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Faridabad News: 20 दिनों से प्रदूषण से घुट रही सांसें, एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार बहुत खराब श्रेणी में 310 से ऊपर बना हुआ है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 329 दर्ज किया गया। फरीदाबाद एनसीआर में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। दूषित हवा के कारण लोगों को गले में खराश और सांस लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा। ऐसे में शहरवासियों ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दावा को खोखला कर दिया।
ठंड और नमी बढ़ने के कारण प्रदूषित कण भारी होकर जमीन के करीब आ गए हैं। वहीं, हवा की गति लगभग थम सी गई है, इनमें किसी तरह की हलचल नहीं हो रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। शनिवार को फरीदाबाद एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर था और सोमवार को यह तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 239 शहरों की सूची जारी की गई। इसके अनुसार एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दिल्ली एक्यूआई 348, नोएडा का एक्यूआई 331 और फरीदाबाद का एक्यूआई 329 दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों की तुलना में यह अधिक है।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर 16 ए क्षेत्र में 339, सेक्टर 11 क्षेत्र में 292, सेक्टर 30 क्षेत्र में 318 और एनआईटी क्षेत्र में 366 एक्यूआई दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ क्षेत्र का एक्यूआई 304 रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संदीप सिंह ने कहा कि कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हल्की हवा चलने के बाद यह कम होने लगेगा।
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12.7 डिग्री रहा शहर का न्यूनतम तापमान
शहर में ठंड लगातार बढ़ रही है। सुबह के समय ठंड काफी अधिक रहती है। हालांकि दोपहर के समय धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन शाम होते होते ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाता है। सोमवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सुबह के समय सड़कों पर स्मॉग भी देखने को मिला। साढ़े 10 बजे धुंध साफ हुई, जिसके बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। शाम को सात बजे के बाद से एक बार फिर हल्का स्मॉग छाना शुरू हो गया, जिससे ठंड फिर से बढ़ गई। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट की वेबसाइट के अनुसार सोमवार को फरीदाबाद का न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री व अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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जोड़ों के दर्द के मरीजों की बढ़ी परेशानी
ठंड बढ़ने के साथ ही जोड़ों के दर्द के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजाना 15 से 20 नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि गठिया ठंड की वजह से नहीं होता, लेकिन ठंड मौसम में उसका दर्द अवश्य बढ़ जाता है। असल में, सर्दियों में ठंडे वातावरण के कारण मांसपेशियों में तनाव व अकड़न होने लगती है, जिससे जोड़ों व नसों पर भी दबाव पड़ता है और तेज दर्द होता है। यही कारण है कि जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता जाता है, जोड़ों का दर्द, पीठ दर्द व दूसरे हड्डी के दर्द बढ़ने लगते हैं।
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फरीदाबाद। जिले के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार बहुत खराब श्रेणी में 310 से ऊपर बना हुआ है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 329 दर्ज किया गया। फरीदाबाद एनसीआर में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। दूषित हवा के कारण लोगों को गले में खराश और सांस लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा। ऐसे में शहरवासियों ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दावा को खोखला कर दिया।
ठंड और नमी बढ़ने के कारण प्रदूषित कण भारी होकर जमीन के करीब आ गए हैं। वहीं, हवा की गति लगभग थम सी गई है, इनमें किसी तरह की हलचल नहीं हो रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। शनिवार को फरीदाबाद एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर था और सोमवार को यह तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 239 शहरों की सूची जारी की गई। इसके अनुसार एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दिल्ली एक्यूआई 348, नोएडा का एक्यूआई 331 और फरीदाबाद का एक्यूआई 329 दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों की तुलना में यह अधिक है।
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शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर 16 ए क्षेत्र में 339, सेक्टर 11 क्षेत्र में 292, सेक्टर 30 क्षेत्र में 318 और एनआईटी क्षेत्र में 366 एक्यूआई दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ क्षेत्र का एक्यूआई 304 रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संदीप सिंह ने कहा कि कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हल्की हवा चलने के बाद यह कम होने लगेगा।
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12.7 डिग्री रहा शहर का न्यूनतम तापमान
शहर में ठंड लगातार बढ़ रही है। सुबह के समय ठंड काफी अधिक रहती है। हालांकि दोपहर के समय धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन शाम होते होते ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाता है। सोमवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सुबह के समय सड़कों पर स्मॉग भी देखने को मिला। साढ़े 10 बजे धुंध साफ हुई, जिसके बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। शाम को सात बजे के बाद से एक बार फिर हल्का स्मॉग छाना शुरू हो गया, जिससे ठंड फिर से बढ़ गई। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट की वेबसाइट के अनुसार सोमवार को फरीदाबाद का न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री व अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जोड़ों के दर्द के मरीजों की बढ़ी परेशानी
ठंड बढ़ने के साथ ही जोड़ों के दर्द के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजाना 15 से 20 नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि गठिया ठंड की वजह से नहीं होता, लेकिन ठंड मौसम में उसका दर्द अवश्य बढ़ जाता है। असल में, सर्दियों में ठंडे वातावरण के कारण मांसपेशियों में तनाव व अकड़न होने लगती है, जिससे जोड़ों व नसों पर भी दबाव पड़ता है और तेज दर्द होता है। यही कारण है कि जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता जाता है, जोड़ों का दर्द, पीठ दर्द व दूसरे हड्डी के दर्द बढ़ने लगते हैं।