फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Shivering in the cold, the young boys are studying while sitting on the ground.

Faridabad News: ठंड में ठिठुरते नौनिहाल जमीन पर बैठकर कर रहे पढ़ाई

Mon, 20 Nov 2023 11:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Nov 2023 11:06 PM IST
विज्ञापन
Shivering in the cold, the young boys are studying while sitting on the ground.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फरीदाबाद। पीएम श्री और आदर्श स्कूल योजना के तहत जिले के स्कूल को आधुनिक उपकरणों से लैस करने का दावा किया जा रहा है। दूसरी तरफ, राजकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए न तो कमरे है और न ही फर्नीचर। ठंड में ठिठुरते हुए नौनिहालों को जमीन पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ रही है। सोमवार को एनआईटी पांच स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और मेट्रो मोड़ स्थित राजकीय कन्या स्कूल में जाकर अमर उजाला संवाददाता अवध किशोर श्रीवास्तव और छायाकार योगेंद्र शर्मा ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

मेट्रो मोड़ स्थित राजकीय स्कूल में 950 छात्राएं हैं। एक वर्ष बीतने के बाद भी छात्र-छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। स्कूल में सातवीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राएं विभिन्न जगहों पर जमीन पर बैठ कर अध्ययन करते मिलीं। छात्रों ने बताया कि पूरे साल खुले मैदान में बिठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। छात्राओं के लिए मात्र 11 कमरे बने हैं, जबकि यहां 12वीं कक्षा तक की छात्राओं का कक्षाएं लगती हैं। क्लास रूम के अभाव में छात्राएं सर्दी में भी खुले मैदान में दरी पर बैठकर पढ़ाई करती है। स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 दिसंबर में स्कूल परिसर में 15 कमरे तोड़कर उनकी जगह 33 कमरे बनाने थे, इसके लिए जगह भी पहचान कर ली गई थी। आज तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका। जरूरत पड़ने पर एक हॉल में लोहे की अलमारी से पार्टीशन कर तीन कक्षाएं लगाई जाती है।
विज्ञापन

----
माध्यमिक विद्यालय में कमरे के साथ डेस्क की कमी
एनआईटी पांच स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी कमरे और डेस्क की कमी है। स्कूल में 650 विद्यार्थी है, लेकिन कमरे मात्र नौ हैं। ऐसे में यहां भी विद्यार्थी बाहर मैदान में जमीन पर बैठकर पढ़ते मिले। स्कूल में कनिष्ठ और वरिष्ठ कक्षा के लिए 67 कमरे की जरूरत है। स्कूल की प्रधानाचार्या ज्योति मंगला ने बताया कि वर्ष 2022 अक्तूबर में संबंधित विभाग की ओर से 25 कमरों को तोड़ दिया गया। उसकी जगह 67 कमरे बनाने का दावा किया था, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल परिसर में एक ईंट नहीं रखी गई है। ऐसे में छात्रों इधर-उधर बैठकर पढ़ाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



---

सर्दी, गर्मी और बारिश में हो रही खुले आसमान में पढ़ाई
पिछले एक साल से खुले मैदान में कक्षाएं लग रही हैं। स्कूल में कमरे न होने से यहीं बाहर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
- नंदनी (कक्षा 11वीं)
--
अलॉट हुए कमरे में रहता है अंधेरा
स्कूल प्रबंधन की ओर से कक्षा 11वीं के लिए जो कमरा आवंटित किया गया है, उसमें अंधेरा रहता है। इसलिए खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कराई जा रही है।
- अर्चना (कक्षा 11वीं)
--
कक्षा ही नहीं है निर्धारित
क्लास रूम न होने से इधर उधर बैठना पड़ता है। हम लोगों के लिए कोई कक्षा निर्धारित नहीं है। ऐसे में पढ़ाई के दौरान थोड़ी दिक्कत होती है।
- नैना (कक्षा 7वीं)
--
विद्यार्थियों की सुने शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग की ओर से कमरे तोड़े गए हैं। इससे पहले छात्रों को क्लास रूम की व्यवस्था करनी चाहिए। छात्रों की परेशानियों से विभाग को कोई मतलब नहीं है।
- साहिबा (कक्षा 7वीं)
---
स्कूलों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही कमरे का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
- आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी
-----
स्कूल में जहां बैठने की व्यवस्था नहीं है, उसे दो शिफ्ट में पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए। कमरे तोड़ने से पहले मुख्यालय से दो शिफ्ट में स्कूल लगाने की स्वीकृति मिलनी चाहिए। यदि स्वीकृति आने में देरी होती है तो जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी स्वीकृति देने का प्रावधान हो।
- संदीप चौहान, हरियाणा स्कूल लेक्चरर संघ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed