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Faridabad News: अब तक पांच करोड़ के चालान फिर भी प्रदूषण से लोग परेशान
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फरीदाबाद का एक्यूआई लगातार 300 के पार बना हुआ है, असरदार साबित नहीं हो रहे विभागों के कदम
सूरज कुमार
फरीदाबाद। फरीदाबाद का एक्यूआई लगातार 300 के पार बना हुआ है। हवा में घुलता धुआं, सड़कों पर उड़ती धूल और जगह-जगह फैला कूड़ा इन सबके बीच सरकार व प्रशासन के सख्त कदम भी असरदार साबित नहीं हो पा रहे। नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यातायात विभाग ने मिलकर अब तक पांच करोड़ रुपये से अधिक के चालान काटे हैं पर हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं दिख रहा। शहर में रहने वाले लोग हर दिन दूषित हवा के साथ जीने को मजबूर हैं।
इस साल लगाया भारी जुर्माना
प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सभी विभागों ने इस साल अब तक भारी जुर्माना लगाया है। इसी कड़ी में नगर निगम ने एप्लीकेशन के जरिए 350 से अधिक लोगों पर कार्रवाई करते हुए 6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 12 सी एंड डी साइट्स पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे विभाग ने लगभग पूरा वसूल भी लिया। इसके अलावा 18 डीजल जनरेटर सेट सील किए गए जिन पर कुल 5 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यातायात पुलिस ने इस साल 4415 वाहनों का चालान काटकर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अकेले अक्तूबर में ही 311 चालान किए गए। बड़े स्तर पर कार्रवाई के बावजूद फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ है। कई इलाकों में धूल नियंत्रण की स्थिति काफी खराब है।
एंटी स्मॉग गन की कमी हो रही महसूस
नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है मगर शहर के लोगों को इन प्रयासों का असर नजर नहीं आ रहा। अभी शहर में 2 एंटी स्मॉग गन और 8 मिनी स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं पर सुबह-शाम प्रमुख बाजारों, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, एनआईटी, सेक्टर-7, 10, 28, 46, बड़खल क्षेत्रों में धूल उड़ना आम बात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाटर स्प्रिंकलर कागजों में अधिक और सड़कों पर कम दिखती है। कई जगह सड़क के दोनों ओर महीनों से जमा धूल पर कोई छिड़काव नहीं किया गया। यही वजह है कि गाड़ियों के चलते हर मिनट हवा में धूल का गुबार उठता है।
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26 नवंबर तक आएंगी और मशीनें
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार प्रदूषण से जंग लड़ने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। 26 नवंबर तक फरीदाबाद की सड़कों पर 5 नई मिनी स्वीपिंग मशीनें, 1 बड़ी रोड स्वीपिंग मशीन और 8 एंटी स्मॉग गन नजर आने लगेंगे। मशीनों की संख्या बढ़ने से लोगों को आराम मिलेगा लेकिन अभी बढ़ते प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन को पास कोई खास इंतजाम नहीं है।
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प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है और जहां भी उल्लंघन दिखेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हरीश कुमार, प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी
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सूरज कुमार
फरीदाबाद। फरीदाबाद का एक्यूआई लगातार 300 के पार बना हुआ है। हवा में घुलता धुआं, सड़कों पर उड़ती धूल और जगह-जगह फैला कूड़ा इन सबके बीच सरकार व प्रशासन के सख्त कदम भी असरदार साबित नहीं हो पा रहे। नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यातायात विभाग ने मिलकर अब तक पांच करोड़ रुपये से अधिक के चालान काटे हैं पर हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं दिख रहा। शहर में रहने वाले लोग हर दिन दूषित हवा के साथ जीने को मजबूर हैं।
इस साल लगाया भारी जुर्माना
प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सभी विभागों ने इस साल अब तक भारी जुर्माना लगाया है। इसी कड़ी में नगर निगम ने एप्लीकेशन के जरिए 350 से अधिक लोगों पर कार्रवाई करते हुए 6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 12 सी एंड डी साइट्स पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे विभाग ने लगभग पूरा वसूल भी लिया। इसके अलावा 18 डीजल जनरेटर सेट सील किए गए जिन पर कुल 5 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यातायात पुलिस ने इस साल 4415 वाहनों का चालान काटकर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अकेले अक्तूबर में ही 311 चालान किए गए। बड़े स्तर पर कार्रवाई के बावजूद फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ है। कई इलाकों में धूल नियंत्रण की स्थिति काफी खराब है।
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एंटी स्मॉग गन की कमी हो रही महसूस
नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है मगर शहर के लोगों को इन प्रयासों का असर नजर नहीं आ रहा। अभी शहर में 2 एंटी स्मॉग गन और 8 मिनी स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं पर सुबह-शाम प्रमुख बाजारों, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, एनआईटी, सेक्टर-7, 10, 28, 46, बड़खल क्षेत्रों में धूल उड़ना आम बात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाटर स्प्रिंकलर कागजों में अधिक और सड़कों पर कम दिखती है। कई जगह सड़क के दोनों ओर महीनों से जमा धूल पर कोई छिड़काव नहीं किया गया। यही वजह है कि गाड़ियों के चलते हर मिनट हवा में धूल का गुबार उठता है।
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26 नवंबर तक आएंगी और मशीनें
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार प्रदूषण से जंग लड़ने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। 26 नवंबर तक फरीदाबाद की सड़कों पर 5 नई मिनी स्वीपिंग मशीनें, 1 बड़ी रोड स्वीपिंग मशीन और 8 एंटी स्मॉग गन नजर आने लगेंगे। मशीनों की संख्या बढ़ने से लोगों को आराम मिलेगा लेकिन अभी बढ़ते प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन को पास कोई खास इंतजाम नहीं है।
प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है और जहां भी उल्लंघन दिखेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हरीश कुमार, प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी