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बल्लभगढ़ में हवा खराब श्रेणी में, फरीदाबाद की रही बेहद खराब
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फरीदाबाद। जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बल्लभगढ़ का प्रदूषण स्तर मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, फरीदाबाद खराब से बेहद खराब श्रेणी में रहा। आलम यह रहा कि फरीदाबाद बेहद खराब स्थिति के साथ देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया।
इससे यहां की करीब 24 लाख आबादी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हर उम्र के लोगों में सांस के साथ आंखों में परेशानी आ सकती है। लिहाजा डॉक्टर इस समय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि लोग घर से निकलने पर मास्क का उपयोग जरूर करें।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शाम चार बजे तक जारी डेली बुलेटिन के अनुसार देश में गाजियाबाद में 353, बागपत में 338 के बाद फरीदाबाद में 337 एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) दर्ज किया गया। इस एक्यूआई के साथ औद्योगिक नगरी देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। वहीं बुधवार को बल्लभगढ़ में 255 एक्यूआई दर्ज किया गया। मंगलवार को यहां का एक्यूूआई मध्यम स्तर के साथ 152 दर्ज किया गया था। इससे शहर के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनमें सांस संबंधित बीमारी के साथ आंखों में जलन आदि होने की संभावना बढ़ रही है।
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यह है कारण
जानकारों के अनुसार मौजूदा समय में शहर में जगह-जगह किए जा रहे निर्माण कार्य के साथ शहर की अधिकांश सड़कों पर धूल जमी है। वाहनों के चलने धूलकण उड़कर हवा में घुल रहे हैं। इसके अलावा मौजूदा त्योहारी सीजन में शहर में जाम लग रहा है। इससे भी वाहनों से निकलने वाले धुएं से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। इससे शहर का प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि अगर सड़क के साथ पेड़-पौधों पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाए तो कुछ हद तक प्रदूषण स्तर में सुधार आ सकता है। निगम के अधीक्षण अभियंता बिरेंद्र सिंह कर्दम ने बताया कि निगम की ओर से सड़कों पर जल्द पानी का छिड़काव किया जाएगा, जिससे वायु प्रदूषण पर विराम लगाया जा सके।
हवा की गुणवत्ता की मैन्युअली जांच कर रहा प्रदूषण विभाग
फरीदाबाद (दुर्गेश झा)। औद्योगिक नगरी में दिनोंदिन हवा की गुणवत्ता क्यों खराब हो रही है, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा अब मैन्युअली इसकी जांच की जा रही है। मैन्युअली तरीके से नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक इसकी जानकारी जुटाएंगे। साथ ही रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजेंगे। जिले में पांच जगहों पर एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित हैं। एनआईटी, सेक्टर-11, सेक्टर-16ए, सेक्टर-30 के अलावा बल्लभगढ़ स्थित नाथू कॉलोनी में स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन में लगे एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से हवा की गुणवत्ता जांची जा रही है। ये सिस्टम दो किलोमीटर के दायरे में हवा की रफ्तार संग उसमें व्याप्त गुणवत्ता को जांचते हैं। इससे ही पूरे जिले का आकलन किया जाता है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम से उन्हें प्रदूषण की पूरी जानकारी मिल जाती है। बावजूद शहर में प्रदूषण का स्तर क्यों खराब हो रहा है और इसके क्या कारण हैं इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। एएक्यूएमएस के अलावा वैज्ञानिक मैन्युअली हवा को जांच कर रहे हैं जिससे मशीन और मैन्युअली रूप से इसका आकलन हो सके। अधिकारियों के अनुसार मैन्युअली तरीके से हवा की जांच नहर पार से शुरू कर दी गई है। नहर पार के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता की जांच वैज्ञानिक खुद कर रहे हैं। एचएसपीसीबी क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि हवा की मैन्युअली जांच की जा रही है। अब मशीन के साथ साथ वैज्ञानिक विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर मैन्युअली हवा की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। संवाद
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इससे यहां की करीब 24 लाख आबादी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हर उम्र के लोगों में सांस के साथ आंखों में परेशानी आ सकती है। लिहाजा डॉक्टर इस समय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि लोग घर से निकलने पर मास्क का उपयोग जरूर करें।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शाम चार बजे तक जारी डेली बुलेटिन के अनुसार देश में गाजियाबाद में 353, बागपत में 338 के बाद फरीदाबाद में 337 एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) दर्ज किया गया। इस एक्यूआई के साथ औद्योगिक नगरी देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। वहीं बुधवार को बल्लभगढ़ में 255 एक्यूआई दर्ज किया गया। मंगलवार को यहां का एक्यूूआई मध्यम स्तर के साथ 152 दर्ज किया गया था। इससे शहर के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनमें सांस संबंधित बीमारी के साथ आंखों में जलन आदि होने की संभावना बढ़ रही है।
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यह है कारण
जानकारों के अनुसार मौजूदा समय में शहर में जगह-जगह किए जा रहे निर्माण कार्य के साथ शहर की अधिकांश सड़कों पर धूल जमी है। वाहनों के चलने धूलकण उड़कर हवा में घुल रहे हैं। इसके अलावा मौजूदा त्योहारी सीजन में शहर में जाम लग रहा है। इससे भी वाहनों से निकलने वाले धुएं से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। इससे शहर का प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि अगर सड़क के साथ पेड़-पौधों पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाए तो कुछ हद तक प्रदूषण स्तर में सुधार आ सकता है। निगम के अधीक्षण अभियंता बिरेंद्र सिंह कर्दम ने बताया कि निगम की ओर से सड़कों पर जल्द पानी का छिड़काव किया जाएगा, जिससे वायु प्रदूषण पर विराम लगाया जा सके।
हवा की गुणवत्ता की मैन्युअली जांच कर रहा प्रदूषण विभाग
फरीदाबाद (दुर्गेश झा)। औद्योगिक नगरी में दिनोंदिन हवा की गुणवत्ता क्यों खराब हो रही है, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा अब मैन्युअली इसकी जांच की जा रही है। मैन्युअली तरीके से नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक इसकी जानकारी जुटाएंगे। साथ ही रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजेंगे। जिले में पांच जगहों पर एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित हैं। एनआईटी, सेक्टर-11, सेक्टर-16ए, सेक्टर-30 के अलावा बल्लभगढ़ स्थित नाथू कॉलोनी में स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन में लगे एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से हवा की गुणवत्ता जांची जा रही है। ये सिस्टम दो किलोमीटर के दायरे में हवा की रफ्तार संग उसमें व्याप्त गुणवत्ता को जांचते हैं। इससे ही पूरे जिले का आकलन किया जाता है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम से उन्हें प्रदूषण की पूरी जानकारी मिल जाती है। बावजूद शहर में प्रदूषण का स्तर क्यों खराब हो रहा है और इसके क्या कारण हैं इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। एएक्यूएमएस के अलावा वैज्ञानिक मैन्युअली हवा को जांच कर रहे हैं जिससे मशीन और मैन्युअली रूप से इसका आकलन हो सके। अधिकारियों के अनुसार मैन्युअली तरीके से हवा की जांच नहर पार से शुरू कर दी गई है। नहर पार के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता की जांच वैज्ञानिक खुद कर रहे हैं। एचएसपीसीबी क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि हवा की मैन्युअली जांच की जा रही है। अब मशीन के साथ साथ वैज्ञानिक विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर मैन्युअली हवा की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। संवाद