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एसई और क्लर्क एक दिन की रिमांड पर, अन्य पर गिर सकती है गाज, निगम अकाउंट ब्रांच के कई कर्मी विजिलेंस के रडार पर
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SE and clerks on remand of one day, may fall on other
फरीदाबाद। हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने नगर निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) रवि शर्मा और अकाउंट ब्रांच के क्लर्क रवि शंकर शर्मा को कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया है। दोनों से विजिलेंस की टीमें पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि कइयों पर विजिलेंस का शिकंजा कसा जा सकता है। वहीं, दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन ने एसई रवि शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के लिए सरकार को पत्र लिखा है। जबकि क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है।
विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं, उनकी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के बाद अन्य पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें आरोपियों द्वारा पहले लिए पैसे के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। मंगलवार को विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अकाउंट ब्रांच के दो-तीन अधिकारी पूरे दिन ऑफिस नहीं आए। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर निगम के अकाउंट और इंजीनियरिंग ब्रांच में कार्यरत कई पर शिकंजा कसा जा सकता है। इस पूरे मामले में अकाउंट ब्रांच के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बिना काम के एक ठेकेदार को 50 करोड़ रुपये का पेमेंट करने के मामले में अकाउंट शाखा के अधिकारियों के मिली भगत से हुआ था। बता दें कि विजिलेंस ने मंगलवार को निगम मुख्यालय से एसई और क्लर्क को 1.40 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। नगर निगम में भ्रष्टाचार का मामला पहले भी सुर्खियों में रहा है। इसमें इंजीनियरिंग व अकाउंट ब्रांच शामिल रहा है।
गांव में चर्चा का विषय बना
आरोपी क्लर्क रवि शंकर महेंद्रगढ़ जिले के बाघोत गांव का है। दो भाइयों में वह सबसे बड़ा है। उसकी शादी 21 फरवरी को गौतमबुद्धनगर (यूपी) में होनी है। बाघोत के श्रीराम ने बताया कि रवि के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उसकी करीब दो साल पहले सरकारी नौकरी लगी थी। गांव वालों को बुधवार की सुबह पूरी जानकारी मिली। वहीं, नगर निगम सूत्रों की मानें तो क्लर्क द्वारा अकेले 90 हजार रुपये रिश्वत लेना संभव नहीं लगता है। ऐसे में अन्य भी शामिल होंगे। लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है कि आरोपी ठेकेदार से 90 हजार रुपये रिश्वत कैसे ले सकता है। यदि क्लर्क ने अकाउंट ब्रांच के अन्य अधिकारियों की भूमिका का खुलासा किया तो कई अधिकारी लपेटे में आ सकते हैं।
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विजिलेंस ने एक अधिकारी व कर्मचारी को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है। एसई रवि शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के लिए सरकार को पत्र लिख दिया गया। जबकि, क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। - यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम
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विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं, उनकी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के बाद अन्य पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें आरोपियों द्वारा पहले लिए पैसे के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। मंगलवार को विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अकाउंट ब्रांच के दो-तीन अधिकारी पूरे दिन ऑफिस नहीं आए। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बयान के आधार पर निगम के अकाउंट और इंजीनियरिंग ब्रांच में कार्यरत कई पर शिकंजा कसा जा सकता है। इस पूरे मामले में अकाउंट ब्रांच के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बिना काम के एक ठेकेदार को 50 करोड़ रुपये का पेमेंट करने के मामले में अकाउंट शाखा के अधिकारियों के मिली भगत से हुआ था। बता दें कि विजिलेंस ने मंगलवार को निगम मुख्यालय से एसई और क्लर्क को 1.40 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। नगर निगम में भ्रष्टाचार का मामला पहले भी सुर्खियों में रहा है। इसमें इंजीनियरिंग व अकाउंट ब्रांच शामिल रहा है।
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गांव में चर्चा का विषय बना
आरोपी क्लर्क रवि शंकर महेंद्रगढ़ जिले के बाघोत गांव का है। दो भाइयों में वह सबसे बड़ा है। उसकी शादी 21 फरवरी को गौतमबुद्धनगर (यूपी) में होनी है। बाघोत के श्रीराम ने बताया कि रवि के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उसकी करीब दो साल पहले सरकारी नौकरी लगी थी। गांव वालों को बुधवार की सुबह पूरी जानकारी मिली। वहीं, नगर निगम सूत्रों की मानें तो क्लर्क द्वारा अकेले 90 हजार रुपये रिश्वत लेना संभव नहीं लगता है। ऐसे में अन्य भी शामिल होंगे। लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है कि आरोपी ठेकेदार से 90 हजार रुपये रिश्वत कैसे ले सकता है। यदि क्लर्क ने अकाउंट ब्रांच के अन्य अधिकारियों की भूमिका का खुलासा किया तो कई अधिकारी लपेटे में आ सकते हैं।
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विजिलेंस ने एक अधिकारी व कर्मचारी को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है। एसई रवि शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के लिए सरकार को पत्र लिख दिया गया। जबकि, क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। - यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम