फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Siroli has been yearning for every drop of water for a decade

Faridabad News: एक दशक से बूंद-बूंद पानी को तरस रहा सिरौली, टैंकरों के सहारे चल रही जिंदगी

Fri, 06 Feb 2026 12:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
Siroli has been yearning for every drop of water for a decade
पाइपलाइन, टैंक और योजनाएं बनीं शोपीस, ग्रामीणों पर हर माह हजारों का बोझ
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

पुन्हाना। उपमंडल के सिरौली गांव में पेयजल संकट बीते एक दशक से भी अधिक समय से ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी योजनाएं और ढांचे कागजों व जमीन पर तो मौजूद हैं, लेकिन ग्रामीणों की प्यास बुझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में पानी की सप्लाई के लिए बनाए गए तीन स्टोरेज टैंक जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन टैंकों में करीब दस वर्षों से पानी की एक बूंद तक नहीं आई। मजबूरन गांव के लोग निजी टैंकरों के सहारे अपना गुजारा कर रहे हैं। खास बात ये है कि विभाग की ओर से गांव में टैंकरों के माध्यम से भी पानी नहीं पहुंचाया जा रहा। गांव के हर गली-मोहल्ले में पानी की समस्या की कहानी एक जैसी है। सरकारी जलापूर्ति ठप होने के कारण लगभग हर घर में निजी पानी के टैंक बनाए गए हैं, जिनमें टैंकरों से पानी भरवाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक परिवार को महीने में तीन से चार बार टैंकर मंगवाना पड़ता है। एक टैंकर की कीमत 1500 से 2000 रुपये तक है। इस तरह हर माह हजारों रुपये केवल पीने और घरेलू जरूरतों के पानी पर खर्च हो रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह खर्च किसी भारी आर्थिक बोझ से कम नहीं है।
विज्ञापन

ग्रामीण नियाज मोहम्मद, नूरदीन, अख्तर, अख्तियार, आसू, यूनुस, जुनैद आदि बताते हैं कि गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइपलाइन भी डाली गई थी। पूरे गांव में पाइप बिछे होने के बावजूद इनमें आज तक नियमित पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। कई स्थानों पर तो पाइप लाइन जमीन के नीचे दबकर या टूट-फूट का शिकार हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि जब पाइपलाइन डाली गई थी, तब उन्हें उम्मीद बंधी थी कि अब घर-घर नल से जल मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद भी टूट गई। यहां का भूजल खारा है। हैंडपंप और बोरिंग से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। पीने और खाना बनाने के लिए टैंकर का पानी ही एकमात्र सहारा है। गर्मियों के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब टैंकरों की मांग बढ़ने के साथ ही कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना भी जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही है, तो गांवों के हालात सुधारने की बात महज नारा बनकर रह जाती है। वे सरकार से किसी नई योजना की मांग नहीं कर रहे, बल्कि जो योजनाएं पहले से मौजूद हैं, उन्हें ही ईमानदारी से लागू किया जाए। यदि गांव में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाए, तो न केवल लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

----------------

“पिछले दस साल से गांव में सरकारी पानी नहीं आया। मजबूरी में टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ता है। महीने में तीन-चार टैंकर लग जाते हैं, जिन पर दो-दो हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। गरीब आदमी के लिए यह बहुत बड़ी मजबूरी है।”

कालू खान, ग्रामीण

------------

“घर का सारा काम पानी पर टिका होता है। टैंकर का पानी संभाल-संभालकर इस्तेमाल करना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। नल से पानी आने का सपना अब सपना ही रह गया है।”

इस्तियाक ,ग्रामीण

------------

“जल जीवन मिशन के तहत पूरे गांव में पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन आज तक एक दिन भी उसमें पानी नहीं आया। पाइप जमीन में दबकर टूट रहे हैं। अगर समय रहते व्यवस्था ठीक की जाती तो आज हालात ऐसे नहीं होते।”


रफीक, ग्रामीण

-------------

“सिरौली गांव की पेयजल समस्या हमारे संज्ञान में है। स्टोरेज टैंकों और पाइप लाइन की स्थिति की जांच कराई जाएगी। जल्द ही आवश्यक मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था कर गांव को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।”

फुकरान, ग्रामीण

----------

’’समस्या की जानकारी उन्हें नहीं है, अगर गांव में पेयजल समस्या बनी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी और गांव में जल्द पानी की सप्लाई शुरू कराई जाएगी।’’

रोहित कुमार, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग पुन्हाना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed