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Faridabad News: आचार संहिता हटने के बाद शुरू होगा जलकुंभी की सफाई का कार्य

Tue, 04 Mar 2025 12:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:50 AM IST
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The work of cleaning water hyacinth will start after the code of conduct is lifted
बड़खल झील में छह वर्षों से रुका पड़ा है, स्मार्ट सिटी लिमिटेड से नगर निगम को सौंपा गया काम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। 12 मार्च को आचार संहिता हटने के बाद बड़खल झील से जलकुंभी हटाने के कार्य की कवायद शुरू हो जाएगी। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। पूर्व में स्मार्ट सिटी लिमिटेड इस कार्य को देख रही थी लेकिन अब इसे नगर निगम फरीदाबाद को सौंप दिया गया है। आचार संहिता हटने के बाद इसकी निविदा जारी की जाएगी।

42 एकड़ में फैली बड़खल झील के पुनरुद्धार का कार्य 2019 में शुरू किया गया था। 79 करोड़ रुपये की लागत से पुनरुद्धार योजना के तहत पर्यटकों के घूमने के लिए मुंबई के मरीन ड्राइव सरीखा तटबंध बनाया जा रहा है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए रेस्त्रां व अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं, सेक्टर-25 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से प्रतिदिन 10 एमएलडी पानी झील में भरा जा रहा है। झील को भरने का कार्य करीब 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। पिछले दो वर्षों में झील में जलकुंभी (जंगली घास) फैल गई है। शुरू में स्मार्ट सिटी इस कार्य को करा रही थी। इसके लिए निविदा भी निकाली गई थी लेकिन अधिक खर्च के चलते इसे रद्द कर दिया गया। अब नगर निगम को इस जलकुंभी हटाने का जिम्मा दिया गया है।
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निगम अधिकारी इसकी कार्ययोजना बना रहे हैं। आचार संहिता हटने पर इसकी निविदा निकाल कर जलकुंभी हटाने का कार्य किया जाएगा। इसमें करीब 4 माह का वक्त लग सकता है।
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फाइटोरेमेडिएशन तकनीक से जलकुंभी हटाने की पहले बनी थी योजना
दो वर्ष पहले एसटीपी से झील में पानी आने के साथ ही जलकुंभी उगने लगी थी। पिछले वर्ष जलकुंभी हटाने के लिए 3 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई थी। बाद में अधिक कीमत के कारण प्रक्रिया वापस ले ली गई। फाइटोरेमेडिएशन एक ऐसी तकनीक है जिसमें खतरनाक प्रदूषकों से दूषित मिट्टी, हवा और पानी को साफ करने के लिए जीवित पौधों का उपयोग किया जाता है।



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तेजी से बढ़ती है जलकुंभी
जलकुंभी (इचोर्निया क्रैसिप्स) सबसे आक्रामक जलीय पौधों की प्रजातियों में से एक है। यह थोड़े समय में बड़ी तेजी से फैल जाती है। यह जलकुंभी जलीय जीवन के लिए हानिकारक और नौका विहार में बाधा डाल सकती है।

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बड़खल झील को पर्यटन के लिए विकसित करने के लिए नगर निगम जलकुंभी हटाने की योजना पर कार्य कर रहा है। आचार संहिता हटने के बाद इसकी निविदा जारी कर कार्य शुरू किया जाएगा। - विवेक गिल, वरिष्ठ अभियंता नगर निगम
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