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Faridabad News: विद्यार्थी पढ़ेंगे योग, अगले सत्र से पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल
Wed, 19 Jun 2024 11:18 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 19 Jun 2024 11:18 PM IST
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- एससीईआरटी की ओर खाका तैयार, 2024-25 सत्र से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी अब योग की शिक्षा ले सकेंगे। आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाना है। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से खाका तैयार कर लिया गया है। प्रथम चरण में पहली से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। दूसरे चरण में 11वीं और 12वीं कक्षा में यह पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
सबकुछ ठीक रहा तो इसे 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में लागू कर लिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को पतंजलि और योग विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार किया गया है। इसमें 80 फीसदी हिस्सा योग विषय पर एनसीईआरटी की ओर से तैयार किया गया है। 20 फीसदी नया पाठ्यक्रम जोड़ा गया है। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से योग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विषय के तौर पर शुरू करने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में एससीईआरटी ने विशेषज्ञों की कमेटी का गठन कर पाठ्यक्रम को तैयार किया है।
शिक्षा विभाग में तैनात योग के सेवानिवृत शिक्षक इंदरा सक्सेना का कहना है कि पहली कक्षा से 10वीं तक कक्षावार पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो चुका है। इसमें स्वास्थ्य लाभ, विभिन्न योग आसन के साथ मनोयोग को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। देश के प्राचीन योग को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। पहली से पांचवीं तक पाठ्यक्रम में 20 फीसदी हिस्सा विद्यार्थियों को पढ़ना पड़ेगा। 80 फीसदी हिस्सा प्रायोगिक पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। छठीं से आठवीं तक 30 फीसदी थ्योरी और 70 फीसदी प्रायोगिक पाठ्यक्रम, नौंवी से दसवीं तक 40 फीसदी थ्योरी और 60 फीसदी प्रायोगिक पाठ्यक्रम शामिल किया गया।
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वर्जन
एससीईआरटी की ओर से योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी चल रही है। इसकी स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले सत्र से इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा।
- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
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फरीदाबाद। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी अब योग की शिक्षा ले सकेंगे। आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाना है। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से खाका तैयार कर लिया गया है। प्रथम चरण में पहली से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। दूसरे चरण में 11वीं और 12वीं कक्षा में यह पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
सबकुछ ठीक रहा तो इसे 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में लागू कर लिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को पतंजलि और योग विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार किया गया है। इसमें 80 फीसदी हिस्सा योग विषय पर एनसीईआरटी की ओर से तैयार किया गया है। 20 फीसदी नया पाठ्यक्रम जोड़ा गया है। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से योग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विषय के तौर पर शुरू करने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में एससीईआरटी ने विशेषज्ञों की कमेटी का गठन कर पाठ्यक्रम को तैयार किया है।
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शिक्षा विभाग में तैनात योग के सेवानिवृत शिक्षक इंदरा सक्सेना का कहना है कि पहली कक्षा से 10वीं तक कक्षावार पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो चुका है। इसमें स्वास्थ्य लाभ, विभिन्न योग आसन के साथ मनोयोग को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। देश के प्राचीन योग को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। पहली से पांचवीं तक पाठ्यक्रम में 20 फीसदी हिस्सा विद्यार्थियों को पढ़ना पड़ेगा। 80 फीसदी हिस्सा प्रायोगिक पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। छठीं से आठवीं तक 30 फीसदी थ्योरी और 70 फीसदी प्रायोगिक पाठ्यक्रम, नौंवी से दसवीं तक 40 फीसदी थ्योरी और 60 फीसदी प्रायोगिक पाठ्यक्रम शामिल किया गया।
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एससीईआरटी की ओर से योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी चल रही है। इसकी स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले सत्र से इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा।
- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी