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Faridabad News: बेटियों के जन्म से जिले ने दिखाई बेहतर तस्वीर, 924 पहुंचा आंकड़ा

Mon, 11 May 2026 12:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 12:52 AM IST
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The district showed a better picture with the birth of daughters, the figure reached 924.
जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से सुधरा लिंगानुपात
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जहां दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में गिरता लिंगानुपात चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं फरीदाबाद ने इस मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दर्ज कर सकारात्मक संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में एक जनवरी से 30 अप्रैल तक जिले में प्रति एक हजार बेटों पर 924 बेटियों का जन्म दर्ज किया गया। पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा सुधार की ओर इशारा करता है ।



जिले में पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो लिंगानुपात में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 913, वर्ष 2020 में 912, वर्ष 2021 में गिरकर 893 और वर्ष 2022 में 892 तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियानों का असर दिखाई देने लगा। वर्ष 2023 में लिंगानुपात बढ़कर 904 हुआ और अब 2026 में यह 924 तक पहुंच गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक जिले में कुल 44,395 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें 23,066 बेटे और 21,329 बेटियां शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की सोच में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रूण लिंग जांच पर निगरानी, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का असर भी अब दिखाई देने लगा है।





जिले में लिंगानुपात में सुधार स्वास्थ्य विभाग की टीमों, आशा कार्यकर्ताओं और जागरूकता अभियानों की लगातार मेहनत का परिणाम है। विभाग द्वारा गांवों और शहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से लोगों को बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निगरानी और कार्रवाई भी लगातार जारी है, ताकि भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।- डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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