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किसानों पर लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा
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फरीदाबाद। करनाल में शनिवार को सीएम मनोहर लाल का विरोध करने पर हुए पुलिस के लाठी चार्ज को जिले के किसानों ने कड़े शब्दों ने निंदा की है। किसानों का मानना हैं कि सरकार अब उनकी आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का गैरकानूनी रूप से इस्तेमाल करने में लगे हुई है। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत के बजाय प्रताड़ित करने में लगी हुई है।
शनिवार को करनाल में निकाय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर शनिवार को करनाल में भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीएम मनोहर लाल समेत अन्य नेता पहुंचे थे। वहीं सीएम आगमन का विरोध कर रहे किसानों ने टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे जिले के किसानों ने सरकार के रवैये के खिलाफ रोष व्याप्त होने लगा है। उनका कहना हैं कि सरकार को किसानों से सीधे तरीके से बात कर सकती थी। विरोध करना लोगों का संवै धानिक अधिकार है। सरकार उनकी बुलंद आवाज को दबाने पर तूल हुई है।
किसानों से बातचीत
किसान होने के नाते पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करता हूं और साथ ही पूरे देश के किसान ऐसे कृत्य को नहीं सहेेंगे। जिले के सभी किसानों को करनाल में जाकर प्रदर्शन में हिस्सा लेना चाहिए। जिससे सरकार तक बात रखी जा सके। - गिरिराज सिंह धनखड़, सेक्रेटरी, किसान सभा, समिति आईएमटी फरीदाबाद
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किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनको प्रताड़ित करने में जुटी है। करनाल में टोल प्लाजा पर किसानों शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने जा रहे थे। उन पर लाठीचार्ज किया गया। यह काफी निंदनीय है। - सतपाल नरवत, किसान
सरकार किसानों को परेशान कर रही है। लेकिन किसान किसी भी तरीके से दबने वाले नहीं है। साथ ही जिले के हर किसान पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करता है और करनाल के साथी किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हुआ है। - जगवीर सिंह, किसान
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शनिवार को करनाल में निकाय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर शनिवार को करनाल में भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीएम मनोहर लाल समेत अन्य नेता पहुंचे थे। वहीं सीएम आगमन का विरोध कर रहे किसानों ने टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे जिले के किसानों ने सरकार के रवैये के खिलाफ रोष व्याप्त होने लगा है। उनका कहना हैं कि सरकार को किसानों से सीधे तरीके से बात कर सकती थी। विरोध करना लोगों का संवै धानिक अधिकार है। सरकार उनकी बुलंद आवाज को दबाने पर तूल हुई है।
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किसानों से बातचीत
किसान होने के नाते पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करता हूं और साथ ही पूरे देश के किसान ऐसे कृत्य को नहीं सहेेंगे। जिले के सभी किसानों को करनाल में जाकर प्रदर्शन में हिस्सा लेना चाहिए। जिससे सरकार तक बात रखी जा सके। - गिरिराज सिंह धनखड़, सेक्रेटरी, किसान सभा, समिति आईएमटी फरीदाबाद
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किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनको प्रताड़ित करने में जुटी है। करनाल में टोल प्लाजा पर किसानों शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने जा रहे थे। उन पर लाठीचार्ज किया गया। यह काफी निंदनीय है। - सतपाल नरवत, किसान
सरकार किसानों को परेशान कर रही है। लेकिन किसान किसी भी तरीके से दबने वाले नहीं है। साथ ही जिले के हर किसान पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करता है और करनाल के साथी किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हुआ है। - जगवीर सिंह, किसान