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Faridabad News: धीमी गति से चल रहा लिंक रोड का निर्माण कार्य यात्रियों के लिए बना परेशानी
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फरीदाबाद और केजीपी एक्सप्रेसवे के बीच 68 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है काम
शशि
फरीदाबाद। फरीदाबाद और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के बीच बन रहा मुख्य लिंक रोड यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। यहां शहर और एक्सप्रेसवे के बीच की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए रोड को चौड़ा किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा राज्य सड़क और पुल विकास निगम (एचएसआरबीडीसी) द्वारा रोड को फोर लेन बनाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। यहां अभी तक केवल 40 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है।
एचएसआरबीडीसी ने जिले के पूर्वी किनारे पर एक्सप्रेसवे के पास स्थित बल्लभगढ़ और मौजपुर गांव को जोड़ने वाली 12 किलोमीटर लंबी लिंक रोड की योजना वर्ष 2023 में शुरू की थी। इस परियोजना को लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है। इस लिंक रोड के बनने से बल्लभगढ़ के करीब तीस हजार लोगों को राहत मिलेगी। अभी केजेपी एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए लोगों को लगभग 10 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर छांयसा जाना पड़ता है। उसके बाद लोग एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं। हालांकि, एचएसआरबीडीसी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार काम में देरी का मुख्य कारण मोहना गांव में कट की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन बाधा बना हुआ है। इसके अलावा काम शुरू करने के लिए सरकार से देरी से बजट मिलना, मानसून और अतिक्रमण सहित अन्य कई कारणों से लिंक रोड निर्माण में देरी हुई है।
वहीं, मोहना, चंदावली, छांयसा, मिर्जापुर मच्छगर गांव के लोगों ने बताया कि यहां लिंक रोड का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष से काफी धीमी गति से चल रहा है। अधिकांश हिस्सा गांवों के करीब से गुजरता है। रोड को मुख्य रूप से चंदावली गांव और मौजपुर गांव के बीच चौड़ा किया जाना है लेकिन क्षतिग्रस्त पैच और आधी-अधूरी रोड के कारण मच्छगर गांव के पास समस्या गंभीर बनी हुई है। शहर एक्सप्रेसवे से लिंक होने के बाद गांव के बीच से निकलने वाले ट्रकों और भारी वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे अच्छा विकल्प रहेगा।
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लोगों से बातचीत
अभी तक सड़क के एक हिस्से को न तो चौड़ा किया गया है और न ही पक्का किया गया है। सिंगल लेन और गड्ढों वाले पैच से दुर्घटनाओं और वाहनों के टूटने का खतरा रहता है। काम की धीमी गति और आधी-अधूरी सड़क से राहगीरों को परेशानी हो रही है।-जसवंत पवार, निवासी- चंदावली गांव
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यहां केजीपी एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए रोड चौड़ीकरण का काम विभाग ने लगभग दो वर्ष पहले शुरू किया था। यहां लिंक रोड के रूप में चार लेन रोड का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अभी तक रोड का केवल 40 फीसदी काम पूरा हुआ है। बल्लभगढ़ के लिए यह लिंक रोड काफी महत्वपूर्ण है। दीपक आजाद, निवासी- चंदावली गांव।
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वर्जन
लिंक रोड को चौड़ा करने का काम रोड के दोनों ओर किनारों पर लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण देरी से शुरू हुआ है। दूसरा यहां मोहना गांव में चल रहा किसानों के धरना प्रदर्शन के कारण भी काम प्रभावित हुआ है। इस परियोजना के दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है।- राहुल सिंह, कार्यकारी अभियंता- एचएसआरबीडीसी
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शशि
फरीदाबाद। फरीदाबाद और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के बीच बन रहा मुख्य लिंक रोड यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। यहां शहर और एक्सप्रेसवे के बीच की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए रोड को चौड़ा किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा राज्य सड़क और पुल विकास निगम (एचएसआरबीडीसी) द्वारा रोड को फोर लेन बनाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। यहां अभी तक केवल 40 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है।
एचएसआरबीडीसी ने जिले के पूर्वी किनारे पर एक्सप्रेसवे के पास स्थित बल्लभगढ़ और मौजपुर गांव को जोड़ने वाली 12 किलोमीटर लंबी लिंक रोड की योजना वर्ष 2023 में शुरू की थी। इस परियोजना को लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है। इस लिंक रोड के बनने से बल्लभगढ़ के करीब तीस हजार लोगों को राहत मिलेगी। अभी केजेपी एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए लोगों को लगभग 10 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर छांयसा जाना पड़ता है। उसके बाद लोग एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं। हालांकि, एचएसआरबीडीसी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार काम में देरी का मुख्य कारण मोहना गांव में कट की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन बाधा बना हुआ है। इसके अलावा काम शुरू करने के लिए सरकार से देरी से बजट मिलना, मानसून और अतिक्रमण सहित अन्य कई कारणों से लिंक रोड निर्माण में देरी हुई है।
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वहीं, मोहना, चंदावली, छांयसा, मिर्जापुर मच्छगर गांव के लोगों ने बताया कि यहां लिंक रोड का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष से काफी धीमी गति से चल रहा है। अधिकांश हिस्सा गांवों के करीब से गुजरता है। रोड को मुख्य रूप से चंदावली गांव और मौजपुर गांव के बीच चौड़ा किया जाना है लेकिन क्षतिग्रस्त पैच और आधी-अधूरी रोड के कारण मच्छगर गांव के पास समस्या गंभीर बनी हुई है। शहर एक्सप्रेसवे से लिंक होने के बाद गांव के बीच से निकलने वाले ट्रकों और भारी वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे अच्छा विकल्प रहेगा।
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लोगों से बातचीत
अभी तक सड़क के एक हिस्से को न तो चौड़ा किया गया है और न ही पक्का किया गया है। सिंगल लेन और गड्ढों वाले पैच से दुर्घटनाओं और वाहनों के टूटने का खतरा रहता है। काम की धीमी गति और आधी-अधूरी सड़क से राहगीरों को परेशानी हो रही है।-जसवंत पवार, निवासी- चंदावली गांव
यहां केजीपी एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए रोड चौड़ीकरण का काम विभाग ने लगभग दो वर्ष पहले शुरू किया था। यहां लिंक रोड के रूप में चार लेन रोड का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अभी तक रोड का केवल 40 फीसदी काम पूरा हुआ है। बल्लभगढ़ के लिए यह लिंक रोड काफी महत्वपूर्ण है। दीपक आजाद, निवासी- चंदावली गांव।
वर्जन
लिंक रोड को चौड़ा करने का काम रोड के दोनों ओर किनारों पर लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण देरी से शुरू हुआ है। दूसरा यहां मोहना गांव में चल रहा किसानों के धरना प्रदर्शन के कारण भी काम प्रभावित हुआ है। इस परियोजना के दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है।- राहुल सिंह, कार्यकारी अभियंता- एचएसआरबीडीसी