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सुबह से आसमान में छाई रही स्मॉग की चादर
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फरीदाबाद में शनिवार का सुबह सुबह छाया स्मॉग ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। दो दिन राहत के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी सूची के अनुसार, शनिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 348 दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के मुकाबले 58 अंक ज्यादा है। हवा दूषित होने के कारण दिनभर लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। वहीं दिन भर आसमान में स्मॉग छाया रहा। स्मॉग अधिक होने के कारण वाहन चालकों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, हवा न चलने व मौसम में नमी अधिक होने की वजह से स्मॉग एक जगह ठहर गया है।
रेंगती दिखीं गाड़ियां
सुबह 9 बजे
मेवला महाराजपुर चौक पर घना स्मॉग छाया हुआ था। यहां दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सावधानी बरतते हुए चालक खुद गाड़ी धीमी गति में चलाते दिखे।
सुबह: 9:20 बजे
सराय ख्वाजा बार्डर पर भी धुंध छाई रही। यहां दृश्यता करीब सौ मीटर की थी। दूर से गाड़ियां नजर नहीं आ रही थीं। इस दौरान गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। करीब साढ़े नौ बजे तक शहर में दृश्यता के कारण चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसके बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए।
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इंतजाम नहीं, हवा पर निर्भर है स्थिति
प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण को रोकने का सारा दारोमदार हवा पर है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि हवा चलने से प्रदूषित कण एक जगह से दूसरी जगह जाने लगते हैं, इससे प्रदूषण कम हो जाता है, अगर तेज धूप निकल जाए तो कुछ राहत मिलेगी। वहीं, अगर हवा नहीं चलती व तेज धूप नहीं निकलती तो आने वाले दिन मुश्किल भरे होंगे।
बल्लभगढ़ में राहत नहीं
फरीदाबाद की प्रदूषित हवा का असर बल्लभगढ़ क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। यहां पर भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच गया। शाम चार बजे तक यह 226 दर्ज किया गया जबकि शुक्रवार को यह 184 दर्ज किया गया था। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 398, सेक्टर-30 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 334 और सेक्टर-11 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 दर्ज किया गया।
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रेंगती दिखीं गाड़ियां
सुबह 9 बजे
मेवला महाराजपुर चौक पर घना स्मॉग छाया हुआ था। यहां दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सावधानी बरतते हुए चालक खुद गाड़ी धीमी गति में चलाते दिखे।
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सुबह: 9:20 बजे
सराय ख्वाजा बार्डर पर भी धुंध छाई रही। यहां दृश्यता करीब सौ मीटर की थी। दूर से गाड़ियां नजर नहीं आ रही थीं। इस दौरान गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। करीब साढ़े नौ बजे तक शहर में दृश्यता के कारण चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसके बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए।
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इंतजाम नहीं, हवा पर निर्भर है स्थिति
प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण को रोकने का सारा दारोमदार हवा पर है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि हवा चलने से प्रदूषित कण एक जगह से दूसरी जगह जाने लगते हैं, इससे प्रदूषण कम हो जाता है, अगर तेज धूप निकल जाए तो कुछ राहत मिलेगी। वहीं, अगर हवा नहीं चलती व तेज धूप नहीं निकलती तो आने वाले दिन मुश्किल भरे होंगे।
बल्लभगढ़ में राहत नहीं
फरीदाबाद की प्रदूषित हवा का असर बल्लभगढ़ क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। यहां पर भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच गया। शाम चार बजे तक यह 226 दर्ज किया गया जबकि शुक्रवार को यह 184 दर्ज किया गया था। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 398, सेक्टर-30 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 334 और सेक्टर-11 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 दर्ज किया गया।