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Faridabad News: सीवर-एसटीपी के पानी की स्थानीय स्तर पर होगी जांच

Fri, 09 Oct 2026 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:33 AM IST
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Sewer and STP water will be tested at the local level.
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शहर में बनेगी अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला, 45 लाख रुपये खर्च होंगे

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। शहर में सीवर और गंदे पानी की गुणवत्ता की निगरानी अब और मजबूत होगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला बनाने की तैयारी कर रहा है। विभाग इसके निर्माण पर 45 लाख रुपये खर्च करेगा। प्रयोगशाला का निर्माण कार्य छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद सीवर, नालियों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से लिए गए पानी के नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।

जिले में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के साथ सीवेज और अपशिष्ट जल की मात्रा भी बढ़ रही है। ऐसे में सीवेज के साथ एसटीपी में उपचारित पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच जरूरी है। अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला बनने के बाद पानी के नमूनों की जांच के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता कम होगी और विभाग को जांच रिपोर्ट भी जल्द मिल सकेगी।
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बीओडी, सीओडी और टीएसएस समेत कई मानकों की होगी जांच

अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला में सीवर और एसटीपी से लिए गए नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इसमें पानी के बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी), टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (टीएसएस) और पीएच समेत अन्य मानकों की जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि एसटीपी में सीवेज का उपचार निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं। किसी क्षेत्र से लिए गए नमूने में प्रदूषण का स्तर अधिक मिलने पर विभाग संबंधित क्षेत्र और एसटीपी की स्थिति की जांच कर सकेगा। इससे खामियों को समय रहते दूर कराने में मदद मिलेगी। वहीं, उपचारित पानी की गुणवत्ता की निगरानी होने से उसे पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य गैर-पेय कार्यों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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नियमित निगरानी करना आसान होगा

अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित होने के बाद विभाग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट की नियमित निगरानी करना आसान होगा। खासकर एसटीपी से निकलने वाले उपचारित पानी की गुणवत्ता की जांच लगातार की जा सकेगी। इससे शहर में पानी के प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को भी बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



अपशिष्ट जल परीक्षण प्रयोगशाला बनने से सीवर और एसटीपी से लिए जाने वाले पानी के नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर होगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
- राहुल बेरवाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी विभाग, फरीदाबाद
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