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Faridabad News: एक साल में ही टूट गई 115 करोड़ की लागत से बनी सड़क
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ग्रामीणाें का आरोप, सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई गांव बाईपास रोड से लेकर घरौंडा रोड अब टूटने की कगार पर पहुंच चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इस सड़क को बने अभी एक साल का समय भी पूरा नहीं हुआ, लेकिन इसकी हालत बदहाल हो गई है। सड़क के रायपुर गांव के मोड़ और मंधावली गांव के मोड़ पर यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
सड़क टूटने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क की यह हालत निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मजबूरी में लोग खड्डों से भरी सड़क पर चलने को विवश हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है। लोगों ने मांग की है कि सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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वर्जन
सड़क निर्माण के बाद चार साल तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आपके माध्यम से आया है और ठेकेदार को निर्देश देकर जल्द ही सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।-सरदार सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई गांव बाईपास रोड से लेकर घरौंडा रोड अब टूटने की कगार पर पहुंच चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इस सड़क को बने अभी एक साल का समय भी पूरा नहीं हुआ, लेकिन इसकी हालत बदहाल हो गई है। सड़क के रायपुर गांव के मोड़ और मंधावली गांव के मोड़ पर यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
सड़क टूटने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क की यह हालत निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मजबूरी में लोग खड्डों से भरी सड़क पर चलने को विवश हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है। लोगों ने मांग की है कि सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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सड़क निर्माण के बाद चार साल तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आपके माध्यम से आया है और ठेकेदार को निर्देश देकर जल्द ही सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।-सरदार सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी