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Faridabad News: अपने हुनर को रोजगार का रूप देकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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सिलाई-कढ़ाई तो कोई डेयरी और खाद्य सामग्री तैयार कर कर रहीं आय अर्जित
निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। आजाद नगर की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार का रूप देकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। कोई सिलाई-कढ़ाई से आमदनी कर रही है तो कोई डेयरी और खाद्य सामग्री तैयार कर उसे बेच रही है। ब्यूटी सेवाओं और हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने काम को आगे बढ़ाया है। छोटे स्तर से शुरू किए गए इन कामों ने महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आय का साधन उपलब्ध कराया है।
सिलाई-कढ़ाई का काम करने वाली महिलाएं कपड़े सिलने के साथ कढ़ाई और डिजाइनिंग के ऑर्डर ले रही हैं। वहीं डेयरी से जुड़ी महिलाएं दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। घर में तैयार अचार, पापड़, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री भी स्थानीय स्तर पर की जा रही है। घर से काम करने की सुविधा के कारण महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने कारोबार को समय दे पा रही हैं।
ब्यूटी सेवाओं और मेहंदी के काम से जुड़ी महिलाओं को आसपास के क्षेत्र से ग्राहक मिल रहे हैं। कुछ महिलाएं इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू कर चुकी हैं। इससे उन्हें घर के नजदीक ही काम करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। वहीं हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाएं सजावटी सामान, कपड़े और घरेलू उपयोग की वस्तुएं तैयार कर रही हैं।
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सिलाई-कढ़ाई का काम करके अपने पैरों पर खड़े होने का एहसास अलग ही आत्मविश्वास देता है। - मालती
बुटीक का काम करके समय का बेहतर उपयोग कर रही हूं और परिवार को सहारा दे रही हूं। - मोहिनी
दूध की बिक्री के साथ ग्राहकों का भरोसा जीतना मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है। - रमा
अचार के माध्यम से घर के स्वाद को लोगों तक पहुंचाने से मेरे काम को पहचान मिल रही है। - दुर्गा
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निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। आजाद नगर की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार का रूप देकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। कोई सिलाई-कढ़ाई से आमदनी कर रही है तो कोई डेयरी और खाद्य सामग्री तैयार कर उसे बेच रही है। ब्यूटी सेवाओं और हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने काम को आगे बढ़ाया है। छोटे स्तर से शुरू किए गए इन कामों ने महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आय का साधन उपलब्ध कराया है।
सिलाई-कढ़ाई का काम करने वाली महिलाएं कपड़े सिलने के साथ कढ़ाई और डिजाइनिंग के ऑर्डर ले रही हैं। वहीं डेयरी से जुड़ी महिलाएं दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। घर में तैयार अचार, पापड़, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री भी स्थानीय स्तर पर की जा रही है। घर से काम करने की सुविधा के कारण महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने कारोबार को समय दे पा रही हैं।
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ब्यूटी सेवाओं और मेहंदी के काम से जुड़ी महिलाओं को आसपास के क्षेत्र से ग्राहक मिल रहे हैं। कुछ महिलाएं इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू कर चुकी हैं। इससे उन्हें घर के नजदीक ही काम करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। वहीं हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाएं सजावटी सामान, कपड़े और घरेलू उपयोग की वस्तुएं तैयार कर रही हैं।
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सिलाई-कढ़ाई का काम करके अपने पैरों पर खड़े होने का एहसास अलग ही आत्मविश्वास देता है। - मालती
बुटीक का काम करके समय का बेहतर उपयोग कर रही हूं और परिवार को सहारा दे रही हूं। - मोहिनी
दूध की बिक्री के साथ ग्राहकों का भरोसा जीतना मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है। - रमा
अचार के माध्यम से घर के स्वाद को लोगों तक पहुंचाने से मेरे काम को पहचान मिल रही है। - दुर्गा