{"_id":"683363caf02924fcb10a5510","slug":"the-builder-is-collecting-a-huge-amount-in-the-name-of-electricity-bill-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-43970-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बिल्डर की ओर से बिजली बिल के नाम पर वसूल जा रही मोटी रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बिल्डर की ओर से बिजली बिल के नाम पर वसूल जा रही मोटी रकम
Mon, 26 May 2025 12:09 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 12:09 AM IST
सार
डिस्कवरी पार्क सोसाइटी के निवासियों ने कहा, जनरेटर चलने पर लिए जाते हैं 45 रुपये प्रति यूनिट।
विज्ञापन
विस्तार
सेक्टर-80 की डिस्कवरी पार्क सोसाइटी में पार्किंग व रखरखाव शुल्क को लेकर निवासी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बिल्डर की ओर से बिजली बिल के नाम पर मोटी रकम वसूल की जा रही है। सोसाइटी में बहुत खराब गुणवत्ता वाला सामान इस्तेमाल किया गया है। निवासियों ने बताया कि उनसे रखरखाव शुल्क के नाम पर 5.5 वर्ग फीट के हिसाब से रुपये वसूल किए जा रहे हैं। इसके अलावा जनरेटर के भी 45 रुपये प्रति यूनिट वसूल किए जा रहे हैं। जिसका लिखित में कुछ भी नहीं दिया जाता। यह बातें रविवार को लोगों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रखीं और बिल्डर से समाधान की मांग की।
अमित गुप्ता, चेतन, अमनदीप, अमित, नितिन, गौरव, प्रदीप व अन्य लोगों ने बताया कि सोसाइटी में रखरखाव के नाम पर कॉमन एरिया, क्लब हाउस, बिजली का बिल और जनरेटर के अलग-अलग बिल देकर इसका शुल्क लिया जाता है। इसको लेकर निवासियों ने कई बार विरोध भी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। निवासी वर्ग फीट के हिसाब से 8 हजार से लेकर 12 हजार तक शुल्क दे रहे हैं। यदि बिल्डर की ओर से किसी कारण से जनरेटर चलाया जाता है तो उसके रुपये भी सोसाइटी निवासियों को देने पड़ते हैं।
वहीं पिछले दिनों आई आंधी में सोसाइटी में टॉयलेट्स की अचानक सीलिंग टूट कर नीचे गिर गई। निवासियों का कहना है कि बिल्डर की ओर से खराब गुणवत्ता वाला सामान इस्तेमाल करने के चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने इस बारे में बिल्डर के प्रतिनिधियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
विज्ञापन
निवासियों का कहना है कि 2019 में फ्लैट देते समय उन्हें पार्किंग अलॉट की गई थी। लेकिन 2024 में रातों- रात उनके पार्किंग नंबर मिटा दिए गए । नए निवासियों के लिए पुराने निवासियों की पार्किंग धोखे से बदल दी गई। लोगों का कहना है कि इन सभी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उम्मीद है कि आपके माध्यम से अधिकारी सुन लें और जल्द इसका समाधान करें।
2020 से रखरखाव के नाम पर दस हजार रुपये प्रति माह दे रहे हैं। माह में रखरखाव के तीन बिल आते हैं, जबकि माह में केवल एक बिल होना चाहिए। - अमित कुमार गुप्ता
बिजली के बिल में कोई पारदर्शिता नहीं हैं। जितना बिल आता है हमें उतना देना पड़ता है। हम चाहते हैं कि इस तरह की मनमानी हमारे साथ न की जाए। - चेतन गुगलानी
रातों रात धोखे से हमारी पार्किंग बदल दी गई और हमारे पार्किंग के नंबर मिटाकर हमें बेसमेंट में पार्किंग दी गई, जोकि बिल्कुल गलत है। - नितिन शर्मा
बिजली कट होने पर जनरेटर चालू किया जाता है, जिसका 45 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना पड़ता है। । - अमनदीप मेहरा
विज्ञापन
अमित गुप्ता, चेतन, अमनदीप, अमित, नितिन, गौरव, प्रदीप व अन्य लोगों ने बताया कि सोसाइटी में रखरखाव के नाम पर कॉमन एरिया, क्लब हाउस, बिजली का बिल और जनरेटर के अलग-अलग बिल देकर इसका शुल्क लिया जाता है। इसको लेकर निवासियों ने कई बार विरोध भी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। निवासी वर्ग फीट के हिसाब से 8 हजार से लेकर 12 हजार तक शुल्क दे रहे हैं। यदि बिल्डर की ओर से किसी कारण से जनरेटर चलाया जाता है तो उसके रुपये भी सोसाइटी निवासियों को देने पड़ते हैं।
विज्ञापन
वहीं पिछले दिनों आई आंधी में सोसाइटी में टॉयलेट्स की अचानक सीलिंग टूट कर नीचे गिर गई। निवासियों का कहना है कि बिल्डर की ओर से खराब गुणवत्ता वाला सामान इस्तेमाल करने के चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने इस बारे में बिल्डर के प्रतिनिधियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
विज्ञापन
निवासियों का कहना है कि 2019 में फ्लैट देते समय उन्हें पार्किंग अलॉट की गई थी। लेकिन 2024 में रातों- रात उनके पार्किंग नंबर मिटा दिए गए । नए निवासियों के लिए पुराने निवासियों की पार्किंग धोखे से बदल दी गई। लोगों का कहना है कि इन सभी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उम्मीद है कि आपके माध्यम से अधिकारी सुन लें और जल्द इसका समाधान करें।
2020 से रखरखाव के नाम पर दस हजार रुपये प्रति माह दे रहे हैं। माह में रखरखाव के तीन बिल आते हैं, जबकि माह में केवल एक बिल होना चाहिए। - अमित कुमार गुप्ता
बिजली के बिल में कोई पारदर्शिता नहीं हैं। जितना बिल आता है हमें उतना देना पड़ता है। हम चाहते हैं कि इस तरह की मनमानी हमारे साथ न की जाए। - चेतन गुगलानी
रातों रात धोखे से हमारी पार्किंग बदल दी गई और हमारे पार्किंग के नंबर मिटाकर हमें बेसमेंट में पार्किंग दी गई, जोकि बिल्कुल गलत है। - नितिन शर्मा
बिजली कट होने पर जनरेटर चालू किया जाता है, जिसका 45 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना पड़ता है। । - अमनदीप मेहरा