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संक्रमण का हॉटस्पॉट बन रहे शहर के पॉश इलाके

Fri, 16 Apr 2021 11:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 11:38 PM IST
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The posh areas of the city are becoming hotspots of infection
फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। कोरोना (कोविड-19) संक्रमण का बढ़ता ग्राफ एक ओर लोगों के होश उड़ा रहा है तो दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े और अधिकारी बताते हैं कि संक्रमण शहर के कुछ खास इलाकों की देन हैं। इसमें ज्यादातर पॉश इलाकों से संबंधित हैं। इनमें सैनिक कॉलोनी, सेक्टर-15, 15ए, 9, 21 सी, 37, इंद्रप्रस्थ, ग्रीन फील्ड, ग्रीन वैली, चार्मवुड विलेज, ग्रेटर फरीदाबाद सोसाइटी शामिल हैं। यह शहर के वह इलाके हैं, जहां 24 घंटे में करीब 100 नए संक्रमित मिल रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर जिले के निजी अस्पतालों में बेड की किल्लत होने लगी है।
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हाल ही में निजी अस्पतालों में भी मरीजों के लिए बेड न मिलने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इसमें कई निजी अस्पताल बेड न होना अपनी मजबूरी बता रहे हैं तो कई का कहना है कि बेड न देने के पीछे कुछ कारण रहे होंगे, सभी को इलाज व बेड मुहैया कराया जा रहा है, वहीं, सिविल सर्जन भी इस बात को मान रहे हैं कि निजी अस्पतालों में इलाज व बेड न मिलने की शिकायतें मिली हैं, इस पर संज्ञान लिया जा रहा है।
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आरटीपीसीआर से नहीं, सिटी स्कैन से सामने आ रहा संक्रमण
कोरोना संक्रमण को लेकर आरटीपीसार जांच में भी कई मामले सामने नहीं आ रहे। ऐसे में मरीजों में संक्रमण के लक्षण देखते हुए डॉक्टर तुरंत सिटी स्कैन की सलाह दे रहे हैं। इससे फेफड़ों की स्थिति सामने आती है तो पचा चलता है कि मरीज कोविड-19 का शिकार है। वहीं, दूसरी लहर में कई गुना तेजी से संक्रमण फैल रहा है। इसकी चपेट में ज्यादातर युवा हैं। बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। कई मामले निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। सर्वोदय अस्पताल के मेडिकल प्रबंधक डॉ. सौरभ गहलोत बताते हैं कि दूसरी लहर इतनी खतरनाक होगी सोचा नहीं था। लोगों को वास्तव में डरने और सावधान रहने की जरूरत है। सेच्युरेशन लेवल (ऑक्सीजन की मौजूदगी) 95 तक होना चाहिए। इसमें 90 से कम होने पर मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ेगा।
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लगातार बुखार, शरीर में ऑक्सीजन की कमी इसके दो मुख्य लक्षण हैं। डॉ. गहलोत मानते हैं कि शहर के कुछ विशेष क्षेत्रों से मरीज सामने आ रहे हैं। ग्रामीण तबके के मरीज अभी संक्रमण की जद में कम ही हैं। मौजूदा समय में कोरोना के करीब सौ मरीजों में से 25 को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

क्षेत्र विशेष के मरीजों ने बढ़ा दी चेन
संक्रमण के मामले जितनी तेजी से बढ़े हैं, उतनी ही तेजी से केस बढ़ने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जिले के टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर पहले की तरह फिर से कुछ खास इलाकों से निकली है। इसमें इस बार शहर के पॉश इलाके शामिल हैं। यहां लोग बेशक जागरूक हों लेकिन उनकी लापरवाही ने ही संक्रमण को फैलाया। ग्रामीण तबके में अब भी संक्रमण काबू में है। डॉ. रमेश ने बताया कि जिले में कोविड केयर के लिए डेडिकेटिड कोविड सेंटर बनाए हैं। सरकारी निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं। बावजूद इसके लोग घरों में होम आइसोलेशन को अपनाना पसंद कर रहे हैं, वह कहते हैं घर में इतनी जगह है कि वह सभी नियमों का पालन कर सकें। वहीं, इन लोगों के परिवार वाले एक ही सप्ताह में संक्रमित मिलते हैं। ऐसे लगभग 50 फीसदी मामले क्षेत्र विशेष से आ रहे हैं।
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