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Faridabad News: मेले में ट्रांसजेंडर शिल्पकार को भी मिल रहा कला का प्रर्दशन करने का मौका
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सूरजकुंड मेले में ट्रांसजेंडर शिल्पकार को भी अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका मिल रहा है। मेले में पहुंची राशि साहू ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली हैं। मेले में हैंडमेड ज्वैलरी, टोट बैग और पेंटिंग लेकर आई है। राशि साहू ने बताया कि वह मूल रूप से उड़ीसा की रहने वाली हैं लेकिन बीते 25 वर्षों से दिल्ली पालम विहार में रह रही हैं। ट्रांसजेंडर होने की वजह से उनको किसी भी निजी स्कूल में दाखिला नहीं मिला। इसलिए उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की। उनका सपना था कि वह खुद का कोई व्यापार करें। उसी के चलते उन्होंने दो साल पहले राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निस्बड) से जुड़कर ज्वैलरी बनाना सीखा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजाइन, पैकेजिंग और ग्राहक संवाद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई समझ मिली।
उसके बाद उन्होंने अपनी मां झरना साहू के नाम पर द झरना हैंडीक्राफ्ट वेबसाइट बनाई। निस्बड के सहयोग से राशि साहू भारत मंडपम में भी प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। उनकी ओर से बनाए गए उत्पादों को लोगों काफी पसंद कर रहे है।
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बल्लभगढ़। सूरजकुंड मेले में ट्रांसजेंडर शिल्पकार को भी अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका मिल रहा है। मेले में पहुंची राशि साहू ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली हैं। मेले में हैंडमेड ज्वैलरी, टोट बैग और पेंटिंग लेकर आई है। राशि साहू ने बताया कि वह मूल रूप से उड़ीसा की रहने वाली हैं लेकिन बीते 25 वर्षों से दिल्ली पालम विहार में रह रही हैं। ट्रांसजेंडर होने की वजह से उनको किसी भी निजी स्कूल में दाखिला नहीं मिला। इसलिए उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की। उनका सपना था कि वह खुद का कोई व्यापार करें। उसी के चलते उन्होंने दो साल पहले राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निस्बड) से जुड़कर ज्वैलरी बनाना सीखा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजाइन, पैकेजिंग और ग्राहक संवाद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई समझ मिली।
उसके बाद उन्होंने अपनी मां झरना साहू के नाम पर द झरना हैंडीक्राफ्ट वेबसाइट बनाई। निस्बड के सहयोग से राशि साहू भारत मंडपम में भी प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। उनकी ओर से बनाए गए उत्पादों को लोगों काफी पसंद कर रहे है।
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