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Faridabad News: बाल देखभाल संस्थान के सुपरवाइजर ने यौन शोषण की जानकारी होते हुए भी मामले को दबाया
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एफआईआर में बनाया गया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी जोन स्थित बाल देखभाल संस्थान में 8 साल के बच्चे के यौन शोषण के बारे में संस्थान के सुपरवाइजर ने मामले को दबाने का प्रयास किया। जब पीड़ित बच्चे ने उसे अपने साथ हुए शोषण के बारे में बताया तो उसने तुरंत मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कराने की बजाय उसे दबाए रखा। इसकी सूचना उसने अपने सीनियर अधिकारियों को भी नहीं दी। इसके चलते पुलिस ने उसे भी एफआईआर में आरोपी बनाया है।
बाल देखभाल संस्थान में 8 साल के बच्चे से यौन शोषण का आरोप वहीं पर रहने वाले एक 11 साल के लड़के पर लगा है। आरोप है कि ये लड़का शरारती प्रवृत्ति का है। इसने कई बार पीड़ित बच्चे के साथ यौन शोषण की हरकत की। जिससे बच्चा परेशान हो गया। इस बारे में बच्चे ने जब संस्थान के सुपरवाइजर को बताया तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे ने परेशान होकर अन्य स्टॉफ के जरिये सीनियर अधिकारियों तक मामला पहुंचाया। तब जाकर इसमें विभागीय जांच शुरू हुई। संस्थान में रहने वाले 15 से अधिक लड़कों से इस बारे में विभागीय जांच के दौरान पूछताछ की गई। जिसमें पता चला कि शोषण अन्य किसी बच्चे का नहीं हुआ है। लेकिन इस बच्चे के साथ हुए शोषण की बात पता चलने पर भी सुपरवाइजर ने मामले को दबाए रखा और कार्रवाई नहीं होने दी।
अब जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी की ओर से मामले में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस उपायुक्त एनआईटी कुलदीप सिंह ने बताया कि संस्थान के सुपरवाइजर को भी आरोपी बनाया गया है। मामले में टीम जांच कर कार्रवाई में जुटी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी जोन स्थित बाल देखभाल संस्थान में 8 साल के बच्चे के यौन शोषण के बारे में संस्थान के सुपरवाइजर ने मामले को दबाने का प्रयास किया। जब पीड़ित बच्चे ने उसे अपने साथ हुए शोषण के बारे में बताया तो उसने तुरंत मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कराने की बजाय उसे दबाए रखा। इसकी सूचना उसने अपने सीनियर अधिकारियों को भी नहीं दी। इसके चलते पुलिस ने उसे भी एफआईआर में आरोपी बनाया है।
बाल देखभाल संस्थान में 8 साल के बच्चे से यौन शोषण का आरोप वहीं पर रहने वाले एक 11 साल के लड़के पर लगा है। आरोप है कि ये लड़का शरारती प्रवृत्ति का है। इसने कई बार पीड़ित बच्चे के साथ यौन शोषण की हरकत की। जिससे बच्चा परेशान हो गया। इस बारे में बच्चे ने जब संस्थान के सुपरवाइजर को बताया तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे ने परेशान होकर अन्य स्टॉफ के जरिये सीनियर अधिकारियों तक मामला पहुंचाया। तब जाकर इसमें विभागीय जांच शुरू हुई। संस्थान में रहने वाले 15 से अधिक लड़कों से इस बारे में विभागीय जांच के दौरान पूछताछ की गई। जिसमें पता चला कि शोषण अन्य किसी बच्चे का नहीं हुआ है। लेकिन इस बच्चे के साथ हुए शोषण की बात पता चलने पर भी सुपरवाइजर ने मामले को दबाए रखा और कार्रवाई नहीं होने दी।
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अब जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी की ओर से मामले में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस उपायुक्त एनआईटी कुलदीप सिंह ने बताया कि संस्थान के सुपरवाइजर को भी आरोपी बनाया गया है। मामले में टीम जांच कर कार्रवाई में जुटी है।
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