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Faridabad News: पलवल-नूंह मार्ग को फोरलेन न करने पर किसानों ने जताई नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी ने पलवल-नूंह मार्ग को फोरलेन न किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। किसानों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने इस मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा आठ वर्ष पूर्व की थी और इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था। लेकिन अब केवल मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जो जनता के साथ धोखा है। जाट धर्मशाला पलवल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की। बैठक में किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर सिंह और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने की। महेंद्र चौहान ने कहा कि पलवल-नूंह मार्ग अत्यधिक व्यस्त मार्ग है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने और गड्ढों के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि यह मार्ग न केवल पलवल और नूंह जिलों को जोड़ता है, बल्कि केएमपी, दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा मार्ग, मानेसर, गुरुग्राम और राजस्थान तक जाने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। औद्योगिक क्षेत्रों से भारी मात्रा में माल ढुलाई होने के चलते इस सड़क का फोरलेन होना बेहद जरूरी है। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की है कि इस मार्ग को बिना किसी देरी के फोरलेन बनाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
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पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी ने पलवल-नूंह मार्ग को फोरलेन न किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। किसानों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने इस मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा आठ वर्ष पूर्व की थी और इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था। लेकिन अब केवल मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जो जनता के साथ धोखा है। जाट धर्मशाला पलवल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की। बैठक में किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर सिंह और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने की। महेंद्र चौहान ने कहा कि पलवल-नूंह मार्ग अत्यधिक व्यस्त मार्ग है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने और गड्ढों के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि यह मार्ग न केवल पलवल और नूंह जिलों को जोड़ता है, बल्कि केएमपी, दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा मार्ग, मानेसर, गुरुग्राम और राजस्थान तक जाने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। औद्योगिक क्षेत्रों से भारी मात्रा में माल ढुलाई होने के चलते इस सड़क का फोरलेन होना बेहद जरूरी है। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की है कि इस मार्ग को बिना किसी देरी के फोरलेन बनाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
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