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Faridabad News: बीके अस्पताल में चार महीने से चल रहा छायादार टीन शेड का काम पूरा
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गर्मी में तेज धूप से मरीजों और तीमारदारों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में चार महीने पहले शुरू हुआ शेड निर्माण कार्य अब पूरा हो गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिली है। पहले पंजीकरण और दवाइयों के लिए लोगों को तेज धूप में लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब शेड बनने से उन्हें छांव में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने की सुविधा मिल रही है।
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में उनकी परेशानी बहुत बढ़ जाती थी। बारिश के दौरान फर्श फिसलन भरा हो जाता था, जिससे खासकर बुजुर्ग मरीजों के गिरने का खतरा बना रहता था। वहीं, गर्मी में तेज धूप के कारण मरीजों की हालत खराब हो जाती थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दवाइयों के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। दवाई के लिए कतार में लगे मरीज रामनिवास ने बताया गया कि पहले धूप में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती थी, जबकि अब शेड बनने से काफी राहत मिल रही है।
वहीं, एक अन्य मरीज संतोष देवी ने बताया कि बारिश के समय काफी दिक्कत होती थी और कई बार फिसलने का डर बना रहता था, हालांकि अब व्यवस्था बेहतर की गई है। हालांकि कुछ मरीजों ने शेड निर्माण में हुई देरी पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि यह सुविधा पहले ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि उन्हें लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़ता।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में चार महीने पहले शुरू हुआ शेड निर्माण कार्य अब पूरा हो गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिली है। पहले पंजीकरण और दवाइयों के लिए लोगों को तेज धूप में लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब शेड बनने से उन्हें छांव में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने की सुविधा मिल रही है।
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में उनकी परेशानी बहुत बढ़ जाती थी। बारिश के दौरान फर्श फिसलन भरा हो जाता था, जिससे खासकर बुजुर्ग मरीजों के गिरने का खतरा बना रहता था। वहीं, गर्मी में तेज धूप के कारण मरीजों की हालत खराब हो जाती थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दवाइयों के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। दवाई के लिए कतार में लगे मरीज रामनिवास ने बताया गया कि पहले धूप में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती थी, जबकि अब शेड बनने से काफी राहत मिल रही है।
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वहीं, एक अन्य मरीज संतोष देवी ने बताया कि बारिश के समय काफी दिक्कत होती थी और कई बार फिसलने का डर बना रहता था, हालांकि अब व्यवस्था बेहतर की गई है। हालांकि कुछ मरीजों ने शेड निर्माण में हुई देरी पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि यह सुविधा पहले ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि उन्हें लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़ता।
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