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Faridabad News: नौ करोड़ से मास्टर सीवर लाइन की होगी सफाई
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ग्रेटर फरीदाबाद के लोगों को सीवर जाम से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 से 89 तक रहने वाले हजारों लोगों को सीवर जाम और ओवरफ्लो से राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से क्षेत्र की मास्टर सीवर लाइन की सफाई करने की योजना तैयार की है। इस काम पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मास्टर सीवर लाइन की नियमित सफाई होने से सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी।
परियोजना के तहत सेक्टर-78 से 89 के बीच बिछी 700 मिलीमीटर से लेकर 1800 मिलीमीटर व्यास तक की मास्टर सीवर लाइनों की गाद निकाली जाएगी। इसके लिए हाई-प्रेशर जेटिंग और हाई-वॉल्यूम सुपर सकर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। मशीनों की मदद से पाइपलाइन के अंदर जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोध हटाए जाएंगे। इसके अलावा जिन मैनहोल का पता नहीं चल पा रहा है, उन्हें मैग्नेटिक ट्रैकिंग तकनीक के माध्यम से तलाशा जाएगा।
सफाई के बाद सीसीटीवी से होगी जांच
सफाई का काम पूरा होने के बाद सीवर लाइन की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए करीब 11,459 मीटर लंबी पाइपलाइन का सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा। 360 डिग्री जूमिंग और रोटेटिंग पैन-टिल्ट कैमरों की मदद से पाइपलाइन के अंदर की स्थिति देखी जाएगी। इससे लाइन में टूट-फूट, क्षति, रिसाव या अन्य तकनीकी खामी का पता लगाया जा सकेगा। जांच के बाद आवश्यक मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।
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परियोजना के तहत सीवर व्यवस्था को लेकर शिकायतों के निस्तारण की समय सीमा भी तय की गई है। 30 माह के रखरखाव के दौरान सीवर ओवरफ्लो, ब्लॉकेज या लाइन धंसने जैसी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान करना अनिवार्य होगा। वहीं, यदि किसी स्थान पर मैनहोल का कवर टूट जाता है या गायब होता है तो उसे चार घंटे के भीतर बदलना होगा।
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वर्जन-
सेक्टर-78 से 89 तक मास्टर सीवर लाइन की डी-सिल्टिंग और रखरखाव से सीवर व्यवस्था बेहतर होगी। आधुनिक मशीनों से सफाई के बाद सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा। रखरखाव अवधि में ओवरफ्लो और ब्लॉकेज की शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 से 89 तक रहने वाले हजारों लोगों को सीवर जाम और ओवरफ्लो से राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से क्षेत्र की मास्टर सीवर लाइन की सफाई करने की योजना तैयार की है। इस काम पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मास्टर सीवर लाइन की नियमित सफाई होने से सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी।
परियोजना के तहत सेक्टर-78 से 89 के बीच बिछी 700 मिलीमीटर से लेकर 1800 मिलीमीटर व्यास तक की मास्टर सीवर लाइनों की गाद निकाली जाएगी। इसके लिए हाई-प्रेशर जेटिंग और हाई-वॉल्यूम सुपर सकर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। मशीनों की मदद से पाइपलाइन के अंदर जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोध हटाए जाएंगे। इसके अलावा जिन मैनहोल का पता नहीं चल पा रहा है, उन्हें मैग्नेटिक ट्रैकिंग तकनीक के माध्यम से तलाशा जाएगा।
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सफाई के बाद सीसीटीवी से होगी जांच
सफाई का काम पूरा होने के बाद सीवर लाइन की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए करीब 11,459 मीटर लंबी पाइपलाइन का सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा। 360 डिग्री जूमिंग और रोटेटिंग पैन-टिल्ट कैमरों की मदद से पाइपलाइन के अंदर की स्थिति देखी जाएगी। इससे लाइन में टूट-फूट, क्षति, रिसाव या अन्य तकनीकी खामी का पता लगाया जा सकेगा। जांच के बाद आवश्यक मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।
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परियोजना के तहत सीवर व्यवस्था को लेकर शिकायतों के निस्तारण की समय सीमा भी तय की गई है। 30 माह के रखरखाव के दौरान सीवर ओवरफ्लो, ब्लॉकेज या लाइन धंसने जैसी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान करना अनिवार्य होगा। वहीं, यदि किसी स्थान पर मैनहोल का कवर टूट जाता है या गायब होता है तो उसे चार घंटे के भीतर बदलना होगा।
वर्जन-
सेक्टर-78 से 89 तक मास्टर सीवर लाइन की डी-सिल्टिंग और रखरखाव से सीवर व्यवस्था बेहतर होगी। आधुनिक मशीनों से सफाई के बाद सीसीटीवी सर्वे कराया जाएगा। रखरखाव अवधि में ओवरफ्लो और ब्लॉकेज की शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए