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Faridabad News: शहर के नाले गंदगी से अटे, बारिश में होगा जलभराव
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फोटो-
- मानसून में शहर है झील बनने को तैयार, 15 दिन में प्री मानसून प्रदेश में करेगा प्रवेश
अमर उजाला अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून सिर पर है और शहर के प्रमुख नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। पिछले सप्ताह केवल हल्की बारिश हुई थी फिर भी कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद नगर निगम सबक लेने को तैयार नहीं है। मौसम विभाग के दावों की माने तो प्री मानसून 15 दिन में हरियाणा में प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद बारिश शुरू हो जाएगी। नगर निगम ने जल्द नालों की सफाई नहीं कराई, तो मानसून में लोगों को फिर जलभराव से जूझना पड़ सकता है। यही हाल रहा तो मानसून में शहर झील बनने के लिए तैयार है।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 70 नाले हैं। इनकी लंबाई करीब 120 किलोमीटर है। नगर निगम ने छह माह पहले बीके से नीलम चौक, नीलम चौक रेलवे रोड, नेहरू ग्राउंड, एसजीएम नगर, नंगला, भड़ाना चौक, सरपंच चौक, गौंछी ड्रेन की जेसीबी से सफाई कराई थी, लेकिन सफाई के बाद नालों से निकली सिल्ट को वहीं छोड़ दिया गया था। इस कारण नाले फिर गंदगी से भर गए है।
सफाई की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शहर के नालों का जायजा लिया। सेंट्रल ग्रीन, एनआईटी-5, नीलम रेलवे रोड, नेहरू ग्राउंड, एनआईटी 3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रोड के नाले अभी भी सिल्ट और कचरे से अटे हुए हैं। यही वजह है कि पिछले सप्ताह हुई बारिश से तीन दिनों तक सड़कों पर पानी जमा रहा था। इस बार झमाझम बारिश हुई तो शहर के सेक्टर और कॉलोनियां जलभराव से फिर लबालब हो जाएंगी।
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सेंट्रल ग्रीन नाला गंदगी से अटा
बीके से ओल्ड फरीदाबाद चौक के बीच बने नालों में अभी भी प्लास्टिक और कचरा भरा हुआ है। पिछले दिनों निगम की ओर से सफाई कराई गई थी, लेकिन वह केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। इस कारण यह नाला गंदगी से ओवरफ्लो हो रहा है। मूसलाधार बारिश हुई तो यह कचरा पानी का बहाव रोक देगा और नाले उफान मारने लगेंगे।
बीके चौक-नेहरू ग्राउंड नाले पर अतिक्रमण
बीके चौक-नेहरू ग्राउंड के बीच बना नाला कई वर्ष पुराना है, जो खस्ता हालत में है। इस नाले पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। निगम की ओर से अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही इस नाले की सफाई कराई गई। तेज बारिश में इस नाले के जाम होने की वजह से मेट्रो मोड़, बीके चौक, नेहरू ग्राउंड समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव होता है। सड़क के दूसरी ओर बने छोटे नाले में भी मिट्टी और कचरा भरा हुआ है।
एनआईटी 5 नाला सिल्ट से जाम
एनआईटी 5 स्थित बीके-नीलम चौक के बीच सड़क के दोनों तरफ बने नालों की करीब एक साल पहले नगर निगम ने जेसीबी से सफाई कराई थी। लेकिन, यहां भी सफाई कराने के बाद सिल्ट को उठाया नहीं गया। इस कारण वह फिर से नालों में बह गई। दोनों तरफ के नाले गंदगी और कचरे से भरे हुए है। यदि झमाझम बारिश हुई तो एक बार फिर लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
गौंछी ड्रेन का हाल बुरा
गौछी ड्रेन एनआईटी विधानसभा की कई काॅलोनियों और सेक्टरों से होकर गुजरती है। हर साल मानसून के समय इस ड्रेन का पानी ओवरफ्लो होकर बाहर आ जाता है। इसकी वजह से सेक्टर और काॅलोनियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हर साल निगम की ओर से इसकी सफाई करीबन एक माह पहले ही करा दी जाती है। इस बार नहीं कराई गई।
इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या ज्यादा
बीके चौक, नीलम रेलवे रोड, गांधी कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, सेक्टर-22, 23 चौक, सेक्टर-7, 8, 9, वाईएमसीए चौक, अजरौंदा चौक, बाटा मोड, बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक, डबुआ 60 फुट रोड आदि।
वर्जन
मानसून से पहले सभी मुख्य नालों की सफाई की तैयारी कर ली गई है। सभी जोन के कार्यकारी अभियंता को आदेश दिया गया है कि वह सफाई के लिए प्रस्ताव तैयार करें। जिससे सफाई काम जल्द शुरू हो सके।
- बीके कर्दम, मुख्य अभियंता नगर निगम
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- मानसून में शहर है झील बनने को तैयार, 15 दिन में प्री मानसून प्रदेश में करेगा प्रवेश
अमर उजाला अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून सिर पर है और शहर के प्रमुख नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। पिछले सप्ताह केवल हल्की बारिश हुई थी फिर भी कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद नगर निगम सबक लेने को तैयार नहीं है। मौसम विभाग के दावों की माने तो प्री मानसून 15 दिन में हरियाणा में प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद बारिश शुरू हो जाएगी। नगर निगम ने जल्द नालों की सफाई नहीं कराई, तो मानसून में लोगों को फिर जलभराव से जूझना पड़ सकता है। यही हाल रहा तो मानसून में शहर झील बनने के लिए तैयार है।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 70 नाले हैं। इनकी लंबाई करीब 120 किलोमीटर है। नगर निगम ने छह माह पहले बीके से नीलम चौक, नीलम चौक रेलवे रोड, नेहरू ग्राउंड, एसजीएम नगर, नंगला, भड़ाना चौक, सरपंच चौक, गौंछी ड्रेन की जेसीबी से सफाई कराई थी, लेकिन सफाई के बाद नालों से निकली सिल्ट को वहीं छोड़ दिया गया था। इस कारण नाले फिर गंदगी से भर गए है।
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सफाई की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शहर के नालों का जायजा लिया। सेंट्रल ग्रीन, एनआईटी-5, नीलम रेलवे रोड, नेहरू ग्राउंड, एनआईटी 3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रोड के नाले अभी भी सिल्ट और कचरे से अटे हुए हैं। यही वजह है कि पिछले सप्ताह हुई बारिश से तीन दिनों तक सड़कों पर पानी जमा रहा था। इस बार झमाझम बारिश हुई तो शहर के सेक्टर और कॉलोनियां जलभराव से फिर लबालब हो जाएंगी।
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सेंट्रल ग्रीन नाला गंदगी से अटा
बीके से ओल्ड फरीदाबाद चौक के बीच बने नालों में अभी भी प्लास्टिक और कचरा भरा हुआ है। पिछले दिनों निगम की ओर से सफाई कराई गई थी, लेकिन वह केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। इस कारण यह नाला गंदगी से ओवरफ्लो हो रहा है। मूसलाधार बारिश हुई तो यह कचरा पानी का बहाव रोक देगा और नाले उफान मारने लगेंगे।
बीके चौक-नेहरू ग्राउंड नाले पर अतिक्रमण
बीके चौक-नेहरू ग्राउंड के बीच बना नाला कई वर्ष पुराना है, जो खस्ता हालत में है। इस नाले पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। निगम की ओर से अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही इस नाले की सफाई कराई गई। तेज बारिश में इस नाले के जाम होने की वजह से मेट्रो मोड़, बीके चौक, नेहरू ग्राउंड समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव होता है। सड़क के दूसरी ओर बने छोटे नाले में भी मिट्टी और कचरा भरा हुआ है।
एनआईटी 5 नाला सिल्ट से जाम
एनआईटी 5 स्थित बीके-नीलम चौक के बीच सड़क के दोनों तरफ बने नालों की करीब एक साल पहले नगर निगम ने जेसीबी से सफाई कराई थी। लेकिन, यहां भी सफाई कराने के बाद सिल्ट को उठाया नहीं गया। इस कारण वह फिर से नालों में बह गई। दोनों तरफ के नाले गंदगी और कचरे से भरे हुए है। यदि झमाझम बारिश हुई तो एक बार फिर लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
गौंछी ड्रेन का हाल बुरा
गौछी ड्रेन एनआईटी विधानसभा की कई काॅलोनियों और सेक्टरों से होकर गुजरती है। हर साल मानसून के समय इस ड्रेन का पानी ओवरफ्लो होकर बाहर आ जाता है। इसकी वजह से सेक्टर और काॅलोनियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हर साल निगम की ओर से इसकी सफाई करीबन एक माह पहले ही करा दी जाती है। इस बार नहीं कराई गई।
इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या ज्यादा
बीके चौक, नीलम रेलवे रोड, गांधी कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, सेक्टर-22, 23 चौक, सेक्टर-7, 8, 9, वाईएमसीए चौक, अजरौंदा चौक, बाटा मोड, बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक, डबुआ 60 फुट रोड आदि।
वर्जन
मानसून से पहले सभी मुख्य नालों की सफाई की तैयारी कर ली गई है। सभी जोन के कार्यकारी अभियंता को आदेश दिया गया है कि वह सफाई के लिए प्रस्ताव तैयार करें। जिससे सफाई काम जल्द शुरू हो सके।
- बीके कर्दम, मुख्य अभियंता नगर निगम