{"_id":"696932ded9da36298304d315","slug":"the-ever-increasing-pollution-has-increased-the-worries-of-respiratory-patients-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-60462-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: लगातार बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई सांस रोगियों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: लगातार बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई सांस रोगियों की चिंता
विज्ञापन
सेक्टर-11 इलाके का एक्यूआई 274 दर्ज किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण हवा की सेहत बिगड़ रही है। सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 285 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं फरीदाबाद शहर का एक्यूआई 235 रिकॉर्ड किया गया। जहरीली होती हवा ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद के सेक्टर-11 इलाके में सबसे अधिक एक्यूआई 274 दर्ज किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। सुबह और देर रात तक धुंध और स्मॉग की चादर छाई रहने से लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से प्रदूषक तत्व हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों का उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाना भी प्रदूषण को बढ़ा रहा है। कई इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं, जिससे हवा में धुआं और जहरीली गैसें घुल रही हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के बीच बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। सांस के मरीजों को मास्क का उपयोग करने और नियमित दवाइयां लेने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण हवा की सेहत बिगड़ रही है। सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 285 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं फरीदाबाद शहर का एक्यूआई 235 रिकॉर्ड किया गया। जहरीली होती हवा ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद के सेक्टर-11 इलाके में सबसे अधिक एक्यूआई 274 दर्ज किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। सुबह और देर रात तक धुंध और स्मॉग की चादर छाई रहने से लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से प्रदूषक तत्व हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक इकाइयों का उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाना भी प्रदूषण को बढ़ा रहा है। कई इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं, जिससे हवा में धुआं और जहरीली गैसें घुल रही हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के बीच बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। सांस के मरीजों को मास्क का उपयोग करने और नियमित दवाइयां लेने की सलाह दी गई है।