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Faridabad News: पुराने वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फरीदाबाद के लगभग दो लाख वाहनों को राहत
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लागू पाबंदियों में राहत मिलने पर वाहन मालिकों ने ली राहत की सांस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फरीदाबाद में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के लगभग दो लाख वाहनों को राहत मिली है। लागू पाबंदियों में राहत मिलने पर वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली है।
फरीदाबाद में ही 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों की संख्या 1,24,151 है। इसके साथ ही 15 साल से अधिक पुराने सीएनजी वाहनों की संख्या 36,918, पेट्रोल वाहनों की संख्या 3,693 और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों की संख्या 39,034 है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कितने बड़े स्तर पर असर डालने वाला है।
जून माह में एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश लागू हुए थे। इससे वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद लोग भी राहत महसूस कर रहे है। कई लोगों के वाहन तकनीकी रूप से सही स्थिति में हैं लेकिन उम्र सीमा के कारण सड़क से बाहर कर दिए गए थे।
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परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए पुनर्जीवन
पुराने वाहनों पर रोक लगने से ऑटोमोबाइल सेक्टर और वाहन मालिक दोनों प्रभावित हुए थे। कई लोग जीवन यापन के लिए इन वाहनों पर निर्भर थे। परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह एक तरह का पुनर्जीवन है, क्योंकि अब वे बिना नया वाहन खरीदे अपने मौजूदा वाहन का उपयोग कर सकेंगे। नया वाहन खरीदने के लिए लाखों रुपये की लागत आती है, जबकि फिटनेस सर्टिफिकेट पास करवाने में अपेक्षाकृत बहुत कम खर्च आता है।
सड़क किनारे छोटे व्यापारी, सब्जी विक्रेता, टैक्सी और ऑटो चालक जो पुराने वाहनों पर निर्भर थे, अब अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। यह फैसला विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और नए वाहन खरीदने की क्षमता नहीं रखते।
पुलिस की कार्रवाई पर भी लगेगी रोक
पुराने वाहनों पर यातायात पुलिस भी सख्ती से कार्रवाई करती है। साल 2025 में जून महीने तक फरीदाबाद यातायात पुलिस की ओर से 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई। ऐसे कुल 187 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा, अवैध व असुरक्षित जुगाड़ वाहनों के 150 यूनिट्स को जब्त कर सड़क से हटाया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी रोक लगेगी।
वाहन चालकों ने जताई खुशी
फरीदाबाद के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक मालिकों ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले की नीति से उन्हें भारी नुकसान हुआ था और कई लोगों को कर्ज लेकर नए वाहन खरीदने पड़े थे। अब जो वाहन अच्छे हालत में हैं, उन्हें फिर से चलाने का मौका मिलेगा। टैक्सी और ऑटो चालक संगठनों ने भी इसे राहत भरा फैसला बताया है।
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हम लोग कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं इससे हम जैसे लोगों को काफी राहत मिलेगी। निजी वाहन जो कम चलते हैं लेकिन समय पूरा होने पर उन्हें चलाने की अनुमति नहीं मिलती इससे बहुत नुकसान होता है।
- अमित
हम लोगों पर इस फैसले का सीधा प्रभाव पड़ेगा। हम में से कई लोग परिवहन लाइन में काम करते हैं उन्हें इससे काफी लाभ मिलेगा।
- दीपू
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फरीदाबाद में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के लगभग दो लाख वाहनों को राहत मिली है। लागू पाबंदियों में राहत मिलने पर वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली है।
फरीदाबाद में ही 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों की संख्या 1,24,151 है। इसके साथ ही 15 साल से अधिक पुराने सीएनजी वाहनों की संख्या 36,918, पेट्रोल वाहनों की संख्या 3,693 और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों की संख्या 39,034 है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कितने बड़े स्तर पर असर डालने वाला है।
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जून माह में एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश लागू हुए थे। इससे वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद लोग भी राहत महसूस कर रहे है। कई लोगों के वाहन तकनीकी रूप से सही स्थिति में हैं लेकिन उम्र सीमा के कारण सड़क से बाहर कर दिए गए थे।
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परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए पुनर्जीवन
पुराने वाहनों पर रोक लगने से ऑटोमोबाइल सेक्टर और वाहन मालिक दोनों प्रभावित हुए थे। कई लोग जीवन यापन के लिए इन वाहनों पर निर्भर थे। परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह एक तरह का पुनर्जीवन है, क्योंकि अब वे बिना नया वाहन खरीदे अपने मौजूदा वाहन का उपयोग कर सकेंगे। नया वाहन खरीदने के लिए लाखों रुपये की लागत आती है, जबकि फिटनेस सर्टिफिकेट पास करवाने में अपेक्षाकृत बहुत कम खर्च आता है।
सड़क किनारे छोटे व्यापारी, सब्जी विक्रेता, टैक्सी और ऑटो चालक जो पुराने वाहनों पर निर्भर थे, अब अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। यह फैसला विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और नए वाहन खरीदने की क्षमता नहीं रखते।
पुलिस की कार्रवाई पर भी लगेगी रोक
पुराने वाहनों पर यातायात पुलिस भी सख्ती से कार्रवाई करती है। साल 2025 में जून महीने तक फरीदाबाद यातायात पुलिस की ओर से 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई। ऐसे कुल 187 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा, अवैध व असुरक्षित जुगाड़ वाहनों के 150 यूनिट्स को जब्त कर सड़क से हटाया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी रोक लगेगी।
वाहन चालकों ने जताई खुशी
फरीदाबाद के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक मालिकों ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले की नीति से उन्हें भारी नुकसान हुआ था और कई लोगों को कर्ज लेकर नए वाहन खरीदने पड़े थे। अब जो वाहन अच्छे हालत में हैं, उन्हें फिर से चलाने का मौका मिलेगा। टैक्सी और ऑटो चालक संगठनों ने भी इसे राहत भरा फैसला बताया है।
हम लोग कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं इससे हम जैसे लोगों को काफी राहत मिलेगी। निजी वाहन जो कम चलते हैं लेकिन समय पूरा होने पर उन्हें चलाने की अनुमति नहीं मिलती इससे बहुत नुकसान होता है।
- अमित
हम लोगों पर इस फैसले का सीधा प्रभाव पड़ेगा। हम में से कई लोग परिवहन लाइन में काम करते हैं उन्हें इससे काफी लाभ मिलेगा।
- दीपू