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Faridabad News: बढ़ते प्रदूषण के बीच धुआं उड़ाती गाड़ियां बनीं खतरा
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शहर में बढ़ते प्रदूषण के बीच सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही धुआं उड़ाते वाहन । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्दियों के साथ बढ़े प्रदूषण स्तर के बीच शहर की सड़कों पर धुआं उड़ाती गाड़ियां खुलेआम नियमों को चुनौती दे रही हैं। रोजाना जगह-जगह ऐसे वाहन दिखाई दे जाते हैं जिनका फिटनेस केवल देखने मात्र से संदेह के घेरे में आ जाता है, लेकिन प्रशासन इन गाड़ियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। परिणामस्वरूप प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और शहर की हवा और ज्यादा जहरीली बनती जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार वाहनों से निकलने वाला धुआं पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है, जो श्वसन रोगों, एलर्जी, अस्थमा और हृदय संबंधी समस्याओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। शहर में सड़क पर दौड़ती कई गाड़ियों की हालत ऐसी है कि उनका फिटनेस केवल चेसिस की आवाज, इंजन की खराबी और उड़ते कालिख के गुबार से ही परखा जा सकता है लेकिन प्रशासन के प्रदूषण परखने वाले सारे उपकरण असफल साबित होते हैं।
डबुआ कॉलोनी के रहने वाले पर्यावरण प्रेमी यशवंत यादव ने कहा कि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को सख्ती बढ़ानी होगी। नियमित फिटनेस जांच, मोबाइल प्रदूषण यूनिटों को अपडेट करना, सड़क पर धुआं छोड़ने वाले वाहनों का तुरंत चालान और फाइन अनिवार्य किया जाना चाहिए।
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फरीदाबाद। सर्दियों के साथ बढ़े प्रदूषण स्तर के बीच शहर की सड़कों पर धुआं उड़ाती गाड़ियां खुलेआम नियमों को चुनौती दे रही हैं। रोजाना जगह-जगह ऐसे वाहन दिखाई दे जाते हैं जिनका फिटनेस केवल देखने मात्र से संदेह के घेरे में आ जाता है, लेकिन प्रशासन इन गाड़ियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। परिणामस्वरूप प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और शहर की हवा और ज्यादा जहरीली बनती जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार वाहनों से निकलने वाला धुआं पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है, जो श्वसन रोगों, एलर्जी, अस्थमा और हृदय संबंधी समस्याओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। शहर में सड़क पर दौड़ती कई गाड़ियों की हालत ऐसी है कि उनका फिटनेस केवल चेसिस की आवाज, इंजन की खराबी और उड़ते कालिख के गुबार से ही परखा जा सकता है लेकिन प्रशासन के प्रदूषण परखने वाले सारे उपकरण असफल साबित होते हैं।
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डबुआ कॉलोनी के रहने वाले पर्यावरण प्रेमी यशवंत यादव ने कहा कि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को सख्ती बढ़ानी होगी। नियमित फिटनेस जांच, मोबाइल प्रदूषण यूनिटों को अपडेट करना, सड़क पर धुआं छोड़ने वाले वाहनों का तुरंत चालान और फाइन अनिवार्य किया जाना चाहिए।
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