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ड्राइवर का पलवल में मुंह किया काला..
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बल्लभगढ़। पलवल के अलावलपुर चौक पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों और किसानों ने किलोमीटर योजना के तहत बल्लभगढ़ से अलीगढ़ बस ले जाने वाले ड्राइवर के चेहरे पर कालिख पोत दी। इसके बाद बस पर ईंट और पत्थर मारे, जिससे शीश टूट गए। साथ ही उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह उपचार के लिए पलवल के सरकारी अस्पताल में गए। चालक नारायण ने बताया कि उन्होंने हड़ताल शुरू होने से पहले जीएम राजीव नागपाल को एक ज्ञापन दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि रोडवेज एससी कर्मचारी संघर्ष समिति ऑफ हरियाणा फरीदाबाद डिपो सांझा मोर्चा द्वारा प्रस्तावित 28 व 29 मार्च की हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। इन दोनों दिन वह कार्य करेंगे। इसको लेकर उन्होंने पलवल कैंप थाने में केस दर्ज करवा दिया है। चालक का कहना है कि उसने दो दिन पहले ही सुरक्षा मांगी थी। इस मामले में पलवल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बसें न मिलने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
बल्लभगढ़ बस डिपो से मंगलवार सुबह केवल पांच बसें चलीं। इन्हें चंडीगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली और हरिद्वार रूटों पर चलाया गया। इसके बाद कोई बसें नहीं चलाई र्गइं। बसों का संचालन ठप होने से जहां एक ओर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं हड़ताल के कारण रोडवेज को करीब 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
सुनीता ने बताया कि वह परिवार के साथ बड़े भाई के यहां किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह वापस अपने शहर पानीपत जाने लगीं। सुबह 8 बजे जब वह बल्लभगढ़ बस डिपो पर आईं तो पता चला कि रोडवेज की हड़ताल है। इसके बाद से वह पानीपत के लिए निजी बस का इंतजार करती रही, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई भी बस नहीं मिली।
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दो दिन में 24 लाख का नुकसान
डीआई नेपाल अधाना ने बताया कि दो दिन रोडवेज की हड़ताल होने की वजह से जहां एक ओर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं रोडवेज को इन दो दिन में करीब 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके डिपो से हर रोज करीब 11 से 12 लाख रुपये की बस टिकट खरीदी जाती है। हड़ताल होने की वजह से यह आंकड़ा मात्र हजारों में रह गया।
ड्राइवर के साथ जो मारपीट हुई है, उसको लेकर थाना पलवल कैंप में केस दर्ज करवा दिया है। डिपो के बाहर कोई मारपीट होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की है। बुधवार से सभी बसें सुचारु रुप से चलाने की कोशिश की जाएंगी। - राजीव नागपाल, जीएम, हरियाणा रोडवेज, बल्लभगढ़
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बल्लभगढ़ बस डिपो से मंगलवार सुबह केवल पांच बसें चलीं। इन्हें चंडीगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली और हरिद्वार रूटों पर चलाया गया। इसके बाद कोई बसें नहीं चलाई र्गइं। बसों का संचालन ठप होने से जहां एक ओर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं हड़ताल के कारण रोडवेज को करीब 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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सुनीता ने बताया कि वह परिवार के साथ बड़े भाई के यहां किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह वापस अपने शहर पानीपत जाने लगीं। सुबह 8 बजे जब वह बल्लभगढ़ बस डिपो पर आईं तो पता चला कि रोडवेज की हड़ताल है। इसके बाद से वह पानीपत के लिए निजी बस का इंतजार करती रही, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई भी बस नहीं मिली।
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दो दिन में 24 लाख का नुकसान
डीआई नेपाल अधाना ने बताया कि दो दिन रोडवेज की हड़ताल होने की वजह से जहां एक ओर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं रोडवेज को इन दो दिन में करीब 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके डिपो से हर रोज करीब 11 से 12 लाख रुपये की बस टिकट खरीदी जाती है। हड़ताल होने की वजह से यह आंकड़ा मात्र हजारों में रह गया।
ड्राइवर के साथ जो मारपीट हुई है, उसको लेकर थाना पलवल कैंप में केस दर्ज करवा दिया है। डिपो के बाहर कोई मारपीट होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की है। बुधवार से सभी बसें सुचारु रुप से चलाने की कोशिश की जाएंगी। - राजीव नागपाल, जीएम, हरियाणा रोडवेज, बल्लभगढ़