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Palwal News: एक सप्ताह से ट्रॉलियों में लदा गन्ना अब सूख रहा है
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पेराई सत्र शुरू होने के छह दिन बाद ही मिल टर्बाइन टूटने से बंद हुई सहकारी चीनी मिल एक सप्ताह बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। पेराई सत्र के शुभारंभ की सूचना पर किसानों ने अपना गन्ना काटकर ट्रॉली में लाद दिया। अब एक सप्ताह से गन्ना ट्रॉली में पड़ा है। किसान मिल से पर्ची आने का इंतजार कर रहे हैं, परंतु मिल शुरू न होने के कारण प्रबंधन द्वारा पर्ची जारी नहीं की जा रही है। किसानों का गन्ना अब ट्रॉली में लदा ही सूख रहा है, परंतु प्रबंधन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। गन्ना सूखने से वजन कम हो जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। प्रबंधन द्वारा सूख रहे गन्ने को अन्य मिलों में भेजने का इंतजाम भी नहीं किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि लगता है इस बार उनका गन्ना ट्रॉली में लदा हुआ ही सूख जाएगा।
15 नवंबर को प्रदेश सहकारिता मंत्री डॉ.बनवारी लाल ने चीनी मिल के पेराई सत्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान जिले के विधायकों के साथ तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सत्र के शुभारंभ पर 32 लाख क्विंटल टन गन्ने की पेराई का दावा किया गया। किसानों को किसी तरह की परेशानी न आने देने की बात कही गई। किसानों का पूरा गन्ना लेकर समय पर भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, परंतु मिल शुरू होने के छह दिन बाद ही बंद हो गई। मिल बंद होने का कारण मिल टर्बाइन टूटना बताया गया। मिल प्रबंधन ने टर्बाइन की जगह मोटर के सहारे दो दिन में मिल चलाने का दावा किया था, परंतु एक सप्ताह बाद भी मिल शुरू नहीं हो पाई है। किसान, मिल की सही तरीके से मरम्मत न करने का आरोप लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पेराई सत्र के दौरान हर साल मिल बार-बार बंद हो जाती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मिल टरबाइन को लगाने में महीनों का समय लगता है। लगता है उन्हें इस बार भी अपना गन्ना बेचने में भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।
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मिल का पेराई सत्र होने पर गन्ने की कटाई करा कर ट्रॉली में लाद दिया, परंतु अब मिल पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी है। गन्ना ट्रॉली में पड़ा सूख रहा है और मिल शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है।
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- किशोरी लाडियाका, किसान
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हर बार प्रबंधन की लापरवाही से चीनी मिल सुचारू रूप से नहीं चल पाती। किसान मिल पर दिन-रात पड़े रहते हैं, परंतु प्रशासन को नजर नहीं आता। लगता है कि इस बार भी हमारा गन्ना खेत में पड़ा सूख जाएगा।
- कलवा नांगल ब्राह्मण, किसान
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मैंने मिल पर गन्ना पहुंचा दिया था, परंतु मिल खराब हो गई। अब मेरा ट्रैक्टर पिछले आठ दिन से मिल पर खड़ा हुआ है, परंतु मिल शुरू नहीं हो पा रही है। कटाई के बाद गन्ना सूखने से वजन कम हो जाता है, जिससे किसान को नुकसान होता है।
- जीवनलाल बाता, किसान
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मिल को चलाने के लिए 600 एचपी की मोटर मंगा ली गई है। मोटर का फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। मोटर की फिटिंग में इंजीनियर लगे हुए हैं। जल्द ही कार्य को पूरा कर मिल का संचालन कर दिया जाएगा। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मिल पर भीड़ न हो, इसलिए पर्ची जारी नहीं की जा रही है।
- नेहा सिंह, जिला उपायुक्त
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पलवल। पेराई सत्र शुरू होने के छह दिन बाद ही मिल टर्बाइन टूटने से बंद हुई सहकारी चीनी मिल एक सप्ताह बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। पेराई सत्र के शुभारंभ की सूचना पर किसानों ने अपना गन्ना काटकर ट्रॉली में लाद दिया। अब एक सप्ताह से गन्ना ट्रॉली में पड़ा है। किसान मिल से पर्ची आने का इंतजार कर रहे हैं, परंतु मिल शुरू न होने के कारण प्रबंधन द्वारा पर्ची जारी नहीं की जा रही है। किसानों का गन्ना अब ट्रॉली में लदा ही सूख रहा है, परंतु प्रबंधन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। गन्ना सूखने से वजन कम हो जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। प्रबंधन द्वारा सूख रहे गन्ने को अन्य मिलों में भेजने का इंतजाम भी नहीं किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि लगता है इस बार उनका गन्ना ट्रॉली में लदा हुआ ही सूख जाएगा।
15 नवंबर को प्रदेश सहकारिता मंत्री डॉ.बनवारी लाल ने चीनी मिल के पेराई सत्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान जिले के विधायकों के साथ तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सत्र के शुभारंभ पर 32 लाख क्विंटल टन गन्ने की पेराई का दावा किया गया। किसानों को किसी तरह की परेशानी न आने देने की बात कही गई। किसानों का पूरा गन्ना लेकर समय पर भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, परंतु मिल शुरू होने के छह दिन बाद ही बंद हो गई। मिल बंद होने का कारण मिल टर्बाइन टूटना बताया गया। मिल प्रबंधन ने टर्बाइन की जगह मोटर के सहारे दो दिन में मिल चलाने का दावा किया था, परंतु एक सप्ताह बाद भी मिल शुरू नहीं हो पाई है। किसान, मिल की सही तरीके से मरम्मत न करने का आरोप लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पेराई सत्र के दौरान हर साल मिल बार-बार बंद हो जाती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मिल टरबाइन को लगाने में महीनों का समय लगता है। लगता है उन्हें इस बार भी अपना गन्ना बेचने में भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।
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मिल का पेराई सत्र होने पर गन्ने की कटाई करा कर ट्रॉली में लाद दिया, परंतु अब मिल पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी है। गन्ना ट्रॉली में पड़ा सूख रहा है और मिल शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है।
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- किशोरी लाडियाका, किसान
हर बार प्रबंधन की लापरवाही से चीनी मिल सुचारू रूप से नहीं चल पाती। किसान मिल पर दिन-रात पड़े रहते हैं, परंतु प्रशासन को नजर नहीं आता। लगता है कि इस बार भी हमारा गन्ना खेत में पड़ा सूख जाएगा।
- कलवा नांगल ब्राह्मण, किसान
मैंने मिल पर गन्ना पहुंचा दिया था, परंतु मिल खराब हो गई। अब मेरा ट्रैक्टर पिछले आठ दिन से मिल पर खड़ा हुआ है, परंतु मिल शुरू नहीं हो पा रही है। कटाई के बाद गन्ना सूखने से वजन कम हो जाता है, जिससे किसान को नुकसान होता है।
- जीवनलाल बाता, किसान
मिल को चलाने के लिए 600 एचपी की मोटर मंगा ली गई है। मोटर का फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। मोटर की फिटिंग में इंजीनियर लगे हुए हैं। जल्द ही कार्य को पूरा कर मिल का संचालन कर दिया जाएगा। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मिल पर भीड़ न हो, इसलिए पर्ची जारी नहीं की जा रही है।
- नेहा सिंह, जिला उपायुक्त