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Faridabad News: आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में नहीं मिला उपचार

Wed, 02 Sep 2026 12:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:28 AM IST
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Treatment not received in private hospitals under the Ayushman scheme.
एक से दूसरे अस्पताल भटकते रहे मरीज, थक-हारकर कुछ मरीज जिला अस्पताल पहुंचे
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भुगतान नही होने के कारण निजी अस्पतालों ने 24 घंटे नहीं किया मरीजों का इलाज

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को मंगलवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं मिलने के बाद कई मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटते रहे। आखिरकार थक-हारकर कुछ मरीज बीके अस्पताल पहुंचे। जहां केवल दवाई लेकर मरीज वापस लौट गए।

मरीजों ने बताया कि वे सुबह से एक से दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए गए, लेकिन कहीं इलाज नहीं मिला, जिसके बाद वे बीके अस्पताल पहुंचे, जहां दवाई लेकर वे वापस घर लौट गए। इन मरीजों ने बुधवार को दोबारा निजी अस्पताल जाकर उपचार कराने की बात कही। वहीं, कई मरीज ऐसे भी रहे, जिन्हें निजी अस्पताल से बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ा।
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आईएमए की ओर से 24 घंटे बंद रखी गई सेवा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से आयुष्मान योजना के तहत मंगलवार को 24 घंटे के लिए निजी अस्पतालों में सेवाएं बंद रखी गईं। आईएमए ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 15 सितंबर तक अस्पतालों का बकाया भुगतान नहीं किया गया तो 16 सितंबर से आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी। इससे मरीजों के सामने उपचार को लेकर संकट और बढ़ सकता है। जिले में योजना के तहत 39 अस्पताल पैनल में शामिल हैं, जिनमें 16 निजी अस्पताल हैं। आईएमए के अनुसार, जिले के निजी अस्पतालों का करीब 22 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है।
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बार-बार आश्वासन के बावजूद नहीं हुआ भुगतान

आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि बकाया भुगतान को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। हर बार जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रदेशभर के करीब 650 अस्पतालों का लगभग 1200 करोड़ रुपये बकाया बताया जा रहा है।

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मरीजों से बातचीत


मैं काफी दूर से निजी अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। वहां आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं मिला तो बीके अस्पताल पहुंचीं। यहां जांच के बाद दवाई देकर मुझे घर भेज दिया गया। - कलंदरी


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मुझे कमर की हड्डी में परेशानी है। मैं उपचार के लिए निजी अस्पताल गई थी लेकिन वहां इलाज करने से मना कर दिया गया। इसके बाद मैंने बीके अस्पताल से दवाई ली। अब बुधवार को निजी अस्पताल जाकर उपचार कराउंगी। - मंजू
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