{"_id":"6ab8119f22d9ee159101c3c4","slug":"show-cause-notice-to-the-station-house-officer-sho-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-81162-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस
विज्ञापन
फरीदाबाद। चेक बाउंस मामलों में अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बावजूद आरोपी दंपती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने और एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पारस चौधरी की अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करने और आगामी सुनवाई पर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता एस इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह चौहान ने अदालत में दलील दी कि मैसर्स एनकेबीके इंफ्राकॉन एसोसिएट्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों (नीतीश कुमार तिवारी और उनकी पत्नी मंजू तिवारी) को अदालत 10 अप्रैल को ही भगोड़ा (उद्घोषित अपराधी) घोषित कर चुकी है। इसके बावजूद संबंधित थाना प्रभारी ने उनके खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी। इसी मामले में संज्ञान लेते हुए अदालत ने एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अदालत में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
बैंक खाते फ्रीज करने और लखनऊ स्थित संपत्ति अटैच करने के निर्देश
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित बैंक मैनेजर को फिर से नोटिस जारी कर आरोपी दंपती और उनकी कंपनी के बैंक खातों को तुरंत अटैच (फ्रीज) करने व 30 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इसके अलावा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (गोमती नगर, तहसील सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश) को भी नोटिस भेजकर आरोपी मंजू तिवारी और कंपनी की अचल संपत्तियों की विस्तृत ब्योरा रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश के बाद थाना सेंट्रल में दर्ज हुई एफआईआर
अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त होते ही थाना सेंट्रल फरीदाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 सितंबर को (उद्घोषित अपराधी से संबंधित धारा) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी हैं। एफआईआर की प्रतियां इलाका मजिस्ट्रेट व उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता एस इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह चौहान ने अदालत में दलील दी कि मैसर्स एनकेबीके इंफ्राकॉन एसोसिएट्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों (नीतीश कुमार तिवारी और उनकी पत्नी मंजू तिवारी) को अदालत 10 अप्रैल को ही भगोड़ा (उद्घोषित अपराधी) घोषित कर चुकी है। इसके बावजूद संबंधित थाना प्रभारी ने उनके खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी। इसी मामले में संज्ञान लेते हुए अदालत ने एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अदालत में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
बैंक खाते फ्रीज करने और लखनऊ स्थित संपत्ति अटैच करने के निर्देश
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित बैंक मैनेजर को फिर से नोटिस जारी कर आरोपी दंपती और उनकी कंपनी के बैंक खातों को तुरंत अटैच (फ्रीज) करने व 30 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इसके अलावा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (गोमती नगर, तहसील सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश) को भी नोटिस भेजकर आरोपी मंजू तिवारी और कंपनी की अचल संपत्तियों की विस्तृत ब्योरा रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश के बाद थाना सेंट्रल में दर्ज हुई एफआईआर
अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त होते ही थाना सेंट्रल फरीदाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 सितंबर को (उद्घोषित अपराधी से संबंधित धारा) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी हैं। एफआईआर की प्रतियां इलाका मजिस्ट्रेट व उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं।