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Faridabad News: कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के बताए तरीके
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ध्यान और श्वास तकनीकों का किया अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षण संस्थानों में बेहतर कार्य माहौल के लिए कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। इसी उद्देश्य से जिले के डीएवी सेंटेनरी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय मेडिटेशन एवं नेचुरोपैथी कार्यशाला का समापन हुआ।
योग क्लब और शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग की ओर से द आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने ध्यान और श्वास तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यशाला के तीसरे दिन द आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका डॉ. विजयवंती, हरीश कुमार अरोड़ा और अनुपम बत्रा ने प्रतिभागियों को सुदर्शन क्रिया और ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास के लिए भी प्रेरित किया गया। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया दैनिक जीवन में तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। कार्यशाला के संयोजक योगेश, राकेश और गौतम रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षण संस्थानों में बेहतर कार्य माहौल के लिए कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। इसी उद्देश्य से जिले के डीएवी सेंटेनरी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय मेडिटेशन एवं नेचुरोपैथी कार्यशाला का समापन हुआ।
योग क्लब और शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग की ओर से द आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने ध्यान और श्वास तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यशाला के तीसरे दिन द आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका डॉ. विजयवंती, हरीश कुमार अरोड़ा और अनुपम बत्रा ने प्रतिभागियों को सुदर्शन क्रिया और ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास के लिए भी प्रेरित किया गया। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया दैनिक जीवन में तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। कार्यशाला के संयोजक योगेश, राकेश और गौतम रहे।
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