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Faridabad News: कमजोरी से कामयाबी की ओर बढ़ रहा सफर

Tue, 17 Jun 2025 10:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 10:27 PM IST
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The journey from weakness to success
- छह साल की उम्र में चली गई थी आंखों की रोशनी, फिर भी नहीं मानी हार
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छह साल में एक बीमारी के कारण आंखों की रोशनी चली गई। परिवार के लोगों ने कहना शुरू दिया कि बेटी के जीवन में अंधकार छा जाएगा, लेकिन हार नहीं मानी। जब संघर्ष कर रही थी तभी ईश्वर ने पिता का हाथ सिर से उठा लिया। बहनों और मां के साथ से हिम्मत मिली। हाईस्कूल की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के स्वयं पढ़ाई करके 12वीं में 71.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह कहानी है रबूपुरा की रहने वाली आंचल शर्मा की।
अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही आंचल ने बताया कि परीक्षा की तैयारी करते वक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मैं विद्यालय में ब्रेल लिपि की मदद से पढ़ाई करती थी। मेरे आग्रह पर शिक्षकों ने क्लास में फोन ले जाने की अनुमति दे दी। जो भी कक्षा में पढ़ाया जाता है उसकी रिकॉर्डिंग करके घर लाती और बाद में सुनती व विषय को समझने की कोशिश करती। आंचल ने बताया कि उनका रुझान सिंगिंग और एक्टिंग की तरफ है। पिता का सपना था कि मेरी बेटी आईपीएस बनेगी। मैंने उसकी तैयारी शुरु कर दी है।
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तानों का नहीं पड़ता कोई असर

आंचल ने बताया कि कई बार परिवार के साथ बाहर के लोग भी ताने मारते हैं कि आंखों से दिखाई नहीं देता और चली आईपीएस बनने। उनके ताने हिम्मत देते हैं। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जुट गई हूं। असफलता से सीखते हुए आगे बढ़ रही है। दूसरों की बातों का उनपर कोई असर नहीं पड़ता है।
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सीख - आपको आगे बढ़ने से कई लोग रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप लक्ष्य को पाने के लिए लगे रहिए। जो आपकी कमजोरी हो उसे ही ताकत बना लेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।


नाम - आंचल शर्मा
कस्बा -रबूपुरा


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मैं और मेरी बहना


मेरी बहन सबसे प्यारी,

जैसे रबड़ी-सी मीठी, फिर पानी-सी खारी।



कभी-कभी वो हो जाए परेशान,

और मैं हँस दूँ, बन जाए प्यारी सी जान।



किताबों से दूर भागने का बहाना,

धूप में भी लगे वो ठंडी-सी छाया।



खेलों में सबसे आगे निकलती,

पकड़म–पकड़ाई में सबसे तेज़ चलती।



मेरी चीजें चुपके से ले जाती,

फिर मुझसे ही सफाई करवाती।



मासूम सी, प्यारी सी लगती,

फिर भी मुझसे हर बात में बहस करती।



छोटी सी बहना, दुनिया से न्यारी,

शरारतों की रानी, दिल की सच्ची प्यारी।



नाम -एमी कुलश्रेष्ठ

कक्षा -सात

विद्यालय का नाम-जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी

स्थान - एसकेए मेट्रो विले सोसाइटी,ग्रेटर नोएडा
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