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बल्लभगढ़ की हवा देशभर में सबसे ज्यादा खराब
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फरीदाबाद। दिवाली से पहले शहर की हवा की गुणवत्ता एक बार खराब होने लगी है। शुक्रवार को देश में बल्लभगढ़ की हवा सबसे ज्यादा खराब रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी की गई सूची के अनुसार बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 254 के साथ देश में पहले स्थान पर रहा। प्रदूषण के मामले में फरीदाबाद दूसरे स्थान रहा। फरीदाबाद का औसत एक्यूआई 226 रहा, जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से खराब है।
पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश से शहर की वायु गुणवत्ता काफी साफ बनी हुई थी। शहरवासी खुली हवा में सांस ले रहे थे। बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 80 तक पहुंच गया था। वहीं फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 110 के आसपास था। बारिश के कारण हवा के प्रदूषण कण नीचे बैठ गए थे। अब दोबारा से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने से लोगों को सांस की परेशानी होने लगी है। इसकी एक वजह से शहर में चल रहे निर्माण कार्य भी हैं। यहां निर्माण कार्य के दौरान धूप न उड़े इसे रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। हार्डवेयर चौक पर सड़क निर्माण की वजह से उड़ रही धूल से वाहन चालक बेहद परेशान है।
वहीं शुक्रवार को जिले में हवा की गति थमी रही, जिसकी वजह से प्रदूषित कण एक जगह पर एकत्र होना शुरू हो गए हैं। इससे एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। चिंता की बात ये है कि नौ दिनों के बाद शहर में एक्यूआई का स्तर 200 से ऊपर पहुंचा है। अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो शुक्रवार को सेक्टर-16 क्षेत्र की हवा खराब श्रेणी में रही। औसत एक्यूआई 226 दर्ज किया गया। सेक्टर 11 बल्लभगढ़ क्षेत्र का एक्यूआई 254 व सेक्टर 30 का एक्यूआई 185 दर्ज किया गया।
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एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि यदि वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होता है तो अनेक प्रकार की सांस संबंधी बीमारियों हो सकती हैं। जिन लोगों के फेफड़े पहले से ही कमजोर हैं उन्हें खराब हवा में सांस लेने में काफी परेशानी होती है। इसलिए जो लोग सांस संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
बारिश के बाद सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़नी शुरू हो गई है। इससे प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
-पीकेएमके दास, पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
प्रदूषण रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निगम की ओर से जहां-जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहां जल्द पानी का छिड़काव शुरू किया जाएगा। बल्लभगढ़ में फॉग गन भी लगाई गई है।
यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम
प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम शुरू कर दिया गया है। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम को भी इस संबंध में पत्र लिख दिया गया है।
दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, बल्लभगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश से शहर की वायु गुणवत्ता काफी साफ बनी हुई थी। शहरवासी खुली हवा में सांस ले रहे थे। बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 80 तक पहुंच गया था। वहीं फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 110 के आसपास था। बारिश के कारण हवा के प्रदूषण कण नीचे बैठ गए थे। अब दोबारा से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने से लोगों को सांस की परेशानी होने लगी है। इसकी एक वजह से शहर में चल रहे निर्माण कार्य भी हैं। यहां निर्माण कार्य के दौरान धूप न उड़े इसे रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। हार्डवेयर चौक पर सड़क निर्माण की वजह से उड़ रही धूल से वाहन चालक बेहद परेशान है।
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वहीं शुक्रवार को जिले में हवा की गति थमी रही, जिसकी वजह से प्रदूषित कण एक जगह पर एकत्र होना शुरू हो गए हैं। इससे एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। चिंता की बात ये है कि नौ दिनों के बाद शहर में एक्यूआई का स्तर 200 से ऊपर पहुंचा है। अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो शुक्रवार को सेक्टर-16 क्षेत्र की हवा खराब श्रेणी में रही। औसत एक्यूआई 226 दर्ज किया गया। सेक्टर 11 बल्लभगढ़ क्षेत्र का एक्यूआई 254 व सेक्टर 30 का एक्यूआई 185 दर्ज किया गया।
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एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि यदि वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होता है तो अनेक प्रकार की सांस संबंधी बीमारियों हो सकती हैं। जिन लोगों के फेफड़े पहले से ही कमजोर हैं उन्हें खराब हवा में सांस लेने में काफी परेशानी होती है। इसलिए जो लोग सांस संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
बारिश के बाद सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़नी शुरू हो गई है। इससे प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
-पीकेएमके दास, पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
प्रदूषण रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निगम की ओर से जहां-जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहां जल्द पानी का छिड़काव शुरू किया जाएगा। बल्लभगढ़ में फॉग गन भी लगाई गई है।
यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम
प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम शुरू कर दिया गया है। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम को भी इस संबंध में पत्र लिख दिया गया है।
दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, बल्लभगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड