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लोक अदालत के जरिये चार हजार केस निपटाने का लक्ष्य
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फरीदाबाद। जिला न्यायिक परिसर में 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी। इसमें करीब चार हजार केसों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है। कोरोना की तीन लहरों के बाद अदालत में केसों का बोझ काफी बढ़ गया है। इसे कम करने के लिए लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए डालसा के माध्यम से बीमा कंपनियों, अधिवक्ताओं और थाना स्तर पर पेंडिंग केसों का ब्योरा मंगाया है। ज्यादातर केसों की फाइल तैयार कर ली गई है। डालसा के पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि कोरोना की पहली लहर के बाद से ही अदालतों पर पेंडिग केसों का बोझ बढ़ना शुरू हो गया था। तीसरी लहर आते आते यह और बढ़ गया।
साल 2021 में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया था। उस समय करीब तीन हजार मामलों का निपटारा किया गया था। इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वाहन चालन से संबंधित मामलों के लिए हर शनिवार- रविवार को लोक अदालत लगाई जा रही है। जिसमें लोग अपने चालान जमा कराकर केस बंद करवा सकते हैं। धारा 107- 51 जैसे मामूली झगड़े आदि के केसों को लोग अपने जांच अधिकारी से मिलकर पुलिस स्तर पर ही खत्म करवा सकते हैं। 12 मार्च को बीमा कंपनी से जुड़े केस, चेक बाउंस, निगम जुर्माना, लाकडाउन के दौरान सरकारी नियमों की अवहेलना, घरेलू झगड़े, मोटर व्हीकल एक्ट, सड़क दुर्घटना जैसे मामलों को निपटाया जाएगा। मुख्य दंडाधिकारी मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से केस का निपटारा करवाने के बाद किसी अदालत में अपील नहीं की जा सकती। ज्यादातर मामले आपसी सहमति से ही निपटाए जाते हैं, इससे निपटारे के बाद भी प्यार प्रेम बना रहता है।
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साल 2021 में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया था। उस समय करीब तीन हजार मामलों का निपटारा किया गया था। इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वाहन चालन से संबंधित मामलों के लिए हर शनिवार- रविवार को लोक अदालत लगाई जा रही है। जिसमें लोग अपने चालान जमा कराकर केस बंद करवा सकते हैं। धारा 107- 51 जैसे मामूली झगड़े आदि के केसों को लोग अपने जांच अधिकारी से मिलकर पुलिस स्तर पर ही खत्म करवा सकते हैं। 12 मार्च को बीमा कंपनी से जुड़े केस, चेक बाउंस, निगम जुर्माना, लाकडाउन के दौरान सरकारी नियमों की अवहेलना, घरेलू झगड़े, मोटर व्हीकल एक्ट, सड़क दुर्घटना जैसे मामलों को निपटाया जाएगा। मुख्य दंडाधिकारी मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से केस का निपटारा करवाने के बाद किसी अदालत में अपील नहीं की जा सकती। ज्यादातर मामले आपसी सहमति से ही निपटाए जाते हैं, इससे निपटारे के बाद भी प्यार प्रेम बना रहता है।
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