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Faridabad News: बुजुर्ग से लूट के मामले में पुलिस की लापरवाही पर अदालत ने दोबारा जांच के आदेश दिए

Tue, 10 Feb 2026 12:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:19 AM IST
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The court ordered a reinvestigation into the police's negligence in the robbery of an elderly man.
संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। अदालत ने 66 वर्षीय बुजुर्ग से हुई लूटपाट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नवीन कुमार-1 की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा पेश की गई अनट्रेस्ड रिपोर्ट यानी आरोपी का सुराग न मिलने की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को सीधे आदेश दिया है कि इस मामले की जांच किसी जिम्मेदार इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी से दोबारा कराई जाए जो पिछली जांच टीम का हिस्सा न रहा हो।

पूरा मामला 13 नवंबर 2023 की रात करीब आठ बजे का है जब जवाहर कॉलोनी निवासी जयवीर सिंह अपनी गाड़ी से सेक्टर 86 के पास से गुजर रहे थे। तभी एक नकाबपोश मोटरसाइकिल सवार ने उन्हें रोका और पिस्तौल तानकर उनसे 38 हजार रुपये लूट लिए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। इस मामले में थाना खेड़ीपुल में 14 नवंबर 2023 को एफआईआर दर्ज कि थी।
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अदालत ने पाया कि जांच के दौरान पुलिस ने सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य यानी सीसीटीवी फुटेज को समय पर सुरक्षित करने में भारी लापरवाही की। रिकॉर्ड के अनुसार स्मार्ट सिटी सर्विलांस की फुटेज तीस दिनों के बाद ओवरराइट हो गई जिससे अपराधी की पहचान का सबसे बड़ा जरिया खत्म हो गया। अदालत ने जांच रिपोर्ट में भी भारी खामियां पकड़ीं जिसमें पाया गया कि फाइल में ऐसी जानकारियां और कागजात लगाए गए थे जिनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस ने बिना ठोस वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के ही मामले को अनट्रेस्ड बताकर बंद करने की कोशिश की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग नागरिक के साथ हथियार के दिखाकर लूट एक गंभीर अपराध है और पुलिस की सतही जांच न्याय के विरुद्ध है। अदालत ने आदेश दिया है कि नए जांच अधिकारी सभी तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल करें और गवाहों के बयान दोबारा दर्ज करें। पुलिस कमिश्नर को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है और अब मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।
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