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Faridabad News: सेक्टर-28 की बदलेगी सूरत, पौने दो करोड़ की लागत से विकसित होगी ग्रीन बेल्ट
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फरीदाबाद के सेक्टर-28 की बदलेगी सूरत, पौने दो करोड़ की लागत से विकसित होगी भव्य ग्रीन बेल्ट
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के बीच हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने फरीदाबाद के लोगों को एक बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। शहर के पॉश इलाकों में शामिल सेक्टर-28 में जल्द ही एक भव्य और अत्याधुनिक ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जिस पर करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य इलाके का सौंदर्यीकरण करने के साथ पर्यावरण को बेहतर बनाकर लोगों को स्वच्छ हवा और शांति का माहौल उपलब्ध कराना भी है।
सेक्टर-28 लंबे समय से शहर के प्रमुख रिहायशी क्षेत्रों में गिना जाता है लेकिन बढ़ते वाहनों, निर्माण गतिविधियों और आबादी के दबाव के कारण यहां हरियाली की कमी लंबे समय से हैं। लोग भी पहले से मांग उठा रहे थे कि क्षेत्र में हरित स्थान विकसित किए जाएं जहां वे सुबह-शाम टहल सकें और बच्चों को सुरक्षित खुली जगह मिल सके। अब प्राधिकरण की इस पहल से उनकी यह मांग पूरी होती नजर आ रही है।
प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट का विकास सेक्टर-28 में मकान नंबर 2117 से 2083पी के आसपास के क्षेत्र में किया जाएगा। यह इलाका रिहायशी होने के साथ-साथ यातायात की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां हरियाली बढ़ने से न आसपास रहने वाले लोगों को लाभ मिलने के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों और राहगीरों को भी स्वच्छ वातावरण का मिलेगा।
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परियोजना के तहत केवल पौधे लगाने के साथ इससे जुड़े सभी आवश्यक सिविल कार्य भी किए जाएंगे। इसमें पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, मिट्टी का सुधार, सिंचाई की समुचित व्यवस्था और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य शामिल होंगे। योजना इस तरह तैयार की गई है कि ग्रीन बेल्ट लंबे समय तक टिकाऊ रहे और मौसम के अनुसार पौधों की उचित देखभाल हो सके।
पर्यावरण सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट विकसित करना वायु प्रदूषण को कम करने में बेहद कारगर साबित होता है। पेड़-पौधे न केवल हवा को शुद्ध करते हैं, बल्कि तापमान को संतुलित रखने, धूल को रोकने और ध्वनि प्रदूषण कम करने में भी मददगार होते हैं। सेक्टर-28 में बनने वाली यह ग्रीन बेल्ट आसपास के क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा हरियाली बढ़ने से भूजल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। पक्षियों के लिए यह क्षेत्र एक सुरक्षित आश्रय बन सकता है, जिससे इलाके का प्राकृतिक संतुलन बेहतर होगा।
निवासियों के लिए कई तरह के लाभ
सेक्टर-28 के निवासियों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। ग्रीन बेल्ट के विकसित होने से उन्हें घर के पास ही मॉर्निंग वॉक और योग के लिए एक सुंदर और सुरक्षित स्थान मिलेगा। बुजुर्गों के लिए यह क्षेत्र सैर और बैठने के लिए उपयोगी होगा वहीं बच्चों के लिए खुले में खेलने और प्रकृति के करीब समय बिताने का मौका मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि हरियाली बढ़ने से स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ इलाके की सुंदरता और रिहायशी आकर्षण भी बढ़ेगा। इससे भविष्य में संपत्ति के मूल्य पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
पौधे की पेड़ बनने तक की जाएगी निगरानी
प्राधिकरण ने इस परियोजना में गुणवत्ता और दीर्घकालिक रखरखाव पर विशेष जोर दिया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संबंधित एजेंसी को अगले तीन वर्षों तक ग्रीन बेल्ट की देखरेख करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें, सूखे नहीं और पूरा क्षेत्र हमेशा हरा-भरा बना रहे। तीन सालों में लगाए गए पौधे पेड़ बन जाएंगे। इससे इलाके के साथ पर्यावरण को काफी लाभ मिलेगा।
लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए क्षेत्र को विकसित करने का कार्य प्राधिकरण की तरफ से लगातार किया जा रहा है।
संदीप दहिया, एसई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के बीच हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने फरीदाबाद के लोगों को एक बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। शहर के पॉश इलाकों में शामिल सेक्टर-28 में जल्द ही एक भव्य और अत्याधुनिक ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जिस पर करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य इलाके का सौंदर्यीकरण करने के साथ पर्यावरण को बेहतर बनाकर लोगों को स्वच्छ हवा और शांति का माहौल उपलब्ध कराना भी है।
सेक्टर-28 लंबे समय से शहर के प्रमुख रिहायशी क्षेत्रों में गिना जाता है लेकिन बढ़ते वाहनों, निर्माण गतिविधियों और आबादी के दबाव के कारण यहां हरियाली की कमी लंबे समय से हैं। लोग भी पहले से मांग उठा रहे थे कि क्षेत्र में हरित स्थान विकसित किए जाएं जहां वे सुबह-शाम टहल सकें और बच्चों को सुरक्षित खुली जगह मिल सके। अब प्राधिकरण की इस पहल से उनकी यह मांग पूरी होती नजर आ रही है।
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प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट का विकास सेक्टर-28 में मकान नंबर 2117 से 2083पी के आसपास के क्षेत्र में किया जाएगा। यह इलाका रिहायशी होने के साथ-साथ यातायात की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां हरियाली बढ़ने से न आसपास रहने वाले लोगों को लाभ मिलने के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों और राहगीरों को भी स्वच्छ वातावरण का मिलेगा।
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परियोजना के तहत केवल पौधे लगाने के साथ इससे जुड़े सभी आवश्यक सिविल कार्य भी किए जाएंगे। इसमें पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, मिट्टी का सुधार, सिंचाई की समुचित व्यवस्था और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य शामिल होंगे। योजना इस तरह तैयार की गई है कि ग्रीन बेल्ट लंबे समय तक टिकाऊ रहे और मौसम के अनुसार पौधों की उचित देखभाल हो सके।
पर्यावरण सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट विकसित करना वायु प्रदूषण को कम करने में बेहद कारगर साबित होता है। पेड़-पौधे न केवल हवा को शुद्ध करते हैं, बल्कि तापमान को संतुलित रखने, धूल को रोकने और ध्वनि प्रदूषण कम करने में भी मददगार होते हैं। सेक्टर-28 में बनने वाली यह ग्रीन बेल्ट आसपास के क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा हरियाली बढ़ने से भूजल संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। पक्षियों के लिए यह क्षेत्र एक सुरक्षित आश्रय बन सकता है, जिससे इलाके का प्राकृतिक संतुलन बेहतर होगा।
निवासियों के लिए कई तरह के लाभ
सेक्टर-28 के निवासियों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। ग्रीन बेल्ट के विकसित होने से उन्हें घर के पास ही मॉर्निंग वॉक और योग के लिए एक सुंदर और सुरक्षित स्थान मिलेगा। बुजुर्गों के लिए यह क्षेत्र सैर और बैठने के लिए उपयोगी होगा वहीं बच्चों के लिए खुले में खेलने और प्रकृति के करीब समय बिताने का मौका मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि हरियाली बढ़ने से स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ इलाके की सुंदरता और रिहायशी आकर्षण भी बढ़ेगा। इससे भविष्य में संपत्ति के मूल्य पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
पौधे की पेड़ बनने तक की जाएगी निगरानी
प्राधिकरण ने इस परियोजना में गुणवत्ता और दीर्घकालिक रखरखाव पर विशेष जोर दिया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संबंधित एजेंसी को अगले तीन वर्षों तक ग्रीन बेल्ट की देखरेख करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें, सूखे नहीं और पूरा क्षेत्र हमेशा हरा-भरा बना रहे। तीन सालों में लगाए गए पौधे पेड़ बन जाएंगे। इससे इलाके के साथ पर्यावरण को काफी लाभ मिलेगा।
लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए क्षेत्र को विकसित करने का कार्य प्राधिकरण की तरफ से लगातार किया जा रहा है।
संदीप दहिया, एसई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण