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Faridabad News: पांच लाख की आबादी पर नहीं है एक भी सरकारी सामुदायिक भवन
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गरीब और मजदूर वर्ग के परिवारों को शादी व अन्य कार्यक्रम करने में होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लक्कड़पुर, शिव दुर्गा विहार और दयालबाग क्षेत्र में करीब पांच लाख की आबादी रहती है, लेकिन यहां एक भी सरकारी सामुदायिक भवन नहीं है। सामुदायिक भवन नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मजदूर वर्ग के परिवारों को उठानी पड़ रही है।
क्षेत्र के लोगों को शादी, मृत्यु संस्कार, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए निजी स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। निजी हॉल और फार्म हाउस का किराया अधिक होने के कारण कई परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग मजबूरी में घरों के बाहर या सड़क किनारे टेंट लगाकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिससे यातायात और अन्य समस्याएं भी सामने आती हैं।
लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में एक सरकारी सामुदायिक भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। भवन बनने से लोगों को कम खर्च में आयोजन करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा यहां स्वास्थ्य शिविर, सामाजिक बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य जनहित के कार्य भी आसानी से हो सकेंगे।
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आरडब्ल्यूए प्रधान डीएस राणा ने बताया कि सूरजकुंड क्षेत्र के आसपास बने फार्म हाउस का किराया आम लोगों के लिए काफी अधिक है। गरीब परिवारों को कार्यक्रम करने के लिए काफी परेशानी होती है। यदि क्षेत्र में सरकारी सामुदायिक भवन बनाया जाता है तो बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लक्कड़पुर, शिव दुर्गा विहार और दयालबाग क्षेत्र में करीब पांच लाख की आबादी रहती है, लेकिन यहां एक भी सरकारी सामुदायिक भवन नहीं है। सामुदायिक भवन नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मजदूर वर्ग के परिवारों को उठानी पड़ रही है।
क्षेत्र के लोगों को शादी, मृत्यु संस्कार, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए निजी स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। निजी हॉल और फार्म हाउस का किराया अधिक होने के कारण कई परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग मजबूरी में घरों के बाहर या सड़क किनारे टेंट लगाकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिससे यातायात और अन्य समस्याएं भी सामने आती हैं।
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लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में एक सरकारी सामुदायिक भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। भवन बनने से लोगों को कम खर्च में आयोजन करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा यहां स्वास्थ्य शिविर, सामाजिक बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य जनहित के कार्य भी आसानी से हो सकेंगे।
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आरडब्ल्यूए प्रधान डीएस राणा ने बताया कि सूरजकुंड क्षेत्र के आसपास बने फार्म हाउस का किराया आम लोगों के लिए काफी अधिक है। गरीब परिवारों को कार्यक्रम करने के लिए काफी परेशानी होती है। यदि क्षेत्र में सरकारी सामुदायिक भवन बनाया जाता है तो बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिलेगा।