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Faridabad News: पांच की मौत के बाद भी नहीं बदली सीवर सफाई की तस्वीर
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नीलम फ्लाईओवर के नीचे स्थित नाले के अंदर जाकर सफाई करता कर्मचारी
नीलम रेलवे फ्लाईओवर के पास फिर बिना सुरक्षा गहरे नाले में उतारे गए कर्मचारी, व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल
मई-जून 2026 में तीन अलग-अलग हादसों में पांच सफाई कर्मियों की जा चुकी है जान
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। मई और जून 2026 के दौरान फरीदाबाद में सीवर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े तीन अलग-अलग हादसों में पांच सफाई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई, एफआईआर और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की दखल भी हुई लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा। शुक्रवार को नीलम रेलवे फ्लाईओवर के पास बड़े नाले की सफाई के दौरान तीन कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर या लाइफलाइन के गहरे नाले में उतार दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस पर चिंता जताई। यदि अचानक जहरीली गैस, पानी का बहाव या फिसलन की स्थिति बनती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
कानून स्पष्ट लेकिन पालन सबसे बड़ी चुनौती
देश में हाथ से मैला उठाने वालों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 लागू है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने भी सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को यथासंभव मशीनों से कराने तथा मानव प्रवेश केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही करने के निर्देश दिए हैं। एनएचआरसी भी कई बार राज्यों और स्थानीय निकायों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की सलाह दे चुका है।
जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रत्येक हादसे के बाद जांच, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई होती है तो फिर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन क्यों दोहराया जा रहा है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के सामने चुनौती केवल मशीनें खरीदने की नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि किसी कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण खतरनाक स्थान पर काम न करना पड़े।
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पहले हुए हादसे
2 मई : सेक्टर-84 में दो कर्मचारियों की मौत।
9 जून : जीवन नगर एसटीपी में दो कर्मचारियों की मौत।
11 जून : सेक्टर-19 में नगर निगम कर्मचारी की मौत।
किसी भी बंद नाले में सफाई कर्मचारी को नहीं उतारा जा सकता। अगर ऐसा कोई करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी । ऐसा कुछ पाया जाता है तो एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा । मामले की जांच में गलती पाई जाने पर जुर्माना लगाने के साथ टेंडर रद्द करने तक का एक्शन लिया जाएगा। नियम व कानून का किसी भी सूरत में उल्लंघन सहन नहीं किया जाएगा। - ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
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मई-जून 2026 में तीन अलग-अलग हादसों में पांच सफाई कर्मियों की जा चुकी है जान
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। मई और जून 2026 के दौरान फरीदाबाद में सीवर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े तीन अलग-अलग हादसों में पांच सफाई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई, एफआईआर और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की दखल भी हुई लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा। शुक्रवार को नीलम रेलवे फ्लाईओवर के पास बड़े नाले की सफाई के दौरान तीन कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर या लाइफलाइन के गहरे नाले में उतार दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस पर चिंता जताई। यदि अचानक जहरीली गैस, पानी का बहाव या फिसलन की स्थिति बनती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
कानून स्पष्ट लेकिन पालन सबसे बड़ी चुनौती
देश में हाथ से मैला उठाने वालों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 लागू है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने भी सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को यथासंभव मशीनों से कराने तथा मानव प्रवेश केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही करने के निर्देश दिए हैं। एनएचआरसी भी कई बार राज्यों और स्थानीय निकायों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की सलाह दे चुका है।
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जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रत्येक हादसे के बाद जांच, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई होती है तो फिर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन क्यों दोहराया जा रहा है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के सामने चुनौती केवल मशीनें खरीदने की नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि किसी कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण खतरनाक स्थान पर काम न करना पड़े।
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पहले हुए हादसे
2 मई : सेक्टर-84 में दो कर्मचारियों की मौत।
9 जून : जीवन नगर एसटीपी में दो कर्मचारियों की मौत।
11 जून : सेक्टर-19 में नगर निगम कर्मचारी की मौत।
किसी भी बंद नाले में सफाई कर्मचारी को नहीं उतारा जा सकता। अगर ऐसा कोई करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी । ऐसा कुछ पाया जाता है तो एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा । मामले की जांच में गलती पाई जाने पर जुर्माना लगाने के साथ टेंडर रद्द करने तक का एक्शन लिया जाएगा। नियम व कानून का किसी भी सूरत में उल्लंघन सहन नहीं किया जाएगा। - ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए