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Faridabad News: एडीसी ने एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन और ऑटो म्यूटेशन में तेजी के दिए निर्देश
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मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों के साथ राजस्व कार्यों की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन समेत विभिन्न राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाने और अधिक से अधिक पात्र किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि किसान रजिस्ट्री केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने का आधार बनेगी। उर्वरक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसान हित से जुड़ी योजनाओं में इसका महत्व बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के फायदे के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे को तेजी से पूरा करने के लिए अधिक से अधिक सर्वेयरों की रजिस्ट्रेशन आईडी तैयार कराने को कहा। सीएम सैनी ने सभी उपायुक्तों को किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की दैनिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करते समय डेटा की शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। पुराने रिकॉर्ड में किसी तरह की त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे दुरुस्त किया जाए।
वीसी के बाद अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने संबंधित अधिकारियों को एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन के कार्य भी निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। एडीसी ने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से काम करें और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। इससे किसानों और आमजन को राजस्व सेवाओं का समयबद्ध लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के माध्यम से किसान की कृषि संबंधी पहचान और रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। भविष्य में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को इससे जोड़ा जा सकता है। बैठक में डीआरओ विकास, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन समेत विभिन्न राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाने और अधिक से अधिक पात्र किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि किसान रजिस्ट्री केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने का आधार बनेगी। उर्वरक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसान हित से जुड़ी योजनाओं में इसका महत्व बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के फायदे के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे को तेजी से पूरा करने के लिए अधिक से अधिक सर्वेयरों की रजिस्ट्रेशन आईडी तैयार कराने को कहा। सीएम सैनी ने सभी उपायुक्तों को किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की दैनिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करते समय डेटा की शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। पुराने रिकॉर्ड में किसी तरह की त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे दुरुस्त किया जाए।
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वीसी के बाद अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने संबंधित अधिकारियों को एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन के कार्य भी निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। एडीसी ने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से काम करें और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। इससे किसानों और आमजन को राजस्व सेवाओं का समयबद्ध लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के माध्यम से किसान की कृषि संबंधी पहचान और रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। भविष्य में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को इससे जोड़ा जा सकता है। बैठक में डीआरओ विकास, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।