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सौ फीसदी रहा जिले का पास प्रतिशत
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फरीदाबाद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से सोमवार को जारी किए गए 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले के शत-प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। जिले के कुल 10869 विद्यार्थी ने बोर्ड कक्षा में पंजीकरण कराया था। बोर्ड की ओर से सभी को पास कर जिले का सौ फीसदी परीक्षा परिणाम जारी किया गया।
हालांकि अन्य सभी जिलों का पास प्रतिशत भी सौ फीसदी ही रहा। वहीं, बीते वर्ष जिले का पास प्रतिशत 81 फीसदी था। बीते लगातार चार वर्षों से जिले का पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों की फटकार झेलनी पड़ रही थी। कोरोना महामारी में इस बार बिना परीक्षा ही छात्रों की चांदी हो गई। विद्यार्थियों का पास परिणाम जारी करने के लिए बोर्ड ने दसवीं कक्षा को 30 फीसदी, 11वीं कक्षा को 10 फीसदी और 12वीं कक्षा को 60 फीसदी वेटेज दिया है। इस वर्ष प्रदेश के सभी 22 जिलों का पास प्रतिशत सौ फीसदी रहा।
वहीं, बीते वर्ष प्रदेश का जिले में 11 वां स्थान रहा। बीते वर्ष जहां जिले में 10,664 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इसमें से 8,703 विद्यार्थियों ने पास होकर 81.61 फीसदी परीक्षा परिणाम हासिल किया था। परीक्षार्थियों में से 1,492 की किसी न किसी विषय में कंपार्टमेंट रही। जिले के कुल 469 यानी 4.40 फीसदी परीक्षार्थी फेल रहे थे।
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बीते कुछ वर्षों में जिले का पास प्रतिशत
वर्ष प्रदेश जिला
2021 100 100
2020 80.34 81.61
2019 74.48 67.86
2018 63.84 57.38
2017 64.50 47.86
2020 में प्रदेश के 11वां स्थान रहा
वर्ष 2020 में 12वीं कक्षा में कुल 10664 विद्यार्थियों में से 8703 विद्यार्थी पास हुए थे। पास प्रतिशत 67.86 से बढ़कर 81.61 फीसदी हुआ था। हालांकि किसी संकाय से फरीदाबाद को प्रदेश टॉपर नहीं मिला था।
2019 में प्रदेश 17वां स्थान
वर्ष 2019 में 12वीं कक्षा में 10,502 विद्यार्थियों में से 6029 विद्यार्थी पास हुए थे। पास प्रतिशत 47.86 से बढ़कर 57.38 फीसदी हुआ था। वाणिज्य संकाय से फरीदाबाद को प्रदेश टॉपर मिली थी। वहीं 66.39 फीसदी लड़कियां और 50 फीसदी लड़के पास हुए थे।
वर्जन-
जिले का पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए इस बार भी कड़ी मशक्कत की थी। कोविड के कारण तैयारियां धरी रह गई। विद्यार्थी परीक्षा ही नहीं दे सके। ऐसे में सही मूल्यांकन नहीं हो सका। हालांकि बीते वर्षों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। इस बार किसी विद्यार्थी को फेल नहीं किया गया। - रीतू चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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हालांकि अन्य सभी जिलों का पास प्रतिशत भी सौ फीसदी ही रहा। वहीं, बीते वर्ष जिले का पास प्रतिशत 81 फीसदी था। बीते लगातार चार वर्षों से जिले का पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों की फटकार झेलनी पड़ रही थी। कोरोना महामारी में इस बार बिना परीक्षा ही छात्रों की चांदी हो गई। विद्यार्थियों का पास परिणाम जारी करने के लिए बोर्ड ने दसवीं कक्षा को 30 फीसदी, 11वीं कक्षा को 10 फीसदी और 12वीं कक्षा को 60 फीसदी वेटेज दिया है। इस वर्ष प्रदेश के सभी 22 जिलों का पास प्रतिशत सौ फीसदी रहा।
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वहीं, बीते वर्ष प्रदेश का जिले में 11 वां स्थान रहा। बीते वर्ष जहां जिले में 10,664 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इसमें से 8,703 विद्यार्थियों ने पास होकर 81.61 फीसदी परीक्षा परिणाम हासिल किया था। परीक्षार्थियों में से 1,492 की किसी न किसी विषय में कंपार्टमेंट रही। जिले के कुल 469 यानी 4.40 फीसदी परीक्षार्थी फेल रहे थे।
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बीते कुछ वर्षों में जिले का पास प्रतिशत
वर्ष प्रदेश जिला
2021 100 100
2020 80.34 81.61
2019 74.48 67.86
2018 63.84 57.38
2017 64.50 47.86
2020 में प्रदेश के 11वां स्थान रहा
वर्ष 2020 में 12वीं कक्षा में कुल 10664 विद्यार्थियों में से 8703 विद्यार्थी पास हुए थे। पास प्रतिशत 67.86 से बढ़कर 81.61 फीसदी हुआ था। हालांकि किसी संकाय से फरीदाबाद को प्रदेश टॉपर नहीं मिला था।
2019 में प्रदेश 17वां स्थान
वर्ष 2019 में 12वीं कक्षा में 10,502 विद्यार्थियों में से 6029 विद्यार्थी पास हुए थे। पास प्रतिशत 47.86 से बढ़कर 57.38 फीसदी हुआ था। वाणिज्य संकाय से फरीदाबाद को प्रदेश टॉपर मिली थी। वहीं 66.39 फीसदी लड़कियां और 50 फीसदी लड़के पास हुए थे।
वर्जन-
जिले का पास प्रतिशत बढ़ाने के लिए इस बार भी कड़ी मशक्कत की थी। कोविड के कारण तैयारियां धरी रह गई। विद्यार्थी परीक्षा ही नहीं दे सके। ऐसे में सही मूल्यांकन नहीं हो सका। हालांकि बीते वर्षों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। इस बार किसी विद्यार्थी को फेल नहीं किया गया। - रीतू चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी