल, अर्जुन, कचनार, गुलमोहर जैसी देशी प्रजातियों के पौधे प्रमुख होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पौधे वायु में मौजूद जहरीले कणों को सोखने और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस ग्रीन बेल्ट से आसपास के रिहायशी इलाकों में धूल और धुएं का असर घटेगा। यहां रहने वाले बच्चे, बुजुर्ग और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। इसके अलावा गर्मियों में तापमान नियंत्रित करने में भी हरियाली बड़ी मददगार होगी। माना जा रहा है कि इस वन क्षेत्र के विकसित होने से कम से कम 3 से 4 डिग्री तक स्थानीय तापमान में कमी महसूस होगी।
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वन्य जीवों के लिए भी बनेंगे आश्रय स्थल
परियोजना का एक बड़ा उद्देश्य शहर के लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। अधिकारियों ने बताया कि यह वन क्षेत्र केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां प्रकृति पथ बनाए जाएंगे, ताकि लोग सुबह-शाम सैर कर सकें। बच्चों के लिए ओपन एयर क्लासरूम, पक्षी अवलोकन क्षेत्र और वन्य जीवों के लिए छोटे आश्रय स्थल भी बनाए जाएंगे। इससे स्कूली बच्चों को प्रकृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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एचएसवीपी बनाएगा मॉडल ग्रीन जोन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का लक्ष्य इस क्षेत्र को फरीदाबाद का मॉडल ग्रीन जोन बनाना है, जहां नागरिक पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों में हिस्सा ले सकें। भविष्य में यहां योग व मेडिटेशन सत्र आयोजित करने की भी योजना है। इससे शहरी जीवन की भागदौड़ में मानसिक स्वास्थ्य को भी राहत मिलेगी।
स्वच्छ हवा के साथ बढ़ेगा भूजल स्तर
पर्यावरणविदों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में ऐसे वन विकसित करना समय की मांग है। लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और कंक्रीट के जंगलों के बीच हरियाली का यह प्रयास न केवल हवा को स्वच्छ करेगा, बल्कि भूजल रिचार्ज में भी योगदान देगा। अनुमान है कि सालाना 20 से 25 लाख लीटर वर्षा जल यहां जमीन में समाहित होगा।
कुछ महीनों में पौधरोपण का काम हो जाएगा
अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ महीनों में पौधरोपण का काम पूरा कर लिया जाएगा। मानसून के दौरान पौधों की जड़ें मजबूत होने पर उन्हें नियमित देखरेख के लिए समर्पित टीम नियुक्त की जाएगी। एक वर्ष तक पौधों का रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि हर पौधा सुरक्षित और विकसित हो सके। विभाग के अनुसार, निजी एजेंसी की मदद लेकर वन क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी को भी मिलेगा लाभ
लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह है। उनका मानना है कि शहरी वन के रूप में यह ग्रीन बेल्ट आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरा भरा वातावरण सुनिश्चित करेगी। एक बार शहरी वन विकसित होने के बाद लंबे समय तक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। लोगों ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। जानकारों का कहना है कि यह कदम पर्यावरण के लिहाज से काफी प्रभावी साबित होगा।
फरीदाबाद के विकास के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी के साथ हरित क्षेत्र को भी विकसित किया जा रहा है।
-एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एचएसवीपी, संदीप दहिया