फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Sandeep of Faridabad showed skill in polishing the stones of Shri Ram Temple

Faridabad News: श्रीराम मंदिर की शिलाओं को चमकाने में फरीदाबाद के संदीप ने दिखाया हुनर

Fri, 05 Jan 2024 10:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 10:58 PM IST
विज्ञापन
Sandeep of Faridabad showed skill in polishing the stones of Shri Ram Temple
10-10 टन की बंसी पहाड़पुर पत्थर से बनी शिलाओं को साफ कर चमकाया गया, चंपत राय का आया था बुलावा
विज्ञापन

पत्थरों पर लोगों द्वारा अलग-अलग प्रकार के उकेरे गए शब्दों और स्याही को हटाने में हुई सबसे अधिक मशकक्त
वीना शर्मा
फरीदाबाद। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर के उद्घाटन को लेकर पूरे शहर में उत्साह बना हुआ है। राम मंदिर की शिलाओं को चमकाने का काम कर चुके फरीदाबाद सेक्टर-19 के निवासी रामभक्त संदीप गर्ग अपने आप को सबसे ज्यादा सौभाग्य शाली मनाते हैं। संदीप खुशी जाहिर करते हुए कहते है कि उन्होंने जो सेवा इन पत्थरों को चमकाने में की वह इसका गुणगान नहीं करना चाहते, लेकिन उन्हें खुशी है कि इस मंदिर निर्माण में उन्हें कुछ श्रमदान करने का मौका मिला।
कई साल से अयोध्या में रखीं इन शिलाओं पर काई जम गई थी, जिससे पत्थर काले-पीले रंग के हो गए थे। संदीप गर्ग ने बताया कि इस काम के लिए वह और उनके कर्मचारी कई दिनों तक अयोध्या में रहे। करीब 13 प्रकार के रसायन का प्रयोग कर उन्होंने पत्थरों को चमकाया। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मशक्कत इन पत्थरों पर लोगों द्वारा अलग-अलग प्रकार के उकेरे गए शब्दों और स्याही को हटाने में हुई। संदीप गर्ग ने बताया कि उनके कर्मचारियों ने 10-10 टन की बंसी पहाड़पुर पत्थर से बनी शिलाओं को साफ कर चमकाया।
विज्ञापन


---
पेशे से इलेक्ट्रिक इंजीनियर संदीप बने प्रभु सेवा के लिए केमिकल शोधकर्ता

संदीप गर्ग ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कुछ नया करने का शौक रहा है। पढ़ाई के साथ साथ ही कई तरह के शोध किए। एक चुनौती के बाद उन्होंने रसायन का शोध किया। लेकिन उन्हें आज श्रीराम मंदिर निर्माण में सहयोग करने का मौका मिला। जिसके बाद उन्हें अपनी इस खोज पर गर्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---

महासचिव चंपत राय का आया था बुलावा
संदीप गर्ग बताते हैं कि जब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होना था, तो श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ऐसे एक्सपर्ट की आवश्यकता पड़ी, जो बड़ी-बड़ी शिलाओं को साफ कर सके। पिछले 30 साल से 10-10 टन की ये शिलाएं बरसात, आंधी, तूफान के चलते काली पड़ गई थीं। मंदिर निर्माण से पहले इन पत्थरों को साफ करने के लिए एक्सपर्ट की जरूरत महसूस की गई। इसके लिए उनके पास श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बुलावा आया। जिसके बाद उन्होंने अयोध्या जाकर इस काम भी शुरू कर दिया। ये शिलाएं बंसी पहाड़पुर पत्थर से निर्मित हैं, जिसे बलुआ पत्थर भी कहा जाता है। मंदिर की कार्यशाला में राम मंदिर की एक मंजिल के लिए करीब सवा लाख घन फुट पत्थर तराशकर रखे गए थे। लगभग 28 वर्षों से खुले आसमान में रखे जाने के कारण इन पत्थरों ने धूप, बरसात, गर्मी-सर्दी, सब कुछ सहन किया है। इसलिए इन पत्थरों पर काई जमने से इनका रंग-रूप बिगड़ गया था।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर के पुराने पड़ चुके पत्थरों को साफ करने के लिए स्टोन क्लीनर, एल्गो रिमूवर, स्टेन रिमूवर, रस्ट रिमूवर, सीमेंट रिमूवर, पेंट रिमूवर सहित 23 प्रकार के रसायनों का प्रयोग किया गया। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लिए जो पत्थर तराशे गए हैं, उनकी आयु लगभग एक हजार साल है।


संदीप गर्ग बताते हैं कि यह उनकी तकनीकी कार्य है। किंतु उन्हें सर्वाधिक खुशी इस बात की हो रही है कि राम मंदिर के निर्माण में लाखों और करोड़ों जन किसी न किसी प्रकार जुड़े हुए हैं। इस पुण्य कार्य में उनका भी अणु योगदान है। ऐसा पुनीत कार्य करके वे स्वयं को आह्लादित और बड़भागी अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रभु श्री राम के आभारी हैं कि उन्होंने अपने कार्य के लिए उनका चयन किया। उनके परिवार के सभी लोग भी इस कार्य से अत्यंत हर्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed