Tokyo Paralympic 2020: स्वर्ण पदक जीतने वाले मनीष नरवाल ने 2016 में किया खेलों का रुख, फिर कभी नहीं देखा पीछे
मनीष ने 2016 में खेलों की ओर रुख किया। मनीष नरवाल ने इससे पूर्व पैराएशियन गेम्स में गोल्ड जीता था। उनकी इस जीत के बाद पैरालंपिक में भारत ने कुल दो गोल्ड मेडल जीत लिए हैं।
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टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए फरीदाबाद के मनीष नरवाल ने पुरुषों की 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसी स्पर्धा में सिंहराज अधाना ने रजत पदक भी जीता है। मनीष नरवाल मूलरूप से सोनीपत के हैं, जो कई वर्षों से फरीदाबाद में रह रहे हैं और अब यही उनका स्थाई निवास है। वहीं, अधाना मूलरूप से फरीदाबाद के तिगांव निवासी हैं। जो मौजूदा समय में बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव में रहते हैं।
दोनों खिलाड़ियों से जिले को काफी उम्मीदें थीं। अलग-अलग स्तर पर खिलाड़ियों से जुड़े लोगों के साथ ही देश को भी उनसे काफी उम्मीदें थीं। अब स्वर्ण और रजत पदक जीतकर दोनों ने देश को गौरव का क्षण महसूस कराया है। मनीष ने 2016 में खेलों की ओर रुख किया। मनीष नरवाल ने इससे पूर्व पैराएशियन गेम्स में गोल्ड जीता था। इसके बाद से ही उनसे खेल प्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ गईं थीं। आज पदक जीतकर उन उम्मीदों को पूरा कर दिया है।
मनीष की जीत से उनके माता-पिता काफी खुश हैं। उनके पिता दिलबाग नरवाल ने बताया कि यह देश के लिए गौरव की बात है। उसके दाहिने हाथ में समस्या थी तो उसने डेढ़ साल तक बाएं हाथ से अभ्यास किया और नेशनल के लिए उसका चयन हो गया। मैं आशा करता हूं कि मनीष मेडल जीतता रहे।
अपने बेटे की जीत की खुशी में फूली नहीं समा रहीं मनीष की मां संतोष ने कहा कि वह बेहद खुश हैं। हमें अपने बेटे पर नाज है। उसे छोटी उम्र से ही खेलों का शौक था। हमने कभी उसे दिव्यांग की तरह नहीं देखा क्योंकि वह सामान्य व्यक्ति की तरह ही हमेशा मेहनत करता था। मनीष की जीत के बाद पूरे परिवार ने ढोल नगाड़ों की थाप पर नाच-गाकर खुशी मनाई।
#WATCH | Haryana: Celebrations outside the residence of para-shooter Manish Narwal in Sahupura village, Faridabad, after he secured a gold medal in Shooting P4 Mixed 50m Pistol SH1, at #TokyoParalympics. pic.twitter.com/h2eOIFkn20
— ANI (@ANI) September 4, 2021
नरवाल अर्जुन पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
मनीष नरवाल को अर्जुन पुरस्कार से 2020 में सम्मानित किया जा चुका है। मनीष ने 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में 10 मी और 50 मीटर इवेंट में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।
नरवाल की आंखों में था फुटबॉलर बनने का सपना
मनीष नरवाल की आंखों में एक फुटबॉलर बनने का सपना था लेकिन दिव्यांगता उसके बीच आ गई। लेकिन इसके बाद भी मनीष के एथलीट बनने का जज्बा कम नहीं हुआ और उन्होंने अपने पिता के सहयोग से शूटिंग में करियर बनाने का इरादा किया। इसके बाद फरीदाबाद में ही उन्होंने इसका अभ्यास शुरू कर दिया और फिर इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अग्रवाल कॉलेज प्राचार्य ने दी शुभकामनाएं
फरीदाबाद स्थित अग्रवाल कॉलेज के बीए प्रथम वर्ष के छात्र मनीष नरवाल द्वारा पैरालंपिक की शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनके कॉलेज के छात्र व शिक्षक सभी बेहद उत्साहित हैं। उनसे अन्य युवा व पैराएथलिट भी प्रेरित हो सकें, कॉलेज प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है। मैच से एक दिन पहले कॉलेज प्राचार्य कृष्णकांत गुप्ता ने मनीष को बधाई संदेश भी दिया था। साथ ही जीत की कामना की थी। अब जब वह स्वर्ण पदक भारत के लिए जीत गए हैं तो उनके प्राचार्य काफी उत्साहित हैं। प्राचार्य ने कहा कि यह गौरव का पल है। यह एक संस्थान या जिले के लिए नहीं बल्कि पूरे देश की गरिमा और प्रतिष्ठा के पल हैं।
प्राचार्य कृष्णकांत गुप्ता ने मनीष के घर पहुंचकर उनके माता-पिता को बधाई दी और शॉल व पौधा भेंट किया