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वैक्सीन नहीं लगने पर एसएमओ दफ्तर के बाहर हंगामा
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बल्लभगढ़। उप नागरिक अस्पताल में कई दिनों तक चक्कर लगाने के बावजूद लोगों को टीके नहीं लग रहे हैं। इस कारण लोग परेशान हैं। बृहस्पतिवार को वैक्सीन नहीं लगने पर उन्होंने एसएमओ ऑफिस के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि मौके पर मौजूद अस्पताल के कर्मचारियों ने कर्मियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
लोगों का कहना है कि अपने काम छोड़कर वैक्सीन लगवाने को भटक रहे है। उसके बाद भी कुछ ही लोगों को टीका लगाकर बाकी लोगों को मना कर दिया जाता है। अस्पताल में सुबह छह बजे आकर लाइन लगा लेते हैं, लेकिन टोकन तक नहीं मिल पा रहा है। टीके लगवाने में सर्वाधिक फैक्ट्रियां में काम करने वाले लोग शामिल हैं, क्योंकि फैक्ट्रियां में बगैर वैक्सीन लगवाए प्रवेश नहीं दिया जा रहा। बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में कुछ ऐसा ही हाल था। सुबह दस बजे तक वैक्सीन नहीं लगने की सूचना मिली, तो लोगों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों से भी नोकझोंक हो गई। अस्पताल कर्मियों के समझाने पर लोग शांत हो गए और वापस लौट गए।
वर्जन-
एक सप्ताह से टीके लगवाने के लिए आ रहा हूं, इसके बिना फैक्ट्री में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। अब पेट भरने के मेहनत करूं या फिर टीके लगवाने के रोज आऊं। - रमेश, आदर्श नगर
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जब अस्पतालकर्मियों से टोकन लेने के लिए को पहुंचते हैं, तो वहां से मना कर दिया जाता है। एसएमओ बाहर निकलकर जवाब देने तक नहीं आते है। टीके के साथ बच्ची की कोरोना जांच करवाने के आया था। लेकिन दोनों काम नही हो पाए। - धीरेंद्र सिंह, सेक्टर-3
लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं, लेकिन जितनी डोज बीके अस्पताल से मिलती है। उतनी लोगों को लगाई जा रहा है। बाकी अभी ज्यादा डोज मंगवाने के लिए बात कर रहे हैं। - डॉ. डीसी गिडवाल, एसएमओ बल्लभगढ़
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लोगों का कहना है कि अपने काम छोड़कर वैक्सीन लगवाने को भटक रहे है। उसके बाद भी कुछ ही लोगों को टीका लगाकर बाकी लोगों को मना कर दिया जाता है। अस्पताल में सुबह छह बजे आकर लाइन लगा लेते हैं, लेकिन टोकन तक नहीं मिल पा रहा है। टीके लगवाने में सर्वाधिक फैक्ट्रियां में काम करने वाले लोग शामिल हैं, क्योंकि फैक्ट्रियां में बगैर वैक्सीन लगवाए प्रवेश नहीं दिया जा रहा। बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में कुछ ऐसा ही हाल था। सुबह दस बजे तक वैक्सीन नहीं लगने की सूचना मिली, तो लोगों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों से भी नोकझोंक हो गई। अस्पताल कर्मियों के समझाने पर लोग शांत हो गए और वापस लौट गए।
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वर्जन-
एक सप्ताह से टीके लगवाने के लिए आ रहा हूं, इसके बिना फैक्ट्री में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। अब पेट भरने के मेहनत करूं या फिर टीके लगवाने के रोज आऊं। - रमेश, आदर्श नगर
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जब अस्पतालकर्मियों से टोकन लेने के लिए को पहुंचते हैं, तो वहां से मना कर दिया जाता है। एसएमओ बाहर निकलकर जवाब देने तक नहीं आते है। टीके के साथ बच्ची की कोरोना जांच करवाने के आया था। लेकिन दोनों काम नही हो पाए। - धीरेंद्र सिंह, सेक्टर-3
लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं, लेकिन जितनी डोज बीके अस्पताल से मिलती है। उतनी लोगों को लगाई जा रहा है। बाकी अभी ज्यादा डोज मंगवाने के लिए बात कर रहे हैं। - डॉ. डीसी गिडवाल, एसएमओ बल्लभगढ़